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निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला: ये विधायक नहीं लड़ पाएंगे चुनाव! कहीं आप भी तो नहीं है इस श्रेणी में

सरकारी आवास की मुफ्त सेवा लेने वाले नहीं लड़ सकेंगे चुनाव, आयोग ने जोड़ा नया शपथ पत्र
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सतना

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Suresh Mishra

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Updated: 5 Oct 2018, 1:24 PM IST

MP election commission new guidelines for candidates

MP election commission new guidelines for candidates

सतना। इस बार का विधानसभा चुनाव उन अभ्यर्थियों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है जो सरकारी आवास में रह रहे हैं और उनका आवास, बिजली, पानी, टेलीफोन का बिल बकाया है। ऐसे बकायादार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। आयोग ने ऐसे लोगों के लिए नाम निर्देशन पत्र के साथ नई व्यवस्था करते हुए एक अतिरिक्त शपथ पत्र भी जोड़ा है।

इसमें अभ्यर्थियों को शपथ देनी होगी कि उन पर कोई बकाया नहीं। इसके अलावा नाम निर्देशन पत्र में भी बदलाव किया गया है। इस बार अभ्यर्थी को शपथ पत्र देना होगा, साथ ही आपराधिक मामलों के विवरण को भी नाम निर्देशन पत्र में शामिल कर दिया है। इससे इस बार का नाम निर्देशन पत्र पिछली बार से बड़ा होगा।

यह लिखित देना होगा
विधानसभा चुनाव 2018 के लिए चुनाव आयोग ने अभ्यर्थियों के लिए जो अतिरिक्त शपथ पत्र जोड़ा है उसके अनुसार अभ्यर्थियों को यह लिखित देना होगा कि उन्हें पिछले 10 सालों से कोई सरकारी आवास आवंटित नहीं हुआ है। या फिर जो सरकारी आवास आवंटित है।

नो-ड्यूज प्रस्तुत करना होगा

उसका पिछले 10 सालों में चालू चुनाव की अधिसूचना तक कोई भी देय राशि आवास, बिजली, पानी या दूरभाष का बकाया नहीं। अर्थात इन विभागों से अभ्यर्थियों को नो-ड्यूज प्रस्तुत करना होगा। यह नि:शेष प्रमाण पत्र नाम निर्देशन पत्र के साथ संलग्न करना होगा।

यह भी नया जोड़ा
आयोग ने नाम निर्देशन पत्र में एक नया हिस्सा भाग 3 (क) शामिल किया है। इसमें अभ्यर्थी को अपने सभी आपराधिक मामलों का ब्योरा देना होगा। अभ्यर्थी को बताना होगा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत दोषी नहीं ठहराया गया है। ऐसे किसी अपराध के लिए दोषी नहीं जिसमें दो वर्ष या अधिक के कारावास से दंडित किया गया है। यदि दोषी पाया गया है तो ऐसे सभी अपराधों का पूरा ब्योरा और वर्तमान स्थिति की जानकारी देनी होगी।

राज्य सरकार का कोई लाभ का पद तो नहीं

यदि उसे किसी प्रकार का दंड संबंधित अपराध के लिए मिला है तो उसका भी उल्लेख करना होगा। यदि प्रकरण अपील में है तो उसकी स्थिति की जानकारी देनी होगी। अभ्यर्थी को यह भी बताया पड़ेगा कि उसने भारत सरकार या राज्य सरकार का कोई लाभ का पद तो नहीं लिया है। यह भी जानकारी चाही गई है कि न्यायालय द्वारा उसे दिवालिया तो नहीं घोषित किया गया है।

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