
Lollipop with sweet girls
सतना. याद है न आपको बचपन वाली लॉलीपॉप जिसे आप छिप छिप कर खाते थे, जिसके लिए आप चोरी करने के लिए तैयार हो जाते हैं। जिसकी वजह से आपकी पिटाई भी जमकर होती थी । कभी एक लॉलीपॉप से मन ही नहीं भरता था। दोनों हाथों पर लॉलीपॉप होती थी और दोस्तों का साथ। प्रजेंट टाइम में भी यूथ के बीच में लॉलीपॉप हिट है। खासकर गल्र्स इनकी क्रेजी हैं। वे जब भी बचपन के यादों में खोना चाहती हैं आपस में मिलकर लॉलीपॉप खाती हैं। हा ये बात बचपन वाली लॉलीपॉप अब केंडी की तरह दिखने लगी हैं पर इससे जुड़ी यादें फीकी नहीं हो सकती।
खो जाते हैं बचपन की यादों में
शहर की गल्र्स का कहना है कि लॉलीपॉप को देखते ही बचपन याद आ जाता है। गोलू सोनी कहती हैं कि इस टाफी को देखते ही उन्हें बचपन में खो जाने का मन करता है। पापा जब ये वाली टाफी लाते हैं तो मैं सारा काम छोड़ कर उनके पास जाती और टाफी छीन लेती। पर सारी टाफी एक ही दिन में खाने को नहीं मिलती थी। हर दिन रात का इंतजार करना पड़ता था क्योंकि पापा दो ही लॉलीपॉप एक दिन में खाने की इजाजत देते थें। जब मैं लॉलीपॉप खाती तो मेरे पापा मुझे बहुत प्यार से निहारते और मुस्कराते थे।
इसे न खाए एेसा हो ही नहीं सकता
सिंधी कैंप की चाहत जैन ने बताया कि लॉलीपॉप का शेप भले ही बदल गया हो पर इसका स्वाद अभी भी नहीं बदला। और इनसे जुड़ी यादे भी भुलाई नहीं जा सकती। बचपन में इस टाफी को लेकर मैं और मेरी बहन दोनों जमकर झगड़ा करते थे। फिर मम्मी को आना पड़ता था सुलह कराना। आज भी एक सप्ताह में लॉलीपॉप को खाती हंू। जब मस्ती के मूड में होती हंू तो अपनी सहेलियों को बुलाती हंू और भी को लॉलीपॉप खिलाती हंू और फोटो क्लिक करती हंू।
लॉलीपॉप का क्रेज आज भी बरकरार
वहीं यूसीएल निवासी वसुंधरा तिवारी कहती हैं समय कितना भी बदल जाए पर लॉलीपॉप का क्रेज कभी कम नहीं होने वाला। बचपन से देख रही हंू हर साल नई नई लॉलीपॉप को अलग अलग शेप में बनाया जाता है। साइज में भी थोड़़ा बदलाव हुआ है। पर दूसरी टाफियों की तरह इसका क्रेज कम नहीं हुआ। इन्हें आज भी बच्चे,गल्र्स, यूथ खाना पसंद करते हैं।
Published on:
13 Sept 2019 10:06 pm
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