
Mandakini river flood: chitrakoot heavy rain weather forecast update
सतना। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में चल रही रिमझिम बारिश के बाद चित्रकूट में हालात खराब हो गए है। बताया गया कि धर्म नगरी चित्रकूट में आई भीषण बाढ़ से रामघाट पूरी तरह डूब गया है। मंदाकिनी नदी रौद्र रूप दिखाते हुए खतरे के निशान से 2 फीट ऊपर बह रही है। बाढ़ की सूचना के बाद सरकारी अमले ने राहत कार्य शुरू कर दिया गया है। कलेक्टर ने अलर्ट जारी करते हुए गोताखोरों की टीम सतना से चित्रकूट भेजी है।
ये क्षेत्र जलमग्न
सूत्रों की मानें तो एमपी-यूपी की सीमा में स्थित चित्रकूट के रामघाट, भरतघाट, अरोग्यधाम, लोथरिया, टोटरा, खोपा पूरी तरह से जलमग्न हो चुके है। इसके बावजूद एमपी प्रशासन कोई खास करीके से सक्रिय नहीं दिखा है। लोग एक जगह से दूसरे जगह जाने के लिए अब तो नाव का प्रयोग करने लगे है। मंदाकिनी में आई भीषण बाढ़ से निचली बस्तियों की ओर पानी बड़ रहा है।
घाट के कई मंदिर डूबे
भीषण बारिश के चलते मंदाकिनी में बाढ़ आ गई और रामघाट स्थित कई मंदिर पूरी तरह डूब गए है। बीते कई घंटों से जारी बारिश से बदरहा नदी में उफान से खतरा और बढ़ गया है, वहीं शहर की गलियां और सड़कों पर जलभराव से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। लोग घरों पर कैद हो गए हैं और दिनचर्या प्रभावित हो गई है।
चलने लगी नाव
रामघाट से पुरानी लंका पूरा क्षेत्र जलमग्न हो चुका है। मौजूदा लोग एक जगह से दूसरे जगह जाने के लिए अब नाव का सहारा लेने लगे है। उनके पास नाव के अलावा कुछ भी साधन अब मौजूद नहीं है। चोरों ओर पानी ही पानी भरा हुआ है।
बारिश से नष्ट हुई फसलें का सर्वे कराए प्रशासन
चित्रकूट विधायक नीलांशू चतुवेर्दी ने अतिवृष्टि से नुकसान हुई किसानों की फसलों का सर्वे कराए जाने की मांग की है। जिला प्रशासन से अतिशीघ्र मुआवजा वितरण कर किसानों को राहत दिलाने की बात कही हैं। चित्रकूट विधायक ने बताया कि इस वर्ष की खरीफ की फसलों में तिल, उड़द, मूंग, सोयाबीन व धान की फसलों का अतिवृष्टि के कारण काफी नुकसान हुआ है। जिसके संबंध में मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा वितरण होगा।
Published on:
02 Oct 2019 06:35 pm
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