
Loksabha Election 2019 Satna
सतना. आचार संहिता लगने के साथ ही लोकसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। इसके तहत सतना संसदीय सीट (Satna Loksabha election 2019 ) पर भी चुनावी मुकाबला होना है। सतना सीट पर कब्जा को लेकर हर पार्टी दमखम लगाएगी। बसपा ने अच्छेलाल कुशवाहा को पहले ही प्रत्याशी घोषित कर दिया है। वहीं भाजपा से वर्तमान सांसद गणेश सिंह ही संभावित उम्मीदवार माने जा रहे हैं। वहीं कांग्रेस से पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह व पूर्व विस उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह के नामों की चर्चा चल रही है। आगामी कुछ दिनों में पार्टियों के प्रत्याशी घोषित करने के साथ ही चुनावी रण की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। पत्रिका डॉट कॉम के अनुसार इस बार भाजपा 20 साल के कब्जे को बचाने के लिए मैदान में होगी तो कांग्रेस कब्जा छीनने की रणनीति पर काम करेगी। बसपा को 1996 में सुखलाल कुशवाहा के रूप में सांसद मिला था। उसके बाद से पार्टी खुद को स्थापित करने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस से 1991 में अर्जुन सिंह चुनाव जीते थे, उसके बाद से कांग्रेस को हार का सामना ही करना पड़ा है। वर्तमान में इस सीट पर भाजपा का कब्जा है और गणेश सिंह सांसद हैं। पिछले 3 चुनावों से सतना की जनता में उनका जादू चलता आया है। उनको हराने के लिए कांग्रेस का हर दांव फेल होता रहा है।
यह वर्तमान गणित
सतना लोकसभा क्षेत्र में 7 विधानसभा सीटें आती हैं। इसमें चित्रकूट, नागौद, रामपुर बाघेलान, रैगांव, मैहर, सतना और अमरपाटन शामिल हैं। इन 7 विधानसभा सीटों में से 5 पर भाजपा का और 2 पर कांग्रेस का कब्जा है।
हार-जीत का खेल
भाजपा पिछले 5 चुनाव में जीत रही है, इस सीट पर बसपा का प्रभाव भी रहा। 1996 में सुखलाल जीत चुके हैं। 2009 के चुनाव में बसपा दूसरे स्थान पर थी। यहां 6 बार भाजपा, 4 बार कांग्रेस, 1 बार बसपा को और 1 बार भारतीय जनसंघ को जीत मिल चुकी है।
78% ग्रामीण आबादी
2011 की जनगणना के मुताबिक सतना की जनसंख्या 2228935 है। 78.72% आबादी ग्रामीण और 21.28% आबादी शहरी क्षेत्र में रहती है। सतना में 17.88% अनुसूचित जाति और 14.36% अनुसूचित जनजाति है। चुनाव आयोग के आंकड़े के मुताबिक 2019 के चुनाव में 15,63,435 लोग वोटिंग करेंगे। इसमें पुरुष 8,25,414 और महिला मतदाता 7,35,994 हैं।
अर्जुन सिंह आखिरी कांग्रेस सांसद
सतना संसदीय क्षेत्र में पूरा सतना जिला कवर होता है। अर्जुन सिंह जैसा दिग्गज कांग्रेसी नेता भी सतना से लोकसभा पहुंच चुके हैं। 1996 में भाजपा से विजय सकलेचा व कांग्रेस से अर्जुन सिंह मैदान में थे। इन दो दिग्गजों के बीच बसपा के युवा चेहरा सुखलाल कुशवाहा बाजी मार ले गए थे। कांग्रेस की ओर से इस सीट पर जीत दर्ज करने वाले अर्जुन सिंह आखिरी नेता थे, 1991 के चुनाव में उन्होंने जीत हासिल की थी।
2014 चुनाव का अंकगणित
2014 के चुनाव में भाजपा के गणेश सिंह ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को हराया था। इस चुनाव में गणेश सिंह को 3,75,288 वोट मिले थे, तो वहीं कांग्रेस के अजय सिंह को 3,66,600 वोट मिले थे। गणेश सिंह ने 8,688 वोटों से अजय सिंह को हराया था। इस चुनाव में अंतिम समय में कांग्रेस विधायक नारायण त्रिपाठी सुर्खियों में आए थे। जो पूरे समीकरण को बदल दिया था। इसी तरह 2009 में गणेश सिंह ने बसपा के सुखलाल कुशवाहा को हराया था। गणेश सिंह को इस चुनाव में 1,94,624 वोट मिले थे, तो वहीं सुखलाल कुशवाहा को 1,90,206 वोट मिले थे।
