
koi aur rasta drama by lok rang samiti
सतना. एडिटोरियम में नाटक 'कोई और रास्ता' का मंचन हुआ। एक स्त्री की मनोदशा की व्यथा का वर्णन किया गया, जो थक हार कर कोई और रास्ता चुनने के लिए मजबूर हो जाती है, उसका जीवन एक अनसुलझी कहानी पर समाज के कटाक्ष करती प्रस्तुति ने दर्शकों से कई प्रश्न किए । नाटक एक घंटे का रहा। कहानी लेखन प्रताप सहगल और निर्देशन मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय भोपाल से पास आउट विकास सोनी ने किया। प्रस्तुति लोकरंग समिति ने की। मुख्य अतिथि संतोष खरे, विशेष अतिथि प्रहलाद अग्रवाल, सुभाष सिंह और रचना सिंह रहीं।
और मजबूर हो कर पति को देना पड़ता है तलाख
इस नाटक में इंदु यानी पूजा सेन और महेश यानी एंथोनी दोनों की मुख्य भूमिका पति पत्नी की है। इंदू साधारण परिवार की लड़की है। शादी के पहले महेश और इंदु एक दूसरे से प्रेम करते हैं। दोनों की लाइफ अच्छे से गुजर रही थी। एक दिन दोनों की शादी हो गई। एक साल बाद दोनों के बीच में पहले वाली बात नहीं रही। इंदू का पति फिलकली कमजोर हो गया जिसके चलते वह अपनी वाइफ को खुश नहीं रख पाता। वो इस बात को समझने के बजाय उल्टा इंदू पर ही अरोप लगाता, दारू पी कर पिटाई करता। तीन साल बाद इंदू ने अपनी मित्र को खत लिखा जिसमें उसने अपने पति की सच्चाई लिखी। पर उस पत्र को उसका पति महेश देख लेता है। इसके बाद वो आग बाबूला होकर इंदू को जमकर मारता है और उसे घर से निकाल देता है। फिर इंदू की मित्र उसे अपने पास रखती है। और दोनों के बीच डिवोर्स करा देती है। इंदू उस दौरान भी अपने पति से मिलना चाहती है पर वो मिल नहीं पाती। अंत में उसकी शादी कही और हो जाती है। जिसके बाद महेश बहुत पछताता है और अंत में इस बात का अफसोस कर इंदू से रोता है। इस नाटक में कलाकार रूपाली कृष्णानी, अभिलाष सोनी, पायल गुप्ता, वंशिका श्रीवास्तव, हर्ष सिंह, युवराज अमर और देवेंद्र का अभिनय भी सराहनीय रहा। संस्था की निर्देशक सविता दहिया व द्वारिका दहिया ने सभी का आभार व्यक्त किया।
Published on:
17 Sept 2019 09:54 pm
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