
Dhawari pond encroachment free after 10 years
सतना। शहर के स्मार्ट सरोवरों में शामिल धवारी तालाब के सौंदर्यीकरण में बाधा बने अवैध निर्माण पर आखिरकार सोमवार को निगम प्रशासन ने बुलडोजर चलाते हुए तालाब की मेड़ को अतिक्रमण मुक्त करा लिया। सुबह दल बल के साथ तालाब पहुंचे पुलिस-प्रशासन ने पहले मेड़ पर मकान बनाकर रह रहे लोगों को मकान खाली करने के निर्देश दिए। जब अतिक्रमणकर्ताओं ने कार्रवाई का विरोध किया तो बलपूर्वक तालाब की मेड़ पर बने मकानों को खाली कराते हुए बुलडोजर चलवा दिया गया।वर्षों से अवैध आशियाना बनाकर रह रहे लोगों के घरों पर बुलडोजर का पंजा चलते ही महिलाओं ने विरोध शुरू किया। कुछ महिलाएं जेसीबी के नीचे आकर लेट गईं, लेकिन पुलिस की सख्ती के सामने उनकी नहीं चली। विरोध कर रहीं महिलाओं को मौके पर उपिस्थत महिला आरक्षकों ने पकड़कर दूर हटाया।
चार घंटे चली कार्रवाई
पूरी तैयारी के साथ अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस व प्रशासन की टीम ने सबसे पहले मकानों को खाली कराया। मकान के अंदर रखा पूरा सामान अतिक्रमण दस्ते की टीम ने बाहर किया। इसके बाद एक साथ दो जेसीबी चलाकर मेड़ पर बने सभी 32 अवैध निर्माण ढहा दिए गए। मेड़ को खाली कराने में पुलिस प्रशासन को लगभग चार घंटे लगे। कार्रवाई के दौरान डिप्टी कलेक्टर राजेश शाही, एसडीएम, सीएसपी महेन्द्र सिंह, अतिक्रमण दस्ता प्रभारी रमाकांत शुक्ला, एई नगर निगम आरपी सिंह, कोलगवां टीआइ डीपी सिंह चौहान सहित भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
आंखों में दिखा बेघर होने का दर्द
लगभग 10 साल से धवारी तालब की मेड़ पर आशियाना बनाकर परिवार सहित जीवन यापन कर रहे 32 परिवार सोमवार को निगम की कार्रवाई के बाद सड़क पर आ गए। निगम ने उनके आशियानों पर बुलडोजर चलाया तो बेघर होने का दर्द महिलाओं की आखों पर छलक आया। अवैध मकान में रह रहीं कई महिलाओं का घर टूटा तो वे फूट-फूट कर रोने लगीं। तालाब की मेड़ पर मकान बनाकर रह रहे गरीब परिवारों की मांग यह थी कि प्रशासन उन्हें दूसरी जगह जमीन देकर विस्थापित करे, तभी वह तालाब की मेड़ से हटेंगे।
तालाब सौंदर्यीकरण का रास्ता साफ
धवारी तालाब का सौंदर्यीकरण स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत किया जाना है। तालाब में पांच करोड़ की लागत से विकास कार्य कराया जाना है। इसका टेंडर हो चुका है, लेकिन तालाब की मेड़ पर अतिक्रमण के कारण ठेकेदार काम शुरू नहीं कर रहा था। निगम प्रशासन द्वारा तालाब की मेड़ का अतिक्रमण हटाने के बाद तालाब के सौंदर्यीकरण का रास्ता साफ हो गया है। ठेकेदार को जल्द तालाब में निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
12 परिवार उतैली पीएम आवास में शिफ्ट
झुलसाती गर्मी के बीच तालाब की मेड़ से हटाए गए 32 परिवारों में से 12 परिवार ऐसे हैं जिनका शहर में कोई दूसरा आश्रय नहीं हैं। उनको निगमायुक्त तन्वी हुड्डा के निर्देश पर निगम प्रशासन द्वारा उतैली िस्थत आइएचएसडीपी आवासों में अस्थाई रूप से शिफ्ट किया गया है।
सवालों में रही रैगांव विधायक की मौजूदगी
धवारी तालाब के अतिक्रमण पर बुलडोजर चलने की सूचना मिलने पर रैगांव विधायक कल्पना वर्मा मौके पर पहुंचीं। गरीब परिवारों से मुलाकत करते हुए कार्रवाई का विरोध किया। कल्पना ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबी की जगह गरीबों को हटाने में तुली है। किसी भी गरीब का घर गिराने से पहले प्रशासन उन्हें घर बनाकर दे। हालांकि उनकी यहां मौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही। लोग यह कहते मिले कि पहले उन्हें अपनी विधानसभा देखनी चाहिए। क्षेत्रीय समस्याओं से जनता परेशान हो रही और विधायक दूसरी विधानसभा में राजनीति चमकाती रहीं।
कई घरों से निकले एलईडी, कूलर, फ्रीज
धवारी तालाब पर कार्रवाई के दौरान कई कथित गरीब परिवारों की पोल उस समय खुली, जब टीन शेड के बच्चे मकानों से एलईडी, कूलर, फ्रीज सहित हजारों रुपए की वीआइपी सामग्री निकली। यह देख अधिकारी भी दंग रह गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि तालाब की मेड़ पर रह रहे दो दर्जन परिवारों के वार्ड 32 में मकान बने हैं। वह तालाब की जमीन में अतिक्रमण करने की साजिश के तहत गरीब बनकर यहां निवास कर रहे थे।
Published on:
17 May 2022 02:31 am
बड़ी खबरें
View Allसतना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
