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उद्यमी सिर्फ प्रोप्राइटर तक सीमित न रहे, बल्कि कुछ नया करें जिससे भविष्य है: राजेश मिश्रा

एक दिवसीय औद्योगिक प्रेरणा कार्यशाला प्रारंभ

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Industrial motivation workshop in satna

Industrial motivation workshop in satna

सतना. औद्योगिक प्रेरणा को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन सोमवार को होटल साईं छाया में की गई। बताया गया कि सूक्ष्य एवं लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रर्वित सेमिनार किया गया। जहां जिले के सूक्ष्य एवं लघु और मध्यम उद्योग में संलग्न कुल २० उद्यमियों के लिए उद्यमिता विकास केन्द्र एवं जिला उद्योग संघ के संयुक्त प्रयास से आयोजन किया गया। कहते है कि औद्योगिक प्रेरणा कार्यशाला का मुख्य उददेश्य एमएसएमई पॉलिसी की जानकारी, औद्योगिक प्रोत्साहन योजना, जिले में एग्रोवेस फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री की संभावनाएं निर्यात नीति व प्रोत्साहन कार्यक्रम पर उद्यमियों को जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में सेवानिवृत महाप्रबंधक उद्योग एपी सिंह, सतना जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष गोपी गेलानी, महामंत्री मानवेन्द्र ओबेराय, महाप्रबंधक उद्योग विभाग आरके सिंह, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक एपीसी वर्मा, एकेएस विवि फूड टेक्नालाजी के विभागध्यक्ष राजेश मिश्रा एवं प्रोफेसर वीरेन्द्र पाण्डेय, उद्यमिता विकास केन्द्र सैडमैप जिला समन्वयक अशोक त्रिपाठी द्वारा औद्योगिक प्रबंधन एवं विकास की बात बताई गई। इस दौरान हितग्राहियों की समस्याओं का समाधान किया गया।

सतना का उद्योग खो रहा अपना स्थान: एपी सिंह
एपी सिंह ने कार्यशाला में कहा कि सतना जिले में उद्योग की अपार संभावनाएं है। थोड़ा उद्यमी और थोड़ा विभाग हाथ बढ़ाए तो सतना का उद्योग प्रदेश भर में चर्चित होगा। कहा कि शुरुआती दौर में सतना के उद्योगों की बात इंदौर तक होती थी। लेकिन कुछ दिनों से सतना का उद्योग अपना स्थान खो रहा है। राजेश मिश्रा ने सेमिनार में बताया कि आज के युवा उद्यमी सिर्फ प्रोपाइटर तक सीमित न रहे। बल्कि कुछ नया करें जिसमे भविष्य है। इस बात का जरूर ध्यान रखें कि उद्योग की शुरुआत में रिसर्च अच्छी होनी चाहिए। शुरुआती दौर में रा मटेरियल कहां से आएगा। कितने में उद्योग लगेगा। किस बाजार में माल विकेगा। ये सब बात पहले से फ्री प्लानिंग होनी चाहिए। मतलब आप अगर कोई भी उद्योग लगाएं तो मार्जिन अच्छी मिलेगी तो उद्योग अपने आप सक्सेज होगा।