
Old hunger man death in chitrakoot
सतना। भगवान राम की तपोस्थली चित्रकूट में एक वृद्ध की भूख से मौत का मामला सामने आया है। जिस वृद्ध की भूख से मौत हुई है उसका नाम रघुनाथ है। वृद्धाश्रम के अन्य वृद्धों की मानें तो मौत के मामले में सीधे तौर पर सतना जिले का सरकारी अमला ही जिम्मेदार है। बताया गया कि चित्रकूट के प्रमोदवन स्थित सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित वृद्धाश्रम में पिछले ६ माह से वृद्धजनों को जीवकोपार्जन राशि नहीं दी जा रही थी। मंदिरों के भंडारे और भिक्षा मांगकर वृद्धाश्रम के वृद्ध जीवन जीने को मजबूर थे। मृतक रघुनाथ बदकिस्मत था। जिससे बीमारी के चलते कही आ जा नहीं पता था। नतीजतन भूख से उसकी मौत हो गई।
कैसे हुई मौत
बता दें कि, मध्यप्रदेश सरकार योजनाओं के जरिए करोड़ों रुपए निराश्रित वृद्धजनों नि:शक्तजनों के लिए भेजती है। लेकिन अमानवीयता की हद्द पार तब हो जाती है जब सरकारी खजाने में पैसे होने के बावजूद हितग्राहियों को नहीं मिलते और भूख से उनकी मौत हो जाती है। वृद्ध रघुनाथ की वृद्ध पत्नी रामबाई मंदिर आश्रम जाकर अपना पेट तो भर आती थी। लेकिन बीमार रघुनाथ पैसे के अभाव में ईलाज नहीं करा पा रहा था। रघुनाथ भूख के कारण चलने फिरने से मोहराज था। पेट भरने भीख और भंडारे नहीं जाता था। भूख से बिलखते हुए घर में ही पड़ा रहता था। नतीजतन तीन दिन पहले रघुनाथ ने दम तोड़ दिया।
30 वर्ष पूर्व एक आईएएस अफसर ने की थी स्थापना
परिवार से उपेक्षित बुजुर्ग दूर-दूर से भगवान राम की स्थली आकर डेरा डाल देते थे। 30 वर्ष पूर्व एक आईएएस अफसर ने प्रमोदवन में वृद्धाश्रम की स्थापना की थी और इन निराश्रित बुजुर्गों को पक्के मकान बनाकर बसा दिया। एक सोसायटी इसे संचालित करती थी। कुछ दिन बाद विवाद हुआ तो जिला प्रशासन ने टेकओवर कर सामाजिक न्याय एवं निशक्त जन विभाग को जिम्मेदारी दे दी। विभाग आश्रम के वृद्धजनों को जीवको-पार्जन राशि के साथ कई सुविधाएं मुहैया कराता था। लेकिन 6 माह से सब कुछ अचानक क्यों बन्द कर दिया गया समझ बसे परे है।
Published on:
05 Jun 2019 04:21 pm
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