
Inspector made it to the band to show I.G. Police Assistance Center
जिले के दौरे पर आने वाले आइजी को दिखाने के लिए एक दरोगा ने बैंड की दुकान को ही पुलिस सहायता केन्द्र बना दिया। कुछ दिनों के लिए बतौर किराए पर ली गई यह दुकान एक दशक बाद भी उसके मालिक को वापस नहीं मिली। दुकान को लेने वाले दरोगा भी तबादले पर यहां से वहां होते रहे। जब दुकान मालिक ने पुलिस के आला अफसरों का दरवाजा खटखटाया तो जांच शुरू कर दी गई। कई दफा जांच होने के बाद भी दुकान मालिक खाली हाथ है। मंगलवार को वह फिर से फरियाद लेकर पहुंचा। ताकि अब तक का किराया और उसकी दुकान वापस मिल सके।
सतना. कोलगवां थाना इलाके के टिकुरिया टोला में पानी की टंकी के पास चौराहे में जो पुलिस सहायता केन्द्र के नाम से गुमटी रखी है, असल में वह बैंड पार्टी की दुकान थी। दुकान मालिक सोहन लाल बनाफर ने कर्ज लेकर यह दुकान बनाई थी। इसमें पवन बैंड के नाम से कारोबार शुरू करने के बाद बनाफर परिवार आजीविका चला रहा था। तभी एक दिन थाने से दरोगा आए और उन्होंने आइजी का दौरा बताकर कुछ दिनों के लिए दुकान लेकर पुलिस सहायता केन्द्र बना दिया। इसके बाद से आज तक अपनी ही दुकान के लिए सोहन लाल एडि़यां घिस रहा है।
एसपी से भी फरियाद
फरियादी सोहन लाल ने पुलिस अधीक्षक सतना को भी १६ जुलाई को लिखित आवेदन देते हुए कार्रवाई की मांग की है। उसने आवेदन में लिखा है कि करीब एक दशक पहले थाना कोलगवां में पदस्थ रहे दरोगा दिवाकर प्रसाद मिश्रा उसकी दुकान आए थे। उन्होंने पुलिस सहायता केन्द्र बनाने के लिए दुकान मांगी और आइजी का दौरा होने के बाद वापस कर देने को कहा। इसके एवज में दुकान का किराया देने की बात भी हुई थी। फरियादी का कहना है कि जब कई महीने बाद उसने अपनी दुकान और किराया मांगा तो दरोगा मिश्रा ने पुलिसिया रौब दिखाकर उससे दो टूक कह दिया कि जब तक वह सतना में हैं तब तक दुकान नहीं मिलेगी।
जर्जर होने लगी दुकान
मौजूदा समय में इसी गुमटी में पुलिस कर्मी ड्यूटी के लिए बैठते हैं। गुमटी के पीछे ही बाइक सुधारने वाले ने अपना काम शुरू कर दिया था। जिससे गुमटी जर्जर होने लगी है। इस मामले में पूर्व में सीएसपी सतना भी जांच कर चुके हैं। जांच में भी यह पाया गया कि गुमटी सोहन लाल की है। लेकिन गुमटी मालिक के पक्ष में कार्रवाई नहीं हो सकी। एेसे में फरियादी ने अब दरोगा डीपी मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही उसकी फरियाद है कि दुकान का किराया और कब्जा दोनों ही उसे दिलाया जाए। जानकारी मिली है कि कुछ महीने पहले ही दरोगा डीपी मिश्रा का सतना जिले से तबादला हो चुका है।
"यह मामला अभी मेरे संज्ञान में आया है। जांच कराई जाएगी। जो तथ्य सामने आएंगे कार्रवाई होगी।"
- विजय प्रताप सिंह परिहार, सीएसपी, सतना
Published on:
07 Aug 2019 05:12 pm
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