
krishi upaj mandi Chintan shivir in Satna MP Bhavantar yojna
सतना। खेती-किसानी की उत्पादन लागत दिनों दिन बढ़ती जा रही है। सरकार द्वारा वृद्धि के अनुपात में किसानों को उपज मूल्य नहीं दिया जा रहा है। किसान जब अनाज पैदा करता है तो फसलों के रेट गिर जाते हैं। बीते वर्ष दलहनी फसल चना, मसूर, उड़द, तुअर, प्याज, टमाटर व आलू के भाव में यही हुआ था। न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने वाली कमेटी में खेती-किसानी का जानकार नहीं होता है।
हाल ही में राज्य सरकार द्वारा लागू की गई भावान्तर योजना किसानों को लूटने वाली सरकारी योजना है। यह जानबूझकर किसानों की बजाय व्यापारियों को सीधा लाभ प्रदान करने के लिए बनाई गई है। यह बात भारतीय किसान यूनियन जिला इकाई द्वारा कृषि उपज मंडी में आयोजित दो दिवसीय किसान चिंतन सम्मेलन में यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकेट ने कही।
शीघ्र निराकरण पर मंथन किया
सम्मेलन में प्रदेश के किसानों की समस्याओं और उनके शीघ्र निराकरण पर मंथन किया गया। किसानों की वर्तमान दशा के लिए वक्ताओं ने राज्य और केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। सम्मेलन में प्रदेशभर से किसान पहुंचे। रहने की व्यवस्था मंडी में ही की गई है।
बरगी परियोजना का काम वर्षों से अधर में
प्रदेश प्रभारी राजपाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मन की बात करते हैं। लेकिन, किसानों से किए वादे भूल जाते हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान कर्ज माफी और स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने का वादा किया गया था, इस पर आज तक अमल नहीं हो पाया। बरगी परियोजना का काम वर्षों से अधर में लटका हुआ है। इसे शीघ्र पूरा कर नहरों से किसानों को पानी उपलब्ध कराया जाए। अब समय आ गया है संगठित होकर किसान विरोधी नीतियों का विरोध किया जाएगा। किसानों को भी चाहिए कि अन्याय सहन न करें। अपने हक और अधिकार के लिए आवाज उठाएं।
डीजल के दाम 400 गुना बढ़ गए
प्रदेशाध्यक्ष जगदीश सिंह ने कहा कि आजादी के बाद से कर्मचारियों, अधिकारियों, सांसदों, विधायकों के वेतन, कृषि उपकरण में 400 से लेकर 800 गुना वृद्धि हो चुकी है। चना, गेहूं, मसूर सहित अन्य उपज के मूल्य में 24 से 51 गुना बढ़ोतरी हुई है। डीजल के दाम 400 गुना बढ़ गए हैं। एेसी दशा में किसान का जीविकोपार्जन करना मुश्किल हो रहा है।
जैविक खेती के लिए किया प्रेरित
विशेषज्ञों द्वारा किसानों को जैविक खेती करने की शिक्षा दी गई। पशु पालन विशेषज्ञ डॉ. शिवचंद दुबे ने पशुपालन, बकरी पालन की जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक अफसर जाफरी ने देशी गोवंश के गोबर, गोमूत्र का उपयोग कर खेती की लागत कम करने और जैविक खेती की जानकारी दी।
भरी हुकार, ज्ञापन आज
सम्मेलन के अंतिम दिन मंगलवार को शाम चार बजे कलेक्टर मुकेश शुक्ला को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। चिंतन शिविर में अमृत लाल पटेल प्रदेश उपाध्यक्ष, महासचिव महेंद्र सिंह , बाबू सिंह राजपूत, मुकेश कुशवाहा, दिलीप सिंह, द्वारिका तिवारी, इंद्रजीत पाठक, अनिल सिंह, नाथू सिंह, श्याम सिंह, प्रदीप सिंह, बसंत पटेल, रामकलेश सिंह, शिवसागर सिंह, ठाकुर दीन सिंह, बृजेश सिंह, नागेन्द्र सिंह, रामकृष्ण पाण्डेय, राजेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
Published on:
27 Feb 2018 02:43 pm
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