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CRIME जेल से छूटने के बाद जौनपुर के शातिर अपराधी जेडी व दीपक पटेल ने रची थी लूट की साजिश

सतना का बहुचर्चित मुनीम हत्याकांड

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 robbery and murder with accountant

11 आरोपियों ने मिलकर दिया था लूट की घटना को अंजाम

सतना. 6 मार्च को सर्किट हाउस चौक के पास सेँट्रल बैंक के सामने कंपनी के मुनीम की गोली मार कर हत्या व 22 लाख की लूट की सनसनीखेज घटना का सतना पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। शहर में दिनदहाड़े अंजाम दी गई लूट व हत्या के बहुचर्चित मामले सहयोग करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जबकी घटना को अंजाम देने वाले पांचों शातिर अपराधी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं और उनकी गिरफ़्तारी के लिए सतना पुलिस की चार टीमे लगातार यूपी के जैनपुर व अन्य जगहों में छापेमारी कर रही है। घटना का खुलासा करते हुए एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया की लूट की घटना में सतना जिले के पांच तथा यूपी के जौनपुर जिले के छह शातिर अपराधी शामिल थे।

सतना जेल से छूटे बदमाश ने रची थी साजिश

बैंक डकैती की साजिश सतना केन्द्रीय जेल में बंद शातिर अपराधी जिलेदार उर्फ जेडी उर्फ छोटू यादव पिता मुरली यादव 35 वर्ष निवासी जेंडलपुर थाना महाराजा गंजास जिला जौनपुर उत्तर प्रदेश 30 दिसंबर को जेल से रिहा होने के बाद रामपुर िस्थत दीपक ढाबे में ढाबा संचालक दीपक सिंह पटेल के साथ मिलकर रची थी। दोनों ने मिलक शराब कंपनी के वैन की रैकी की। जब प्लान तैयार हो गया तो लूट की घटना को अंजाम देने जेडी ने अपने गृह जिले जौनपुर से पांच नामी शूटर सतना बुलाए। इधर दीपक पटेल ने अपने स्थानीय संपर्कों का इस्तेमाल करते हुए आपराधिक प्रवित्ती के 4 अन्य लोगों को घटना में शामिल किया था।
दो रात सतना व तीन रात रैगांव में रूके

एसपी ने बताया की जेडी के बुलाबे पर शार्प शूटर सुभाष यादव अपने दो साथियों शिवम उर्फ पोनू सरोज व आनंद सागर यादव के साथ स्वीफ्ट कार में सवार होकर यूपी लौनपुर से चाकघाट होते हुए सतना पहुंचे वही दो आरोपी नीलेश उर्फ नीलू यादव व अभिषेक निषाद ट्रेन से सतना पहुंचे। यह आरोपी पांच दिन सतना में रुके और जेडी व संदीप के साथ मिलकर पांच दिन में डकैती का पूरा प्लान तैयार किया।

बदमाशों ने 2 व 3 मार्च को मारुति सुजुकी वर्क्शाप में गाड़ी भी बनवाई थी। दीपक सिंह द्वारा लोकल सपोर्ट में कुल 5 लोगों को लगाया गया था। उत्तर प्रदेश से बुलाए गए पांच आरोपियों को शुरुआती दो दिन लोकल सपोर्ट राहुल जायसवाल के सतना आवास में रुकवाया गया। आरोपियों द्वारा 2 एवं 3 मार्च को कैश वैन की रेकी भी गई थी एवं अगले तीन दिन रैगांव में मनीष सिंह के यहां उसके घर में ही रुकवाया गया। 3 एवं 4 मार्च की दरमियानी रात मनीष सिंह के रैगांव वाले आवास पर सभी उपस्थित रहे। सभी ने योजना बनाई और 4 तारीख को अमरपाटन थाना क्षेत्र में कट्टे की नोक पर एक बाइक लूटी उसके बाद 5 तारीख को भी थाना कोटर क्षेत्र के अबेर में कट्टे की नोक पर एक अन्य बाइक की लूट की घटना को अंजाम दिया। जिसमें 4 तारीख को लूटी गई मोटरसाइकिल का इस्तेमाल भी किया गया।
कार के द्वारा मनीश सिंह तक पहुंची पुलिस

