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सीजफायर उल्लंघन पर जमकर गरजे राजनाथ, बोले-सीमा पार से एक भी गोली आई तो करेंगे बेहिसाब फायर

रणमत सिंह की प्रतिमा अनावरण के अवसर पर बोले केंद्रीय गृहमंत्री

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सतना

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Suresh Mishra

May 21, 2018

Home Minister On Ceasefire Violation at border in satna visit

Home Minister On Ceasefire Violation at border in satna visit

सतना। कोठी में अमर शहीद ठाकुर रणमत सिंह की प्रतिमा का लोकार्पण करने पहुंचे केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अमर शहीदों की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। जिससे आने वाली पीढ़ी उनके शौर्य, पराक्रम, राष्ट्रभक्ति और बलिदान से प्रेरणा हासिल कर सके। इनकी पाठ्य पुस्तकों में चर्चा होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से कहा है कि अमर सेनानियों की जानकारी पाठ्य पुस्तकों में हो और वे इस दिशा में काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, हमने शहीदों के सम्मान को प्राथमिकता में रखा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा का श्रेय वे सेना और पुलिस को देना चाहते हैं। पाकिस्तान के साथ रिश्ते अच्छे रखने का प्रयास काफी किया गया। लेकिन वो बाज नही आए, सितंबर 2014 में 4 नागरिकों के मारे जाने के बाद हमने बीएसएफ के अफसरों को कह दिया था कि सफेद झंडा मत दिखाओ, अब एक भी गोली हमारी बेकार नहीं जानी चाहिए।

मई में शुरू हुआ था संग्राम
गृहमंत्री ने कहा कि इसी माह मई में 161 साल पहले स्वाधीनता संग्राम शुरू हुआ था। एक ज्वाला भड़की कि हमें अंग्रेजों को उखाड़ फेंकना है। तब नाना साहब पेशवा, कुंवर सिंह, लक्ष्मीबाई, मंगल पाण्डेय जैसे क्रांतिकारियों ने संग्राम छेड़ दिया था। तब संग्राम लोगों ने रियासतें बचाने के लिए किया। स्वाभिमान की व्याख्या करते हुए बताया कि कोई भी व्यक्ति स्वाभिमान से समझौता नहीं कर सकता। राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ी क्रांतिकारियों की गाथा बताते हुए प्रखर राष्ट्रीय स्वाभिमान की ज्वाला हर दिल में पैदा हो इसकी चिंता करनी चाहिए। आज के परिदृश्य में गरीबी, बेरोजगारी के संकट को समाप्त करने की भावना राष्ट्रीय स्वाभिमान ही है।

गद्दारी बनी फांसी की वजह
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि ठाकुर रणमत सिंह को फांसी पर चढ़ाया गया तो वो भी धोखे और गद्दारी से वरना अंग्रेजों की हैसियत नहीं थी कि युद्ध में उन्हें परास्त कर लेते। पहले जागीरों के लिए गद्दारी होती थी और आजादी के बाद सत्ता के लिए गद्दारी व देशद्रोह होने लगा, लेकिन मोदी का नेतृत्व मिलने के बाद देशद्रोहियों और आतंकियों को कुचलने का काम होने लगा। पहले छोटे-छोटे देश भी आंख दिखाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है।

आज बेरोजगारी देश का अभिशाप
गृहमंत्री ने स्वीकार किया कि आज गरीबी और बेरोजगारी देश का सबसे बड़ा अभिशाप है, इसलिए सरकार सशक्तऔर स्वावलंबी भारत की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने आगे बताया कि कल तक देश में पूंजी लगाने वाले डरते थे, लेकिन आज दुनिया के देश यहां निवेश करना चाहते हैं।

भ्रष्टाचार मुक्त सरकार
सिंह ने पूर्व की सरकारों के चाल चरित्र पर इशारों में हमला बोला। कहा कि 4 वर्ष की भाजपा सरकार में एक भी मंत्री ऐसा नहीं है जिनके दामन में दाग लगा हो। वहीं अटल सरकार में भी एक भी भ्रष्टाचार का मामला नहीं आया।

सांसद की मांग पर विचार
गृहमंत्री ने कहा कि सांसद ने जिले में सीआरपीएफ कैम्प की मांग की है। चूंकि यह देखने वाले मामले होते हैं। इसलिए सीधा आश्वासन नहीं दे सकते, लेकिन इस पर हम विचार करेंगे।

