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संभाग के इकलौते हॉकी फीडर को बंद करने के बाद अब राष्ट्रीय खिलाड़ी देने वाले मैदान पर बैडमिंटन कोर्ट बनाने की तैयारी

हॉकी खिलाडि़यों ने भूमिपूजन का जताया विरोध, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन  

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Hockey players protested against badminton court

Hockey players protested against badminton court

नागौद. संभाग के इकलौते हॉकी फीडर को बंद करने के बाद अब राष्ट्रीय खिलाड़ी देने वाले हॉकी मैदान पर बैडमिंटन कोर्ट बनाने की तैयारी की जा रही है। क्षेत्र के हॉकी खिलाडि़यों ने विधायक और एसडीएम से मिलकर विरोध दर्ज कराया है। खिलाडि़यों का कहना है कि बैडमिंटन कोर्ट के लिए दूसरा स्थान चिह्नित किया जाए। खिलाडि़यों ने कहा कि प्रदेश और केंद्र की सरकार राष्ट्रीय खेल का बढ़ावा दे रही है। क्षेत्र की प्रतिभाओं को तराशने गांवों से लेकर शहरों तक नए हॉकी मैदान बनाए जा रहे हैं। वहीं नागौद के इकलौते हॉकी मैदान पर बैडमिंटन कोर्ट बनाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। जबकि इस मैदान ने राष्ट्रीय खेल को जीवित रखा है। हॉकी मैदान में रोजाना बड़ी संख्या में हॉकी खिलाड़ी अभ्यास करते हैं।

न कहने के बाद पहुंचे भूमिपूजन करने

खिलाडि़यों के मुताबिक भूमिपूजन से पहले विधायक से मुलाकात कर बैडमिंटन कोर्ट न बनाने का अनुरोध किया तो विधायक बोले कि एसडीएम को ज्ञापन दो, मैं भूमिपूजन नहीं करूंगा। खिलाडिय़ों ने ज्ञापन सौंपा। इसके बाद भी तय कार्यक्रम के अनुसार शाम 4 बजे विधायक नागेन्द्र सिंह ने भूमिपूजन किया।

खिलाडि़यों ने जताया विरोध

खिलाडिय़ों ने यह कहते हुए बैडमिंटन हाल बनाए जाने का विरोध किया कि यह संभाग का एकलौता मैदान है जो राष्ट्रीय खेल को जीवित रखे हुए है। प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली हॉकी की प्रतियोगिताओं में सर्वाधिक खिलाड़ी नागौद से चयनित होते हैं। पहले फीडर सेंटर के जरिए शासन स्तर से मिलने वाली मदद बंद कराई गई। अब मैदान छीनने की साजिश रची जा रही है। ज्ञापन देने में यशोवर्धन सिंह, विपिन केशरी, आदित्य मिश्रा, अविनाश मिश्रा, आकाश सिंह सहित अन्य हॉकी खिलाड़ी मौजूद रहे।

हॉकी खिलाडि़यों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराएंगे

इधर, विधायक नागेंद्र सिंह का कहना है कि हॉकी खिलाडिय़ों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह मैदान छोटा था, इसलिए इसे खेल विभाग के लिए आरक्षित कर बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण कराया जा रहा है। हॉकी खिलाडि़यों के लिए जल्द ही मैदान बनवाया जाएगा।

बैडमिंटन हाल का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन हॉकी खिलाडिय़ों के लिए भी तो व्यवस्था होनी चाहिए। पहले फीडर सेंटर और अब मैदान छीनकर आखिर प्रशासन क्या करना चाहता है?

हिमांशु वर्मा, सीनियर खिलाड़ी हॉकी

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