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पटवारी भर्ती में बड़ा गड़बड़झाला: चार अपात्रों का हुआ गलत चयन, फिर कलेक्टर ने किया ये

गड़बड़झाला: सवालों के घेरे में एसएलआर
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सतना

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Suresh Mishra

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Updated: 7 Aug 2018, 1:24 PM IST

patwari bharti pariksha big frauds news in hindi

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सतना। पटवारी भर्ती परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों के दाखिले व दस्तावेजों के सत्यापन में व्यापक गड़बड़ी करने का मामला सामने आया है। भर्ती के तय मापदंडों के विपरीत जिले में चार अपात्र अभ्यर्थियों की भर्ती की गई। काउंसलिंग के दौरान उन्हें बकायदा पात्र माना गया। प्रशिक्षण लेने तक का मौका दे दिया गया। अब मामला तूल पकड़ा, तो कलेक्टर मुकेश शुक्ला ने चार अपात्र अभ्यर्थियों के चयन को निरस्त कर दिया। लेकिन, इस कार्रवाई से एसएलआर गोविंद सोनी सवालों के घेरे में आ गए हैं। सबसे बड़ा सवाल है कि तय मापदंड के विपरीत अपात्रों को मौका कैसे दिया जा सकता है।

ये है मामला
दरअसल, भर्ती नियमानुसार कोई शासकीय कर्मचारी एक साथ दो जगह सेवाएं नहीं दे सकता। अगर, सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करता है, तो अपने मूल विभाग से अनुमति लेनी होती है और चयन होने पर पूर्व पद से इस्तीफा देना होता है। इसके बाद ही उसका चयन वर्तमान पद के लिए होता है। फिर प्रशिक्षण सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं। लेकिन, सतना जिले में दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान जानबूझकर लापरवाही बरती गई। सेना के चार जवानों का चयन पटवारी के लिए हुआ था। दस्तावेज सत्यापन के दौरान शासकीय सेवा नियम को नकार दिया गया और उनका चयन करते हुए प्रशिक्षण के लिए भेज दिया गया। जब मामला कलेक्टर के पास पहुंचा, तो उन्होंने तत्काल अभ्यर्थियों के चयन को निरस्त कर दिया। लेकिन, सवाल है कि गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं प्रस्तावित की गई? उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

सेना के जवान अपात्र
कलेक्टर ने जिन चार लोगों के चयन को निरस्त किया है, वे सभी सेना के जवान हैं। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के दौरान उन्होंने अपना इस्तीफा नहीं दिया था, जिस कारण उन्हें अपात्र माना गया है। इसमें निकेश्वर प्रसाद शुक्ला, बद्री प्रसाद मिश्रा, मुकेश कुमार इतवरिया व अजय कुमार गौतम शामिल हैं। ऐसा नहीं है कि ये मामला अधिकारियों को मालूम नहीं था। एसएलआर सहित अन्य सभी को इस संबंध में जानकारी थी। लेकिन, एक माह तक पूरे मामले का लिंगाराहन किया जाता रहा।

272 का हुआ था चयन
पटवारी भर्ती परीक्षा का आयोजन व्यापमं के माध्यम से हुआ था। इसके तहत 272 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। इसमें से 263 ने उपस्थिति दी थी। जिनका परीक्षण कन्या धवारी स्कूल के बगल में चल रहा है।