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नौकरी ही नहीं, राष्ट्रवाद व स्वाभिमान जागृति करने वाली हो शिक्षा: राज्यपाल

एपीएसयू विवि के सभागार में बोले राज्यपाल लालजी टंडन...

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सतना

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Suresh Mishra

Sep 16, 2019

Madhya Pradesh Governor Lalji Tandon Speech in APSU Rewa

Madhya Pradesh Governor Lalji Tandon Speech in APSU Rewa

रीवा/ शिक्षा का उद्देश्य नौकरी नहीं है बल्कि राष्ट्रभाव व स्वाभिमान जागृति करने का होना चाहिए। नई शिक्षा नीति कुछ ऐसी ही बनाई जा रही है। यह बातें राज्यपाल लालजी टंडन ने सोमवार को अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित कुशाभाऊ ठाकरे स्मृति भाषण माला में मुख्य अतिथि के आसंदी से कही है। वे नई शिक्षा नीति और हमारी भूमिका विषय पर अपने विचार रख रहे थे।

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विश्वविद्यालय के पंडित शंभूनाथ शुक्ल सभागार में आयोजित 16वीं भाषणमाला में कुलाधिपति ने कहा कि आजादी के बाद हमारी कोई शिक्षा नीति नहीं थी। मैकाले के सिद्धांत में अंग्रेज शासकों ने सेवा के उद्देश्य से युवाओं के लिए शिक्षा पद्धति बनाई। इससे भारत की आत्मा नहीं है। भारत के गौरवशाली इतिहास को इससे हटा दिया गया। परिणाम स्वरुप हमारी शिक्षा पद्धति से नौकरी व गुलामी की मानसकिता व प्रवृत्ति बन गई है।

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जबकि हमारे यहां प्राचीन में सबसे उत्तम खेती और व्यापार को माध्यम तथा निकृष्ट नौकरी की विचार धारा थी। कुशाभाउ ठाकरे जैसे शिक्षक व चिंतक कि विचारों को देखेंं तो आज नई शिक्षा नीति नौकरी नहीं बल्कि स्वाभिमान एवं राष्ट्रभाव जागृति करने वाली चाहिए, क्योकि इसके बिना कवि, विचारक व चिंतक पैदा नहीं होगें। अब नई शिक्षा नीति में स्वाभिमान जागृति करने वाली होगी।

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इस दौरान केन्द्रीय लोहा एवं इस्पात मंत्री फग्गन सिंह फुलस्ते ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए समय सीमा में शिक्षकों को नियुक्त किया जाना चाहिए। योग्य शिक्षकों की नियुक्ति होगी तभी शिक्षा में गुणवत्ता आएगी। और यह शिक्षा राष्टभाव को बढ़ाएगी।

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इस दौरान चिंतक एवं विचारक भगवत शरण माथुर एवं सांसद जर्नादन मिश्रा ने नई शिक्षा नीति को लेकर अपने विचार रखे। अध्यक्षता कुलपति पीयूष्ज्ञ रंजन अग्रवाल ने की और विशिष्ट अतिथि के रूप में रीवा विधायक राजेन्द्र शुक्ला उपस्थित रहे।