
Model maternity wing in satna District hospital
सतना। जिला अस्पताल में गर्भवती और प्रसूताओं को नर्सिंग होम की तर्ज पर चिकित्सा सहित अन्य सुविधाएं मुहैया कराने मॉडल मेटरनिटी विंग का भवन निर्माण कराया गया। यह अस्पताल प्रबंधन की ओर से यह आधी-अधूरी तैयारी के बीच ही चालू कर दिया गया। इसका खमियाजा इकाई में दाखिल पीडि़तों को भुगतना पड़ रहा है। गर्भवती, प्रसूताओं को चादर, कंबल तक नसीब नहीं मिल रही। मजबूरी में इन्हें घर से लाना पड़ रहा है।
ये है मामला
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जिला अस्पताल परिसर में मॉडल मेटरनिटी विंग और ट्रामा यूनिट भवन के लिए वर्ष 2011 में 316.93 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की थी। निर्माण एजेंसी मेटरनिटी वार्ड के ऊपर ही मॉडल मेटरनिटी विंग का भवन बनाना चाहती थी। अस्पताल प्रबंधन भवन अन्यत्र बनाए जाने की मांग कर रहा था। निर्माण एजेंसी और अस्पताल प्रबंधन के टकराव के चलते पिछड़ता गया। जिस भवन को 12 माह में तैयार हो जाना चाहिए था।
प्रसूताओं को प्राथमिक सुविधाएं तक नहीं
उसके निर्माण में छह साल से अधिक का समय लग गया। ऐसे विंग को आधी-अधूरी तैयारी के बीच चालू कर दिया गया है। आलम यह है कि गर्भवती और प्रसूताओं को प्राथमिक सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही है। विंग के तीनों वार्डों में चारों ओर गंदगी पसरी हुई है। साफ-सफाई न होने से दुर्गंध के चलते पल भर खड़ा होना दूभर है। इतना ही नहीं पीडि़तों को चादर, कंबल तक नसीब नहीं हो रहे हैं। मांगने पर नर्सिंग स्टाफ वाद-विवाद करने लगता है। लोगों को मजबूरी में घर से चादर कंबल लाना पड़ रहा है।
यह मिलनी चाहिए सुविधाएं...
संचालनालय स्वास्थ्य सेवा ने मॉडल मेटरनिटी विंग के लिए चेक लिस्ट जारी की है। उसके अनुसार विंग में निरंतर पानी, बिजली, लेबर रूम में एसबीए दक्ष एएनएम, स्टाफ नर्स, हल्के जामुनी रंग के खिड़कियों पर पर्दे, प्रसूति कक्ष में पृथक टेलीफोन, महिला डाटा एंटी ऑपरेटर व कम्प्यूटर व्यवस्था, एसी, महिला सुरक्षाकर्मी, महिला सफाईकर्मी, परिजनों के मिलने के समय का निर्धारण, विंग के बाद परिजनों के बैठने की व्यवस्था, परिजनों को बुलाने को माइक सिस्टम, पीएनसी वार्ड में ही टीकाकरण की व्यवस्था सहित अन्य को शामिल किया गया है।
Published on:
16 Oct 2018 02:45 pm
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