लूट व हत्या की घटना के बाद पुलिस ने घटना स्थल व उसके आसपास लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के फुटेजों का अवलोकन करने के साथ ही तकनीकी विश्लेषण कर अज्ञात आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे थे।तभी टीम को घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल के फुटेज देखने पर पता चला की एक ब्लैक फिल्म लगी स्विफ्ट डिज़ायर गाड़ी दोनों मोटरसाइकिल के साथ-साथ कई कैमरों मे देखि गई जिस पर पुलिस का शक और गहरा होता चला गया। फुटेज मे देखने पर संदेहास्पद स्विफ्ट डिज़ायर गाड़ी जिला जौनपुर उत्तरप्रदेश राज्य के पते से रजिस्टर होना पाया गया। देखने पर पता चला की घटना के बाद यह वाहन रैगांव की तरफ निकला है।सिविल में लगी पुलिस टीम को मुखबिर से पता चला की यह गाड़ी रैगांव में मनीष सिंह के यहा पर खड़ी देखी थी। पुलिस टीम द्वारा संदेही मनीष सिंह को हिरासत मे लिया गया और कड़ाई से पूछताछ करने पर मनीष ने सम्पूर्ण घटनाक्रम का खुलासा कर दिया। मनीश ने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद पांचों आरोपी बाइक छोड़कर स्विफ्ट डिजायर कार से बरगढ़ चित्रकूट होते हुए प्रयागराज मार्ग से केराकट जौनपुर भाग गए।
किस आरोपी ने क्या किया
दीपक सिंह पटेल-घटना स्थल के आसपास ही मौजूद रहा एवं आरोपियों से सतत संपर्क में रहा।स्थानीय होने के कारण सामने न आते हुए बैकग्राउंड सपोर्ट दे रहा था।

दीप नारायण पांडे- घटनास्थल के आसपास ही मौजूद रहा एवं आरोपियों से सतत संपर्क मे रहा।स्थानीय होने के कारण सामने न आते हुए बैकग्राउंड सपोर्ट दे रहा था।साथ में तैयार भी थे की यदि कोई गड़बड़ हो जाती तो आरोपियों की मदद के लिए पहुच जाते।
मनीष सिंह- आरोपियों को पनाह देना अपने रैगांव स्थित आवास पर रुकवाना। घटनास्थल के आसपास घूम रहा था।इसी के रैगाव वाले आवास पर सम्पूर्ण घटनाक्रम की योजना बनाई गई थी।एवं सभी को उनके कामों के बारे में बताया गया था।
राहुल जायसवाल-आरोपियों को पनाह देना अपने सतना स्थित आवास पर रुकवाना।घटना स्थल के आसपास घूम रहा था।शहर मे कैश वैन की रैकी सतना मे रहकर ही की गई थी।
गौरव सिंह बरगाही- मनीष का परिचित जो आरोपियों के खाने-पीने की व्यवस्था देख रहा था साथ ही रैगांव से कोठी का रास्ता इसी के द्वारा दिखाया गया।
सुभाष यादव- पेशेवर अपराधी।जेडी का खास आदमी जिसे जेडी ने जौनपुर से घटना को अंजाम देने के लिए बुलाया था।मृतक पर गोली चलाकर हवाई फ़ायरिंग करने वाला आरोपी। घटना अंजाम देने के बाद शिवम सरोज के पीछे बाइक में बैठकर भागा था।
शिवम उर्फ पोनू सरोज- घटना के बाद बाइक चलाकर सुभाष यादव के साथ भागा बाइक यही चला रहा था।
आनंद सागर यादव-स्विफ्ट डिजायर कार नंबर यूपी14 सीसी 7730 का ड्राइवर हाईवे के पास खड़ा हुआ था जो सुभाष यादव को फोन पर कैशवैन की लोकेशन दे रहा था।
नीलेश उर्फ नीलू यादव- पल्सर बाइक पर सबसे पीछे बैठा हुआ आदमी अभिषेक एवं जेडी के साथ पल्सर से भागा।
अभिषेक निषाद-पेशेवर अपराधी एवं घटना में पल्सर बाइक चलाकर जेडी और निलेश यादव के साथ भागने वाला व्यक्ति।
जिलेदार उर्फ जेडी उर्फ छोटू यादव- पीले गमछे से मुंह ढकने वाला व्यक्ति जो पल्सर में बीच में बैठकर भागा है।
गिरफ्तार आरोपी
1.मनीष सिंह बरगाही पिता अमरजीत उर्फ उमेश बरगाही 24 वर्ष निवासी सोनवर्षा थाना कोटर हाल निवासी दुर्गा नगर नई बस्ती कोलगवां। 2.गौरव सिंह बरगाही पिता सतीश सिंह बरगाही 28 वर्ष निवासी रैगाव थाना सिंहपुर।

3.दीप नारायण उर्फ दीपक पांडे पिता आदित्य पांडे उम्र 32 निवासी सोहास कोटर ।