15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चैक बाउंस मामले में केजेएस सीमेंट के डायरेक्टर सहित 8 पर मामला दर्ज

कोयला व्यवसायी को कम्पनी ने दिए थे चैक, कम्पनी पर 5 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान बकाया, कोतवाली पुलिस ने दर्ज किया मामला

2 min read
Google source verification

image

Suresh Kumar Mishra

Mar 09, 2016


सतना/
कटनी
सतना जिले की केजेएस सीमेंट कम्पनी द्वारा कटनी के एक कोयला व्यापारी को करोड़ों रुपये का भुगतान करने के नाम पर धोखाधड़ी की गई। पीडि़त की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने केजेएस कंपनी के डायरेक्टर समेत 8 अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। कंपनी ने व्यापारी से खरीदे गए सामान का भुगतान चैक के माध्यम से किया था। चैक बाउंस हो जाने तथा कई बार कंपनी से संपर्क करने के बाद भी जब व्यापारी को भुगतान नहीं किया गया तो उसने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।

इन पर मामला दर्ज
कोतवाली टीआई एसपीएस बघेल ने बताया कि व्यापारी अनुराग जैन की शिकायत पर केजेएस सीमेंट लिमेटेड, डायरेक्टर पवन कुमार अहलूवालिया, एडिशनल डायरेक्टर कमलजीत सिंह अहलूवालिया, प्रशांत कुमार अहलूवालिया, नीरज कुमार वर्मा, वाइस प्रेसीडेंट एलएम शर्मा, राजेश त्रिपाठी, केएस सिंधवी और एनके शर्मा पर धाराओं 418, 420, 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

ये है मामला
महावीर कोल डिपो रिसोर्सेस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अनुराग पिता उत्तमचंद जैन ने पुलिस को बताया कि केजेएस सीमेंट लिमिटेड कंपनी द्वारा उनके डिपो से 20 नवम्बर 2012 से कोयले की खरीदी की जा रही है। व्यापारी को 1 अप्रैल 2014 तक कंपनी से कोयले के भुगतान के रूप में 5 करोड़ 44 लाख रुपए से अधिक रुपये लेने थे। इस दौरान कंपनी ने चैक के माध्यम से 10 लाख रुपये का भुगतान किया, लेकिन शेष राशि 5 करोड़ 34 लाख रुपये नहीं दिए गए।

कंपनी ने व्यापारी को आश्वासन दिया कि व्यापार चालू रखें शीघ्र ही भुगतान कर दिया जाएगा। व्यापारी ने शिकायत में पुलिस को बताया है कि कपंनी द्वारा राशि भुगतान के लिए महावीर कोल डिपो रिसोर्सेस प्राइवेट लिमिटेड को मार्च व अप्रैल 2015 में 25-25 लाख रुपए के चार चैक दिए गए। उसने जब भुगतान के लिए चैक बैंक में प्रस्तुत किया तो उसे सीमेंट कम्पनी के खाते में राशि नहीं होने की जानकरी बैंक प्रबंधन ने दी। इसके बाद कोयला व्यापारी ने कम्पनी से सम्पर्क कर खाते में राशि उपलब्ध कराने के लिए कहा। उसने पुन: चैक बैंक में लगाया, लेकिन भुगतान नहीं हो सका।

ये भी पढ़ें

image