कोल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय की कमल स्पांज एंड स्टील प्रा. लिमिटेड सगमा पर कार्रवाई
सतना। कोल घोटाले में सतना के उद्योगपति पवन अहलूवालिया की कंपनी कमल स्पॉन्ज एंड स्टील प्रा. लिमिटेड (केएसएसपीएल) की 32 करोड़ की संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कुर्क कर ली है। यह कार्रवाई प्रीवेंट ऑफ मनी लॉड्रिंग एक्ट २००२ के तहत की है। इसमें कंपनी की सगमा स्थित जमीन, मशीनरी और पावर प्लांट कुर्क की गई है।
जब कोल घोटाला सामने आया था, तो सीबीआई ने उद्योगपति पवन अहलूवालिया की सतना के सगमा स्थित कंपनी केएसएसपीएल के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया था। इस कंपनी को दो कोल ब्लॉक आवंटित हुए थे। जांच के दौरान ही कंपनी की बेनामी संपत्ति की जांच भी शुरू हुई थी।
सीबीआई की रिपोर्ट को खारिज कर दिया
सीबीआई ने बेनामी संपत्ति की खात्मा रिपोर्ट विशेष कोर्ट में पेश भी कर दी थी, लेकिन कोर्ट ने सीबीआई की रिपोर्ट को खारिज कर दिया। बाद में हाईकोर्ट ने बेनामी संपत्ति प्रकरण पर संज्ञान लिया और जांच की जिम्मेदारी ईडी को सौंपी। ईडी ने जांच में पाया कि कंपनी ने ओडिशा व दिल्ली में बेनामी संपत्ति बनाई है। उस पर कार्रवाई करते हुए कुर्की की कार्रवाई की।
मई में भी हुई कार्रवाई
आयकर विभाग ने उद्योगपति पवन कुमार अहलूवालिया की 7.7 करोड़ की बेनामी संपत्ति मई २०१७ में जब्त की थी। अहलूवालिया ने अपने सीमेंट कंपनी केजेएस के ड्रायवर सुंदर कोल के नाम संपत्ति एकत्रित की थी। ड्रायवर के नाम से मैहर के भदनपुर में आदिवासियों की 2.8 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी। यह सौदा करीब 7.7 करोड़ में हुआ था।
नेटवर्थ ज्यादा दिखाना भारी
अहलूवालिया की कंपनी केएसएसपीएल ने कोल ब्लॉक के आवंटन में हिस्सा लिया था। कोल ब्लॉक पाने के लिए कंपनी की नेटवर्थ व क्षमता ज्यादा बताई गई थी। कई ऐसी संपत्तियां भी जोड़कर दिखाई गईं थीं, जो कंपनी की पहले की ऑडिट में नहीं थीं। इस तरह कंपनी केएसएसपीएल दो कोल आवंटन हासिल करने में सफल भी रही। इसी जांच के दौरान बेनामी संपत्ति का मामला उजागर हुआ था।