
in satna Section 144 implemented, arms carrying banned,
सतना. राम जन्म भूमि एवं बाबरी मस्जिद (अयोध्या विवाद) पर नवंबर माह में उच्चतम न्यायालय के निर्णय दिये जाने की संभावना के मद्देनजर जिला मजिस्ट्रेट सतेन्द्र सिंह ने जिले में 7 नवंबर से धारा 144 लागू कर दी है। जिले में साम्प्रदायिक सौहाद्र्र एवं शांति बनाए रखने के लिये ये निर्णय लिये गए हैं। धारा 144 लागू होते ही जिले में शस्त्र लेकर चलना और प्रदर्शन करना प्रतिबंधित कर दिया गया है। कर्मचारियों अधिकारियों के बिना सक्षम अनुमति के अवकाश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मुख्यालय में रहने अनिवार्य किया गया है। इतना ही नहीं इस आदेश के बाद अब एक स्थान पर चार से अधिक लोग एक समूह के रूप में एकत्र नहीं हो सकेंगे। इसका उल्लंघन पाए जाने पर भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जारी आदेश में बताया गया है कि पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न माध्यमों से यह तथ्य संज्ञान में लाया गया है कि अयोध्या विवाद के निर्णय पर प्रतिक्रिया हो सकती है। ऐसे में साम्प्रदायिक सौहाद्र्र एवं शांति बनाए रखने विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों और संगठनों की बैठक आयोजित की गई। जिसमें सभी ने जिला प्रशासन से कानून व्यवस्था बनाए रखने हर संभव एहतियाती कदम उठाने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 से लेकर आवश्यकता पडऩे पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई किये जाने की कार्यवाही का अनुरोध किया गया। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा है कि जिले में यद्यपि हिन्दू मुस्लिम एकता एवं भाईचारे की मिसाल कायम रही है। फिर भी अयोध्या विवाद के आने वाले निर्णय के देश व्यापी प्रतिक्रिया के मद्देनजर संपूर्ण सतना जिले में धारा 144 लागू की जाती है।
मुख्यालय में रहना अनिवार्य
धारा 144 लागू करने के साथ ही डीएम ने आदेशित किया है कि जिले में तैनात केन्द्र एवं राज्य सरकार के सभी शासकीय, अर्ध शासकीय कार्यालयों, निगम, मंडल एवं बोर्ड आदि के अधिकारी कर्मचारी बिना लिखित सक्षम अनुमति के अवकाश पर नहीं जाएंगे। सभी का मुख्यालय में रहना अनिवार्य कर दिया गया है।
अस्त्र शस्त्र लेकर चलना प्रतिबंधित
जिले की सीमा के अन्दर सभी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र लेकर चलना तथा उनका प्रदर्शन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। इसमें न्याधिपति, न्यायाधीश, प्रशासनिक अधिकारी, सुरक्षा एवं किसी अन्य शासकीय कर्तव्य पालन के समय ड्यूटी में लगाए गए सुरक्षा बलों, अर्धसैनिक बलों, पुलिस कर्मियों, बैंक के गार्ड सहित कैश वैन के गार्ड को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।
लाठी डंडा लेकर चलना भी प्रतिबंधित
जिले के अंदर किसी भी प्रकार के विस्फोटक, आयुध आदि तथा ऐसी सामग्री जिससे खतरा उत्पन्न हो सकता है तथा किसी प्रकार के हथियार जैसे लाठी, डंडा, फावड़ा, गैती, बल्ला, हॉकी, धारदार हथियार आदि का प्रदर्शन किया जा सकेगा न ही प्रयोग होगा और न ही लेकर चल सकेगा।
नहीं खड़े होंगे एक साथ चार लोग
धारा 144 में आदेशित किया गया है कि किसी भी सार्वजनिक स्थान पर चार या चार से अधिक व्यक्तियों के समूह में एकत्रित होने, किसी भी प्रकार का जुलूस, मौन जुलूस, सभा, आम सभा आदि करने पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया गया है। किसी भी कार्यक्रम के लिये आवेदन सक्षम अधिकारी एवं पुलिस अधिकारी के अभिमत के साथ 72 घंटे पहले प्रस्तुत किया जाना आवश्यक होगा। अनुमति प्राप्त होने पर आवेदक की जिम्मेदारी होगी कि वह पूरे कार्यक्रम की वीडियोग्राफी कराएंगे। कार्यक्रम शांति पूर्ण व हिंसा रहित हो यह जिम्मेदारी आयोजक संस्था की होगी।
बिना आईडी होटल में रोकने पर प्रतिबंध
किसी भी होटल, धर्मशाला, लॉज के मालिक व प्रबंधन को ताकीद की गई है कि वे बिना सही पहचान प्रमाण के किसी को अपने यहां रुकने नहीं देंगे। रुकने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी रजिस्टर में संधारित करना होगा। प्रतिदिन थाने को इसी सूचना देनी होगी।
सोशल मीडिया के उपयोग पर सख्ती
जिले के अंदर सोशल मीडिया के साधन जैसे फेसबुक, वाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम आदि के माध्यम से विरुपित चित्र या आपत्तिजनक दृश्य या पोस्ट प्रसारित होने व इंटरनेट के माध्यम से वैमनष्यत की अभिव्यक्ति की पोस्ट करने से आमजन की भावनाएं आहत होकर लोक व्यवस्था को खतरा होने की स्थिति के उदाहरण आए हैं। इसलिये ऐसी किसी भी आपत्तिजनक फोटो, पोस्ट और अवैधानिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
Published on:
08 Nov 2019 01:21 am
बड़ी खबरें
View Allसतना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
