
Pediatric intensive care unit kya hai picu kya hota hai
सतना। गंभीर बीमार मासूमों सहित परिजनों को अब रेफर का दर्द नहीं झेलना पड़ेगा। ऐसे मासूमों को जिला अस्पताल में बेहतर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा मुहैया कराई जाएगी। दरअसल, शिशु रोग वार्ड में पीआईसीयू इकाई बनाई जा रही है। वहां वेंटीलेटर सहित अन्य अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित होंगे। एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) भी तैयार कर ली गई है।
संचालनालय स्वास्थ्य सेवा द्वारा दो वेंटीलेटर जिला अस्पताल प्रबंधन को उपलब्ध भी करा दिए गए हैं। दोनों वेंटीलेटर पीआईसीयू में स्थापित किए जाएंगे। 1 माह से 15 वर्ष तक के गंभीर बीमार बच्चों को अभी इमरजेंसी ट्रायेज असेस्मेंट एवं टीट्रमेंट इकाई में प्राथमिक उपचार प्रदान किया जाता है।
स्वास्थ्य में सुधार होने पर शिशु रोग वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है। सुधार नहीं होने पर मेडिकल कॉलेज रीवा, जबलपुर रेफर कर दिया जाता है। इससे परिजनों को बच्चों के इलाज के लिए दूसरे शहरों का भटकाव झेलना पड़ता है।
तैनात रहेंगे चिकित्सक
पीआईसीयू में दो वेंटीलेटर स्थापित किए जाएंगे। रेडियेंट वार्मर, ऑक्सीजन कंसेनट्रेटर, इनफ्यूजन पंप,मल्टीपेरामीटर मॉनीटर, पल्स ऑक्सीमीटर, लेरिंगोस्कोप सहित एक दर्जन से अधिक उपकरण भी लगाए जाएंगे। इकाई के संचालन के लिए शिशु रोग विशेषज्ञ को प्रभारी बनाया जाएगा। एक चिकित्सक सहित पैरामेडिकल स्टॉफ की 24 घंटे तैनाती रहेगी।
एचडीयू इकाई तैयार
शिशु रोग वार्ड में मेटरनिटी विंग की तर्ज पर हाई डिपेंडेंसी यूनिट भी बनाई गई है। यह दो बेड की हैं। इसमें भी रेडियेंट वार्मर सहित अन्य उपकरण लगाए जा रहे हैं। इस इकाई में भी गंभीर बीमार मासूमों को दाखिल किया जाएगा। पीआईसीयू इकाई में प्रशिक्षित चिकित्सक सहित पैरामेडिकल स्टॉफ की पदस्थापना की जाएगी।
Published on:
05 Aug 2019 07:22 pm
बड़ी खबरें
View Allसतना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
