
Now the land will be demarcated by rover machine through satellite sig
सीधी। यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो आगामी कुछ माह में जरीब से जमीनों की नाप-जोख व सीमांकन पूरी तरह से बंद हो जाएगा। शासन द्वारा सेटेलाइट के जरिये रॉवर मशीन से जमीनों के नाप जोख व सीमांकन की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जिले में तीन सेटेलाइट टॉवर लगाए गए हैं। वहीं प्रयोग के तौर पर जिले में एक रॉवर मशीन उपलब्ध कराई गई है। राजस्व अमले को इस नवीन मशीन के जरिये नाप-जोख किये जाने का प्रशिक्षण दिया जाना शेष है।
उल्लेखनीय है की जमीनों के नाप-जोख व सीमांकन का कार्य जरीब के जरिये वर्षों से किया जा रहा है। राजस्व अमले की माने तो जरीब के जरिये नाप जोख एवं सीमांकन सहित कई तरह की खामियां सामने आती रही हैं, जिससे समाप्त करने के लिए करीब एक दशक पूर्व ईटीएस मशीनें उपलब्ध कराई गई थी। ईटीएस मशीन उपलब्ध कराये जाने के बाद जरीब यानि जंजीरों से नाप जोख किया जाना प्रतिबंधित कर दिया गया था, लेकिन शासन का यह प्रयोग असफल रहा, जिसके बाद अब जमीनों की नाप जोख के लिए नई मशीन प्रयोग में लाई जा रही है। विभागीय सूत्रों की माने तो इस मशीन से जमीनों की नाप जोख शुरू होने के बाद जरीब तथा ईटीएस मशीन से नाप जोख की प्रक्रिया पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
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सिहावल, कुसमी व रामपुरनैकिन लगाए गए हैं टॉवर-
जमीनों की नाप जोख व सीमांकन के लिए उपलब्ध कराई गई रॉवर मशीन सेटेलाइट के सिग्रल के आधार पर जमीन की सीमा का निर्धारण करेगी। सेटेलाइट से मशीन से कनेक्ट करने के लिए जिले में तीन जगह रामपुर नैकिन, सिहावल व कुसमी में टॉवर लगाए गए हैं, इन तीन टॉवरों से पूरा जिले का क्षेत्र कवर हो जाएगा।
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जियो रीफ्रेंस से जोड़े जाएंगे राजस्व ग्राम-
रॉवर मशीन के माध्यम से सीमांकन के लिए जिले के सभी राजस्व ग्रामों को जियो रीफ्रेंस से जोड़ा जाएगा। इसकी कवायद ग्वालियर से शुरू हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों की माने तो अभी कुसमी व गोपद बनास तहसील के कुछ गांव ही जियो रीफ्रेंस से जुड़ पाए हैं। जियो रीफ्रेंस से जुड़े गांवों में ही रॉवर मशीन से सीमांकन हो पाएगा।
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राजस्व निरीक्षक प्रशिक्षित, अब पटवारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण-
जिले के भुईमाड़ में पदस्थ राजस्व निरीक्षक सुखदेव कुशवाहा को रॉवर मशीन से सीमांकन संबंधी प्रशिक्षण के लिए ग्वालियर भेजा गया था। वहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सुखदेव कुशवाहा द्वारा विगत माह जिले के समस्त राजस्व निरीक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। अब पटवारियों को प्रशिक्षण दिये जाने की तैयारी है, इसके लिए 29,30 नवंबर व 1 दिसंबर की तिथि निर्धारित की गई है, इस सत्र में जिले के 45 पटवारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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सीमांकन संबंधी प्रकरणों का शीघ्र होगा निराकरण-
बताया गया कि जरीब के जरिये जमीनों के नाप जोख व सीमांकन में काफी ज्यादा समय लग जाता है, वहीं सीमा संबंधी विवाद की स्थिति भी बनी रहती है, जिसके कारण कई बार नाप-जोख करना पड़ता है, जिससे सीमांकन संबंधी कार्य काफी धीमी गति से हो पाता है, और बड़ी संख्या में प्रकरण लंबित पड़े रहते हैं। रॉवर मशीन के जरिये सीमांकन कार्य प्रारंभ होने से सीमांकन संबंधी प्रकरणों के निराकरण में तेजी आएगी। वर्तमान में जिले में करीब साढ़े सात हजार सीमांकन के प्रकरण लंबित हैं।
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सीमांकन संबंधी न्यायालय वार लंबित प्रकरणों की स्थिति-(31 अक्टूबर 2022 की स्थिति में)-
न्यायालय - कुल दर्ज - कुल लंबित - 6 माह पुराने
नायब तहसीलदार बहरी - 405 - 284 - 118
नायब तहसीलदार चुरहट - 642 - 126 - 17
बृत्त गिर्द द्वितीय गोपद बनास - 345 - 148 - 53
बृत्त सेमरिया गोपद बनास - 781 - 343 - 99
बृत्त मड़वास तहसील मझौली - 920 - 303 - 290
बृत्त हनुमानगढ़ तहसील रामपुरनैकिन- 735 - 266 - 194
नायब तहसीलदार रामपुर नैकिन - 301 - 66 - 67
तहसीलदार रामपुर नैकिन - 660 - 191 - 187
तहसीलदार चुरहट - 435 - 183 - 62
नायब तहसीलदार मझौली - 353 - 126 - 91
तहसीलदार मझौली - 883 - 515 - 86
नायब तहसीलदार पोंड़ी - 133 - 83 - 05
तहसीलदार कुसमी - 428 - 227 - 102
तहसीलदार गोपद बनास - 813 - 360 - 170
तहसीलदार बहरी - 483 - 282 - 48
तहसीलदार सिहावल - 510 - 135 - 86
नायब तहसीलदार सिहावल - 440 - 213 - 20
कुल - 9267 - 4005 - 1695
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जिले में तहसील व सर्किल की स्थिति-
तहसील - आरआई सर्किलों की संख्या
गोपद बनास - 05
चुरहट - 03
रामपुर नैकिन - 04
सिहावल - 02
बहरी - 02
कुसमी - 02
मझौली - 04
कुल - 23
नोट- इसके अलावा जिले में दो उपतहसील मड़वास व हनुमानगढ़ भी संचालित हैं।
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दिया जा रहा प्रशिक्षण-
रॉवर मशीन के जरिये सीमांकन संबंधी कार्य हेतु एक मशीन उपलब्ध कराई जा चुकी है, सेटेलाइट टॉवर भी जिले में तीन जगह लगाए जा चुके हैं, अब केवल राजस्व अमले को प्रशिक्षण का कार्य शेष है। राजस्व निरीक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, इसी सप्ताह पटवारियों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सुवेंदु सिंह बघेल, अधीक्षक भू अभिलेख सीधी
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सेटेलाइट पर आधारित है रॉवर मशीन-
........रॉवर और टैबलेट के माध्यम से सीमांकन होना है। जो इंटरनेट के माध्यम से पूर्ण सैटलाइट पर आधारित है। जिसमे किसी सीमा-सरहद लेने की आवश्यकता नहीं होती, सीधे जिस प्लॉट के जिस कोने के सीमाओं को नापना है, वहां से लोकेट कर देता है।
सुखदेव कुशवाहा, प्रशिक्षित राजस्व निरीक्षक भुईमाड़
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Published on:
27 Nov 2022 10:35 pm
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