23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

निलंबित ​शिक्षकों को बहाल करने BEO ने मांगी थी 50 हजार की रिश्वत, Lokayukta Police ने किया ट्रैप

Lokayukta Police की अमरपाटन ब्लॉक शिक्षा कार्यालय में दबिश, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और जूनियर ऑडिटर 40 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

2 min read
Google source verification
Lokayukta Police raid in Amarpatan Block Education Office

Lokayukta Police raid in Amarpatan Block Education Office

सतना। लोकायुक्त पुलिस रीवा इकाई ने अमरपाटन ब्लॉक शिक्षा कार्यालय में दबिश देकर बीइओ और बाबू को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ ट्रैप किया है। दोनों ने प्राथमिक शिक्षक के निलंबन को बहाल करने के एवज में यह रिश्वत ली थी। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
लोकायुक्त एसपी ने बताया कि रीवा के सिटी कोतवाली क्षेत्र के लाखोरी बाग में रहने वाले मोहम्मद नसीर खान ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अमरपाटन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीइओ) राजेश कुमार निगम और जूनियर ऑडिटर अशोक कुमार गुप्ता द्वारा निलंबन बहाली के लिए 50 हजार रुपए घूस मांगी जा रही है। शिकायत की पुष्टि के बाद आरोपियों को दबोचने के लिए जाल बिछाया गया। 40 हजार में सौदा तय होने पर आरोपियों ने सोमवार को निलंबित शिक्षक नसीर को रिश्वत की रकम के साथ सुबह साढ़े 11 बजे कार्यालय बुलाया। आरोपियों ने जैसे ही रिश्वत की रकम लेकर छिपाई, पहले से तैयार 12 सदस्यीय टीम ने दोनों को दबोच लिया। आगे की कार्रवाई के लिए दोनों को रेस्ट हाउस ले जाया गया।

विभाग में हड़कम्प, दफ्तर खाली
लोकायुक्त की दबिश की भनक लगते ही कार्यालय में हड़कम्प मच गया। कार्यालय में मौजूद दो-तीन बाबू भाग खड़े हुए और जो कर्मचारी उस समय तक दफ्तर नहीं पहुंचे थे वे आए ही नहीं। कार्रवाई डीएसपी प्रवीण सिंह परिहार की अगुवाई में हुई। रीवा से लोकायुक्त की टीम तीन गाडिय़ों में अमरपाटन पहुंची थी।


IMAGE CREDIT: patrika

न आरोप पत्र दिया न निलंबन बहाल किया
अमरपाटन ब्लॉक की जरुआ नरवार शासकीय विद्यालय में पदस्थ शिक्षक मोहम्मद नसीर रोजाना रीवा से अप-डाउन करते थे। स्कूल से गायब रहने के आरोपों पर निलंबित कर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अटैच कर दिया गया था। निलंबित करने के बाद नियम है कि तीन माह में आरोपी को आरोप पत्र थमाया जाए या निलंबन बहाल किया जाए। लेकिन बीइओ द्वारा न तो शिक्षक को आरोप पत्र दिया गया और न ही निलंबन बहाल किया गया। शिक्षा विभाग में बीते सात माह में यह दूसरा ऐसा मामला है जब अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए हैं। पहले जिला शिक्षा केंद्र के एपीसी को पकड़ा था।

IMAGE CREDIT: patrika

40 हजार लेते दोनों रंगेहाथ ट्रैप

निलंबित शिक्षक को बहाल कराने के नाम पर आरोपी बीइओ व बाबू ने शिकायतकर्ता से पचास हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। 40 हजार रुपए लेते हुए दोनों को रंगेहाथ ट्रैप किया गया है। कार्रवाई जारी है।
गोपाल सिंह धाकड़, एसपी, लोकायुक्त