बांधे सीएम की तारीफों के पुल
राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की जमकर तारीफ की। कहा, एक अदना सा व्यक्ति भी किसी पद पर बैठ जाता है तो उसमें भी घमंड आ जाता है, लेकिन जो 14 वर्ष से एमपी का सीएम है उसमें बिल्कुल घमंड नहीं है। एक यात्रा के दौरान एक महिला के साथ बीमार बच्चे की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि बीच रास्ते वाहन रुकवाकर न केवल अस्पताल में भर्ती करवाया बल्कि पूरा इलाज कराया।

आज पूरा हुआ संकल्प : सांसद
सांसद गणेश सिंह ने कहा कि ठाकुर रणमत सिंह अप्रतिम योद्धा थे। उनका भाला 15 लोग लेकर चलते थे। दु:ख है कि डेढ़ सौ वर्ष बीत गए लेकिन जिनके पास 60 वर्षों तक सत्ता थी उन्होंने कभी ऐसे योद्धाओं को सम्मान, स्थान और पहचान देने का काम नहीं किया। प्रधानमंत्री के निर्देश पर निकाली गई तिरंगा यात्रा के दौरान मनकहरी पहुंचे थे। यहां स्थानीय जनों की भावनाओं को देखते हुए संकल्प लिया था कि उनकी प्रतिमा स्थापित की जाएगी और गांव के पहुंच मार्ग में गेट स्थापित किया जाएगा। जो आज पूरा हो रहा है।

मंत्री से हुई चूक
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बोल दिया। यह चूक बाद में काफी चर्चा में रही। इसी तरह से महापौर द्वारा कार्यक्रम के बीच से मंच छोड़ देने की भी चर्चा रही। बाद में बताया गया कि वे लौटते समय राजनाथ सिंह का सतना में स्वागत करने पहले चली आईं थी।

घोड़े पर सवार प्रतिमा स्थापित हो
राजनाथ ने कहा कि रणमत सिंह की प्रतिमा और बड़ी होनी चाहिए और घोड़े पर सवार होनी चाहिए और उनके हाथ में भाला होना चाहिए। बताया, इस पर सांसद गणेश सिंह ने कहा है कि मैं बनवाऊंगा और उसके अनावरण में भी आपको बुलाऊंगा। इस दौरान रमेश प्रताप सिंह द्वारा संकलित अमर शहीद ठाकुर रणमत सिंह पर रचित पुस्तक का विमोचन भी गृहमंत्री ने किया। अंत में सांसद गणेश सिंह ने संस्कृति और शक्ति के प्रतीक तुलसी का पौधा और तलवार गृहमंत्री को भेंट की।

याद किए गए तिलंगा और मांधाता
मंच का संचालन कर रहे जिला भाजपा उपाध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा कि यह वीरों की भूमि है। यहां तिलंगा ब्राह्मण जैसे क्रांतिकारी पैदा हुए जिनको फांसी से बचाने रणमत सिंह ने राज सत्ता से बगावत कर दी। वहीं कालिंजर किले के मुख्य तोपची मांधाचा चौबे रहे जिन्होंने मुगल आक्रांत शेरशाह सूरी को मौत के घाट उतारा।

बसपा विधायक का टैंकर
कार्यक्रम स्थल में बसपा से रैगांव विधायक ऊषा चौधरी का नाम लिखा टैंकर काफी चर्चा में रहा। लोगों की पेयजल व्यवस्था के लिए यह टैंकर भिजवाया गया था।

तहसीलदार को रोका
प्रोटोकॉल के तहत बांह में मजिस्ट्रेट की पट्टी न बांधने की वजह से तहसीलदार बीके मिश्रा को डी के अंदर जाने से पुलिस ने रोक दिया। बाद में हील हुज्जत के बाद अंदर भेजे गए।

ये जनप्रतिनिधि हुए शामिल
इस मौके पर प्रदेशाध्यक्ष और सांसद जबलपुर राकेश सिंह, विधायक सतना शंकरलाल तिवारी, विधायक मैहर नारायण त्रिपाठी, महापौर ममता पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष सुधा सिंह, विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सुभाष सिंह, जिलाध्यक्ष नरेन्द्र त्रिपाठी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गगनेन्द्र सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष पुष्पराज बागरी, पूर्व राज्यमंत्री जुगुल किशोर बागरी, पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार, प्रभाकर सिंह, पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य दयानंद कुशवाहा, राज्य महिला आयोग सदस्य अंजू सिंह बघेल, बीडी शर्मा, कामता पाण्डेय, पंकज सिंह सुदीप, आदित्य प्रताप सिंह, देवेन्द्र प्रताप सिंह, जिपं सदस्य उमेश प्रताप सिंह सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बडी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।