22 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अनूठी पहल: पुलिस के अन्नपूर्णा में मिलेगा कम कीमत पर अच्छा खाना

एसपी की सोच को टीआइ कर रहे साकार, चित्रकूट में पुलिस कर्मियों को मिलेगा लाभ

2 min read
Google source verification
food allowance in school

Initiative: Good food will be available in the Annapurna of police

सतना. दस्यु प्रभावित चित्रकूट में तैनात पुलिस कर्मियों के लिए राहत भरी खबर है। अब तक होटल में खाना खाने वाले पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को अब पुलिस के अन्नपूर्णा में कम कीमत पर अच्छा खाना मिलेगा। इसकी शुरूआत नयागांव थाना के निरीक्षक संतोष तिवारी करने वाले हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल की इस सोच को साकार करने के लिए तेजी से काम भी शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि अगस्त के महीने में ही अन्नपूर्णा की शुरूआत कर दी जाएगी। यह एक अनूठी पहल है, जिसका लाभ दस्यु प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले पुलिस कर्मियों को मिलेगा।
निजी खर्च से शुरूआत
नयागांव थाना के टीआइ संतोष तिवारी ने बताया, थाना स्तर पर मेस शुरू करने की मंशा खुद एसपी रियाज इकबाल की थी। थाने के सामने ही एक भवन बना हुआ है जिसमें अन्नपूर्णा के नाम से मेस शुरू किया जा रहा है। इसके लिए शुरूआती खर्च निजी तौर पर किया गया है। मेस के लिए बर्तन, गैस, डायनिंग टेबल और एक अलमारी की व्यवस्था कर ली गई है। एक फ्रिज की जरूरत है जिसे बचत के पैसों से मंगा लिया जाएगा।
एक टेबल पर खाना
भवन की रंगाई पुताई के लिए नगर पंचायत चित्रकूट की मदद ली गई है। यहां एक टेबल बनवाया जा रहा है जिसमें एक साथ आठ व्यक्ति बैठकर खाना खा सकेंगे। खाना बनाने और अन्नपूर्णा के रख रखाव के लिए एक रसोइया को जिम्मेदारी दी गई है। जिसे आठ हजार रुपए महीने दिया जाएगा। थाने के ही एक सिपाही की जिम्मेदारी तय की जाएगी जो यहां पर खाना खाने वालों का रजिस्टर मेंटेन करेगा। पुलिस के अन्नपूर्णा में सुबह का नाश्ता, चाय फिर दोपहर और रात का भोजन बनेगा। इसके अलावा शाम को चाय की व्यवस्था भी होगी।
अभी 25 पुलिसकर्मी
निरीक्षक तिवारी ने बताया, दस्यु प्रभावित क्षेत्र होने के कारण थाना में तैनात अधिकांश पुलिस बल परिवार के बिना रहता है। एेसे में सभी होटल में खाना खाते हैं। इसका खर्च हर महीने 3 से 4 हजार रुपए तक आता है। अन्नपूर्णा शुरू होने के बाद यह खर्च आधा हो जाएगा और खाना भी अच्छा मिल सकेगा। कई बार जंगल सर्चिंग के बाद पुलिस बल, एसएएफ जवान देर रात लौट पाते हैं। एेसे मेें होटल में भी खाना मिलना मुश्किल होता है। इस समस्या से भी निजात मिल सकेगी। यहां खाने के लिए आने वाला अगर कोई पुलिस कर्मी छुट्टी पर जाता है तो उसे बताना होगा, ताकि उस दिन उसके हिस्से का खाना न बने। इसके साथ ही महीने जो राशि प्रतिदिन के हिसाब से उसकी होगी उसमें भी उन दिनों की कटौती कर दी जाएगी। मौजूदा समय में एसडीओपी कार्यालय और नयागांव थाना के साथ एसएएफ के करीब 25 अधिकारी व कर्मचारी एेसे हैं जो अन्नपूर्णा में भोजन के लिए तैयार है।