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प्रवेश तिथि और सीट बढ़ने के बाद भी बच्चों को नहीं राहत, आवेदन लेकर भटकते रहे छात्र

अग्रणी महाविद्यालय के साथ जिलेभर के सरकारी कॉलेजों में एक जैसे हालात

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सतना

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Suresh Mishra

Sep 01, 2019

new college admission 2019 UG PG Admission Last Date in Madhya Pradesh

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सतना। सरकारी महाविद्यालयों में एडमिशन की डेट व सीट बढ़ाए जाने के बाद भी बच्चों की परेशानी कम होती नजर नहीं आ रही। शनिवार को गहरानाला स्थित शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सुबह से ही बच्चे प्रवेश फार्म लेकर चक्कर लगाते रहे। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। यही हालात स्टेशन रोड स्थित गर्ल्स कॉलेज में देखने को मिले।

अमरपाटन, नागौद व मैहर कॉलेज से भी कई बच्चों ने प्रवेश न मिलने की जानकारी दी। समस्या को लेकर कॉॅलेज प्रशासन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कोई परेशानी नहीं। बच्चे जानकारी के अभाव में परेशान हो रहे हैं। डिग्री कॉलेज में एडमिशन प्रभारी प्रोफेसर भगत ने बताया कि हमारे यहां पर्याप्त सीटें उपलब्ध हैं।

सिफारिश लेकर पहुंच रहे नेता
कॉलेज में एडमिशन को लेकर चल रही मारामारी के बीच नेताओं की सिफारिश भी पहुंचने लगी है। सियासी सरगर्मी के बीच कुछ जनप्रतिनिधि छात्रों की मदद के लिए कॉलेज भी पहुंच रहे हैं। शनिवार को डिग्री कॉलेज में विद्यार्थी परिषद के पूर्व पदाधिकारी व भाजपा पार्षद रहे भगवती पांडेय भी एक बच्चे की सिफारिश लेकर पहुंचे। हालांकि, प्राचार्य ने उन्हें नियमानुसार ही प्रवेश देेने की बात कहकर वापस कर दिया।

जानबूझ कर परेशान कर रहे
प्रवेश प्रक्रिया में छात्रों की मदद कर रहे युवाओं ने बताया कि बच्चों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। पर्याप्त सीटें होने के बावजूद उन्हें प्रवेश न देना समझ से परे है। दूर-दराज गांवों से बच्चे सुबह-सुबह पहुंच जाते हैं, लेकिन शाम तक भटकते रहते हैं। उन्हें न सही जानकारी दी जाती है न मार्गदर्शन। लिहाजा, वे किराया भाड़ा खर्च कर बार-बार कॉलेज आने को मजबूर हैं।

केस-1: सही जानकारी ही नहीं मिलती
सिजहटा से आए रजनीश चौधरी ने बताया कि बीए के लिए पंजीयन कराया था। एडमिशन नहीं मिल रहा। जबकि मेरे से कम परसेंट वाले को प्रवेश मिल गया है। कर्मचारी सही जानकारी भी नहीं दे रहे हैं।

केस-2: सत्यापन के बादभी भेज दिया घर
जोबा निवासी पारुल शर्मा ने कैमिस्ट्री से एमएससी के लिए अमरपाटन कॉलेज में पंजीयन कराया। दस्तावेजों का सत्यापन करा लिया था। आज ओरिजनल दस्तावेज मांगे तो 40 किमी. दूर घर गई।