3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लोन फ्राडः राजस्व अमले ने हवा में तैयार कर दी जमीन

आपने हवा में जमीन देखी है... अगर नहीं तो आपको सतना जिले के मैहर तहसील के भदनपुर क्षेत्र में आना होगा। यहां के पटवारियों में गजब की ताकत है। घर में बैठे बैठे हवा में जमीन तैयार कर देते हैं। इतना ही नहीं इन हवाई जमीनों पर यहां के बैंक में दिल खोल कर पैसा लुटा रहे हैं और मुंह मांगा लोन दे रहे हैं।

2 min read
Google source verification
loan.jpg

सतना। भदनपुर जमीन फर्जीवाड़े में एक और खुलासा सामने आया है। भदनपुर उत्तर पट्टी सर्किल के पटवारी हल्का गोरइया में राजस्व अमले ने मूल जमीन को यथावत रखते हुए कागजों में नये बटांक बना कर जमीन का रकवा बढ़ा दिया। नतीजा यह हुआ कि खसरे में तो जमीन बन गई लेकिन भौतिक रूप से यह जमीन मौजूद ही नहीं है। उधर इस कागजी जमीन के आधार पर भू-स्वामी बने लोगों ने बैंक से केसीसी के जरिए लोन भी ले लिया। हालांकि यह मामला संज्ञान में होने के बाद भी मैदानी राजस्व अमले ने इन फर्जी खसरों के सुधार की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की है। यह सारा खेल सरकारी जमीन पर किया गया है।

दो हैक्टेयर की जमीन 12 हैक्टेयर हो गई

जानकारी के अनुसार राजस्व निरीक्षक मंडल भदनपुर उत्तरी पट्टी के पटवारी हल्का गोरइया में सरकारी आराजी नंबर 261 है। इसका रकवा लगभग 2 हैक्टेयर है। लेकिन यहां के तत्कालीन पटवारी गुलजारी लाल ने मूल नंबर 261 में बिना कोई छेड़छाड़ करते हुए उसे यथावत रखा लेकिन खसरे में नये बटांक बनाते चले गए। इन बटांकों को क्रमश: 261/1/2, 261/1/3, 261/1/4 जैसे नंबर देते हुए एक दर्जन के लगभग बटांक नंबर बना दिए और सभी में लगभग मनमानी रकवा चढ़ाते हुए इन बटांकों में कुल 9 हैक्टेयर से ज्यादा की जमीन खसरे में तैयार कर दी। खसरे में तैयार की गई यह जमीन वास्तव में कहीं है ही नहीं क्योंकि मूल नंबर से कोई जमीन घटाई ही नहीं गई है। लिहाजा यह फर्जी बटांक वाली जमीन सिर्फ कागजों में अस्तित्व में है।

फिर हुआ खेल

जानकारों का कहना है कि सिर्फ खसरे में बटांक के जरिये तैयार की गई इस जमीन के जो भूमि स्वामी बनाए गए उन्होंने जमीन फर्जीवाड़े के मास्टर माइंड रावेन्द्र के इशारे में बैंक में केसीसी लोन का आवेदन दे दिया। दरअसल रावेन्द्र ने इन्हें कहा कि यह जमीने अब तुम लोगों को पट्टे पर मिल गई है। इससे केसीसी लोन ले लो और जमीन दिलाने में हुए खर्च को इस लोन से पटा दो। इस खेल में बैक कर्मी भी शामिल रहे।

अभी तक फरार है मास्टर माइंड

रावेन्द्र मिश्रा के खिलाफ इस तरह के लोन फ्राड के मामले में बदेरा थाने में अपराध पंजीबद्ध हो गया है। लेकिन इसके बाद से वह फरार चल रहा है। पुलिस अभी तक उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है। हालांकि इस दौरान उसके द्वारा अग्रिम जमानत की कोशिश खारिज हो चुकी है। दूसरी ओर रावेन्द्र सरपंच भी है और उसके फरार होने को लेकर पंचायत के प्रभावित हो रहे कामकाज के चलते जिपं सीईओ ने उसे नोटिस देकर समक्ष में हाजिर होकर जवाब देने कहा है। इसके लिये उसे 28 अगस्त तक का अवसर दिया गया है।

'' यह मामला संज्ञान में नहीं है। पटवारी से इसकी जानकारी लेकर खसरा सुधार की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।'' - सुरेश जाधव, एसडीएम मैहर

Story Loader