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प्रवासी कीटों को भाई सतना की फिजा,कैमिकल अटैक के बाद भी जाने को तैयार नहीं

जिले में पाकिस्तानी टिड्डियों का हमला शहर से गांव तक आतंक

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Pakistani locust attack in the satna

Pakistani locust attack in the satna

सतना. प्रवासी कीट टिड्डी दल ने 50 साल बाद जिले में हमला बोला है। १० दिन पहले जिले में आक्रमण करने वाला यह कीट शहर से गांव तक फैल चुका है। टिड्डीदल को खदेडऩे कृषि विभाग की टीम लगातार केमिकट अटैक कर रही है। इसके बावजदू टिड्डियां जिले की सीमा से बाहर जाने को तैयार नहीं हैं। मई के आखिरी सप्ताह में जिले के एक दर्जन गांवों में हमला करने वाली टिड्डियां अब 500 गांवों तक फैल गई है। शहर से लेकर गांव तक टिड्डियों का हमला जारी है। इससे फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है।
छोटे-छोटे समूह में बंटा दल
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टिड्डियों को जिले में अनुकूल माहौल मिल रहा है। इसलिए वह दस दिन से जिलेभर में विचरण कर रही है। टिड्डीदल जिन गांवों से होकर निकला है वहां छोटे-छोटे समूह बनाकर कुछ टिड्डिया रूक जाती है। यहीं छोटे दल खेतों में हमला कर किसानों की परेशानी बढ़ा रहे हैं।
सब्जी फसल व पेड़ों को नुकसान
टिड्डिीदल की निगरानी में जुटे कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गर्मी में खेतों में फसल न होने के कारण अभी टिड्डीदल सब्जी फसल एवं पेड़ों को नुकसान पहुंचा रहा है। जिस पेड़ पर रात में टिड्डीदल विश्राम करता है सुबह उसकी हरियाली गायब हो जाती है। एक माह बाद खरीफ की बोवनी शुरू होगी। इससे पहले टिड्डीदल को जिले से खदेडऩा होगा। नहीं तो खरीफ की फसलों को यह भारी नुकसान पहुंचा सकती है।
अगस्त सितंबर में हो सकता है दूसरा हमला
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रवासी कीट यदि जिले से बाहर नहीं गया तो यह एक माह के अंदर खेतों में अंडे देगा। इससे नई जनरेशन पैदा होगी। नए टिड्डीदल को तैयार होने में डेढ़ माह का समय लगेगा। यदि एक माह में टिड्डियों का सफाया नहीं हुआ तो अगस्त सितंबर में टिड्डीदल की नई टीम तैयार होकर खेतों में हमला बोलेगी जिन्हें रोकना किसानों के लिए चुनौती होगा।