
Nanaji introduced sustainable development 15 years ago
सतना. संयुक्त राष्ट्र संघ ने सतत विकास के जो लक्ष्य तय किये हैं उसे 15 साल पहले नानाजी ने 90 के दशक में न केवल अपने ङ्क्षचतन में शामिल किया बल्कि चित्रकूट की धरती पर इसे साकार किया। यह बाते केन्द्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री फग्गन ङ्क्षसह कुलस्ते ने चित्रकूट के डीआरआई परिसर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन अवसर पर कहीं। इस दौरान बताया गया कि सम्मेलन में प्राप्त सुझावों को संकलित कर यूनाइटेड नेशन एजेंसियों, केंद्र सरकार, राज्य सरकारों एवं सतत विकास लक्ष्यों के व्यावहारिक कार्य में लगी संस्थाओं और शोध संस्थाओं को क्रियान्वयन के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। यह भी तय किया गया कि अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का डॉक्यूमेंट भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के सचिवों को भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस दौरान बांदा चित्रकूट सांसद आरके ङ्क्षसह पटेल, पूर्व पीएस दीपक खांडेकर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक डॉ आरसी अग्रवाल, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय राज्य नियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ भरत शरण सोलंकी सहित अन्य मौजूद रहे।
केंद्रीय मंत्री कुलस्ते ने कहा कि चित्रकूट में 3 दिनों तक अंतर्राष्ट्रीय विमर्श का आयोजन सराहनीय और अतुल्य प्रयास है। भारत सरकार की योजनाओं को लेकर उन्होंने बताया कि आपसी सामंजस्य के अभाव में योजनाओं के क्रियान्वयन में व्यावहारिक कठिनाइयां भी आती है। इनसे निजात पाने के लिए आवश्यक है कि इस तरह के सम्मेलन होते रहें।
प्रतिभागियों को दिये गये प्रमाण पत्र
केंद्रीय मंत्री ने समापन सत्र में ग्रामोदय विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों सहित अन्य प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया। इस दौरान यूएन के एक से लेकर 8 तक के लक्ष्यों पर आयोजित तकनीकी सत्रों में प्रतिभागी स्कॉलर्स छात्र-छात्राओं एवं प्रगतिशील कृषकों द्वारा अपने अभिमत रखें गये।
प्रदर्शनी में 8 विवि ने सहभागिता निभाई
बताया गया है कि सम्मेलन अवसर पर यहां प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। इसमें महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय, एकेएस. विश्वविद्यालय सतना, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बांदा, चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय कानपुर, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय इंफाल एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर तथा राजमाता विजयाराजे ङ्क्षसधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर सहित उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के शासकीय एवं गैर शासकीय विभागों ने अपने-अपने मॉडल एवं विकास के योगदान पर किए जा रहे कार्यों को प्रस्तुत किया।
Published on:
18 Apr 2022 02:04 am
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