सांसद का रिपोर्ट कार्ड
सांसद गणेश सिंह तीन बार से लगातार चुनाव जीत रहे हैं। सदन में उपस्थिति 88 प्रतिशत है। 145 बहस में हिस्सा लिया है और 386 सवाल किए हैं। उनके कार्यकाल को देखते हुए फेम इंडिया ने 2019 का सर्वश्रेष्ठ सांसद के खिताब से नवाजा है। क्षेत्र के विकास के लिए 25 करोड़ आवंटित हुए थे। ब्याज की रकम मिलाकर 26.23 करोड़ हो गए। इसमें उन्होंने 22.52 खर्च किया है।
सतना का लोकसभा इतिहास
पत्रिका के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार सतना में पहला लोकसभा चुनाव 1967 में हुआ था। पहले चुनाव में कांग्रेस के डीवी सिंह ने भारतीय जनसंघ के वीबीएस देव को मात देते हुए जीत दर्ज की थी। लेकिन, अगले चुनाव में ही कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। जनसंघ के नरेंद्र सिंह को जीत मिली। 1977 में फिर बाजी पलटी और कांग्रेस व जनसंघ दोनों को मात देते हुए भारतीय लोकदल के सुखेंद्र सिंह सांसद चुने गए। इस तरह शुरू के 3 चुनाव में अलग-अलग पार्टियों को विजय मिली। 1980 में एक बार फिर से कांग्रेस की वापसी हुई। कांग्रेस प्रत्याशी गुलशेर अहमद सांसद चुने गए। 1984 में कांग्रेस ने प्रत्याशी बदलते हुए अजीज कुरैशी को मैदान में उतारा। दांव काम आया और अजीज कुरैशी ने भाजपा के बृजेंद्र पाठक को मात दे दी। लेकिन, अगले चुनाव में उनका जादू खत्म हो गया और 1989 में अजीज कुरैशी हार गए। भाजपा से सुखेंद्र सिंह सांसद चुने गए। 1991 में कांग्रेस ने दिग्गज नेता अर्जुन सिंह को मैदान में उतार दिया। अर्जुन सिंह जीत दर्ज करने में सफल रहे। उन्होंने भाजपा के सुखेंद्र सिंह को शिकस्त दी। लेकिन, 1996 में भाजपा व कांगे्रस दोनों ने बड़ा दाव खेला। अर्जुन सिंह कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में मैदान में थे, तो भाजपा से पूर्व मुख्यमंत्री विजय सकलेचा प्रत्याशी थे। दोनों की लड़ाई में बसपा ने खेल बिगाड़ दिया और सुखलाल कुशवाहा सांसद चुने गए। 1998 में भाजपा ने वापसी की और तब से ही यह सीट उसी के पास है।
जिले में विधानसभावार कुल मतदाता
विस पुरुष महिला टीजी कुल
चित्रकूट 109075 93542 00 202617
रैगांव 107122 94694 04 201820
सतना 125124 112572 07 237703
नागौद 114836 103575 05 218416
मैहर 124877 113455 08 238340
अमरपाटन 117071 106258 02 223331
रामपुर बाघे. 127309 113898 01 241208
कुल 825414 737994 27 1563435
10 अप्रैल से नामांकन, 6 मई को मतदान
निर्वाचन आयोग ने रविवार को चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा कर दी। इसके साथ ही संपूर्ण लोकसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। प्रदेश में सात चरणों में होने वाले लोकसभा चुनाव में सतना लोकसभा का चुनाव पांचवे चरण में होगा। यहां चुनाव की अधिसूचना 10 अप्रैल को लागू होगी और इसके साथ ही नामांकन प्रारंभ हो जाएगा। सतना लोगसभा के लिये मतदान ६ मई को होगा।
यह है कार्यक्रम
अधिसूचना का प्रकाशन 10 अप्रैल (बुधवार)
नामांकन भरने की शुरुआत 10 अप्रैल (बुधवार)
नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 18 अप्रैल (गुरुवार)
नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी 20 अप्रैल (शनिवार)
नामांंकन वापस लेने की अंतिम तिथि 22 अप्रैल (सोमवार)
मतदान - 6 मई (सोमवार)
मतगणना - 23 मई (गुरुवार)
लोकचुनाव पूर्णता - 27 मई (सोमवार)
Published on:
11 Mar 2019 05:02 am
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