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जिस मंदिर में पुजारी से पहले कोई चढ़ा जाता है फूल, वहां की देवी को भक्तों ने चढ़ाई 2 हजार मीटर लंबी चुनरी

Navratri 2024 : नवरात्रि के तीसरे दिन एमपी के एक चमत्कारी मंदिर में 2 हजार मीटर लंबी चुनरी चढाई गई। मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां की देवी को पुजारी से पहले ही कोई और फूल चढ़ा जाता है। वो कौन है, ये कोई नहीं जनता है।

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सतना

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Avantika Pandey

Oct 06, 2024

maihar sharda mata mandir

Navratri 2024 : इस समय नवरात्रि पर्व की धूम हर जगह देखने को मिल रही है। रोजाना मंदिरों में माता के दर्शन के लिए भक्त भारी संख्या में पहुंच रहे है। मध्यप्रदेश में ऐसे कई चमत्कारी मंदिर मौजूद है जिससे श्रद्धालुओं की अटूट आस्था जुड़ी हुई है और वे नौ देवियों के पावन त्योहार के समय दूर-दूर से उनके दर्शन के लिए आते है। साथ ही माता को प्रसाद के आलावा भी बहुत कुछ भेंट करते है।

नवरात्रि के तीसरे दिन एमपी के एक चमत्कारी मंदिर में 2 हजार मीटर लंबी चुनरी चढाई गई। मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां की देवी को पुजारी से पहले ही कोई और फूल चढ़ा जाता है। वो कौन है, ये कोई नहीं जनता है।

मां शारदा माता मंदिर

मध्यप्रदेश के मैहर जिले में चित्रकूट की पहाड़ी पर मां शारदा का निवास है। 51 शक्तिपीठों में से एक शारदा माता मंदिर के चमत्कारों की चर्चा एमपी ही नहीं बल्कि पूरे देश में फैली हुई है। सालाना यहां दर्शन के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है। त्योहार के आलावा आम दिनों में भी भक्तों की संख्या में ज्यादा अंतर देखने को नहीं मिलता। मंदिर को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित है। कहा जाता है कि मां शारदा अपने किसी भी भक्त को कभी खाली हाथ नहीं लौटने देती।

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भक्तों ने चढ़ाया 2 हजार मीटर की चुनरी

मां शारदा से भक्तों की असीम आस्था जुडी हुई है। नवरात्रि के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने माता को 2 हजार मीटर लंबी चुनरी चढाई है। इस दौरान पूरा मैहर शहर माता के दर्शन के लिए वहां मौजूद था। जिला कलेक्टर रानी बाटड के आलावा भी कई बड़ी हस्तियां मां शारदा माता मंदिर में उपस्थित थे।

रहस्यमयी कहानी

इस मंदिर को लेकर बहुत ही अनोखी धारणा प्रचलित है। कहा जाता है कि रोजाना मंदिर खुलने से पहले ही कोई आता है और मां शारदा को फूल अर्पित करता है। जब पुजारी मंदिर का दरबाजा खोलते है तो वहां केवल माता के पास चढ़ा हुआ फूल नजर आता है, उसे चढाने वाला नहीं। वह अनजान शख्स कौन है इस बात का पता आजतक कोई नहीं लगा पाया है।