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जमीन कारोबार के नाम पर BJP नेता ने राजस्थान के व्यापारी से लिए थे 1.23 करोड़, अब लौटाने में कर रहे आनाकानी

चेक बाउंस होने के बाद कोर्ट पहुंचा मामला

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सतना

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Suresh Mishra

May 07, 2018

bjp

Rajsthan BJP Govt to give reservation to financially backwards

सतना। मैहर के एक भाजपा नेता पर जमीन कारोबार के लिए ली गई सवा करोड़ की रकम हड़पने का गंभीर आरोप है। राजस्थान के एक व्यापारी से इसने जमीन खरीदने के लिए सवा करोड़ की राशि ली थी। उसके एवज में उतनी राशि के चेक व्यापारी को दिए थे। आरोप है, बाद में भाजपा नेता की नीयत में खोट आ गई। तय तिथि पर जब राजस्थान के बैंक में चेक लगाए गए तो सभी चेक बाउंस हो गए। अब इस मामले में भाजपा नेता के खिलाफ चेक बाउंस का प्रकरण दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

लेनदेन के मामले में कारोबारी समझौता

राजस्थान भीलवाड़ा निवासी जोगेंद्र सिंह राणावत पिता गोवर्धन सिंह की जमीन जीत नगर (मैहर से लगा हुआ) में है। इस संबंध में उनका यहां आना-जाना लगा रहता था। इस दौरान इनका परिचय मैहर के भाजपा नेता एवं भाजपा से नगर पालिका अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे धीरज पाण्डेय से हो गया। मैहर की एक जमीन के लेनदेन के मामले में इनका कारोबारी समझौता हुआ और जमीन क्रय करने के लिए धीरज पाण्डेय ने जोगेन्द्र सिंह से 1 करोड़ 23 लाख 25 हजार रुपए लिए।

प्रकरण कोर्ट में प्रस्तुत

इसके एवज में धीरज ने जोगेंद्र सिंह को क्रमश: 11 लाख 25 हजार रुपए, 50-50 लाख के दो व एक चेक 12 लाख के दिए थे। कुछ समय तक सबकुछ ठीक चलता रहा। लेकिन, जब तय समय पर जोगेंद्र सिंह ने बैंक में चेक लगाए तो पता चला कि धीरज पाण्डेय के दिए गए चेक बाउंस हो गए हैं। मामले में जोगेंद्र द्वारा धीरज को नोटिस दिए जाने के बाद भी जब उन्हें रकम नहीं मिली तो मामले में चेक बाउंस का प्रकरण कोर्ट में प्रस्तुत कर दिया है।

patrika IMAGE CREDIT: patrika

देते रहे झांसा
जोगेंद्र सिंह ने बताया, मैहर में जमीन होने से यहां आना होता था। इस दौरान पुजारी परिवार के धीरज पाण्डेय से परिचय हुआ। नामी परिवार होने के कारण इन्हें जमीन कारोबार के लिए सवा करोड़ रुपए की राशि दे दी और उसके एवज में उन्होंने चेक दिए। बाद में राशि वापस करने में उनके द्वारा टाल मटोल की जाने लगी। एक बार तो उन्होंने जयपुर आकर हवाला से राशि देने की भी बात कही और कहा कि वे झांसी तक पहुंच गए हैं। लेकिन वे नहीं आए। बाद में उनके द्वारा फोन उठाना ही बंद कर दिया गया। ऐसे में संदेह होने पर जब बैंक में चेक लगाए गए तो वे बाउंस हो गए।

स्टाम्प में भी फ्राड
पीडि़त व्यवसायी जोगेंद्र ने बताया कि धीरज ने उनकी भलमनसाहत का नाजायज फायदा उठाया। उन्होंने जमीन लेनदेन के कारोबार के लिए इकरार नामे को जो स्टाम्प बनवाया था, उसमें भी उन्होंने एक ही तारीख में दो अलग-अलग तरीके के स्टाम्प बनवाए। दोनों स्टाम्प के अलग-अलग नंबर है। उन्हें पहले दूसरे नंबर का स्टाम्प दिखाया, जिसमें सभी पक्षों की फोटो थी। लेकिन धोखाधड़ी करते हुए इकरार नामा दूसरे नंबर के स्टाम्प पर करवा लिया। यह खुलासा राशि न मिलने पर जब स्टाम्प की जांच कराई गई तब हुआ।

बोले-जोगेन्द्र ने मेरे साथ फ्रॉड किया
धीरज पाण्डेय का कहना है, जोगेंद्र ने उनके साथ फ्राड किया है। विवादित जमीन उन्हें बेची है। उससे उनकी रजिस्ट्री शून्य हो गई है। स्टाम्प के मामले में भी गलत जानकारी दे रहे हैं। जमीन कारोबार के लिए ली गई सवा करोड़ की राशि पर कहा कि इसमें भी उनके साथ चार सौ बीसी कर रहे हैं। मैंने उधार में नहीं ली। मेरे पास दस्तावेज हैं।