
Police entangled in their own area, did not reach Delhi businessmen
विंध्य में नशे के सीरप और गोलियों का बड़े पैमाने पर कारोबार हो रहा है। इसका खुलासा भी पुलिस कर चुकी है। लेकिन इस कारोबार की जड़ में सेंध नहीं लगाई जा सकी। शहर के ही एक गोदाम से बड़ी मात्रा में नशीला सीरप जब्त करने के बाद जब पुलिस ने रीवा में भी दबिश कराई तो पता चला कि दिल्ली, ग्वालियर से भी यहां के तार जुड़े हैं। एेसे में एसपी रियाज इकबाल ने नशीला सीरप सप्लाई करने वाली कंपनियों और इनसे जुड़े डीलर तक पहुंचने का प्लान बनाया था। लेकिन 10 जुलाई की कार्रवाई के बाद पुलिस अपने ही इलाके में उलझी रही। पुलिस टीम न तो दिल्ली जाकर जांच कर पाई और न ही यह पता चला कि बड़ी मात्रा में नशीले सीरप की आमद आखिर कैसे हुई?
सतना. नशे के इस कारोबार से जुड़े छोटे बड़े सभी लोगों तक पहुंचने के लिए पुलिस कप्तान ने थाना प्रभारियों को टास्क दिया था। जिसमें पता करना था कि अब तक जिले में जहां से भी नशीला कफ सीरप जब्त हुआ है वह किस किस माध्यम से लाया गया? कंपनी ने उस सीरप की सप्लाई कहां के लिए की थी और बेचने वालों तक किसके जरिए पहुंचा? यह टास्क अब तक पूरा नहीं हुआ है। एेसे में नशीले सीरप के मामले में पुलिस के कदम पीछे ही चल रहे हैं। जबकि आज भी सीरप का कारोबार अपनी पहुंच युवाओं तक बनाए हुए है।
फेर लेते हैं नजर
नशीले सीरप और गोलियों का कारोबार करते पकड़े गए लोगों के बारे में पुलिस के आला अफसर जांच नहीं कराते हैं। जबकि अदने कर्मचारी इनका पूरा ध्यान रखते हैं। सूत्रों का कहना है कि एक दफा पुलिस की गिरफ्त में आने वाला अफसरों की निगाह से भले बच जाए लेकिन खाकी के सिपाहियों की निगाह इनके रिहा होने पर बाद लगातार रहती है। फर्क सिर्फ इतना है कि नजर अपने भले के लिए ही रखी जाती है। नशे का कारोबार करने वाले आदतन आरोपी कानून की गिरफ्त से छूटने के बाद भी अपने इस कारोबार को धीमी रफ्तार से चला रहे हैं। लेकिन पुलिस के लिए सूचना संकलन करने वाले और स्पेशल तौर पर अफसरों के पास तैनात पुलिसकर्मी इनके अवैध काम से नजर फेर लेेते हैं।
कप्तान के डंडे से परेशान
पुलिस अधीक्षक ने जब नशीले सीरप का ब्योरा जुटाने के निर्देश दिए तो विवेचना करने वाले अफसरों के हाथ पैर फूलने लगे। शराब, गांजा की तरह नशीले सीरप में भी पुलिस अकसर यही कहती है कि आरोपी जिससे लेकर आया वह अज्ञात व्यक्ति था। इसी आदत ने पुलिस को नशे की जड़ में मार नहीं करने दिया। अब जब एसपी ने जानकारी मांगी है तो नशीले सीरप की कार्रवाई में विवचेना करने वाले अंधेर में लठ्इ भांजने में जुटे हैं।
7 महीने में 14 मामले
- कोलगवां थाना पुलिस ने 15 जनवरी को लावारिश हाल 405 सीसी कफ सीरप जब्त की है।
- सिटी कोतवाली पुलिस ने 11 जनवरी को 14 कार्टून कफ सीरप बरामद कर आरोपी गुड्डा उर्फ लियाकत अली व सीरप के बड़े कारोबारी मिथलेश द्विवेदी को पकड़ा।
- रामपुर बाघेलान थाना पुलिस ने 11 जनवरी को ही 180 सीसी कफ सीरप जब्त कर आरोपी विनीत मिश्रा को पकड़ा।
- रामपुर बाघेलान पुलिस ने ही 19 जनवरी को फिर से आरोपी विनीत पयासी को गिरफ्त में लेते हुए इसके कब्जे से 190 सीसी कफ सीरप जब्त किया।
- रामपुर बाघेलान थाना पुलिस ने 24 फरवरी को 240 सीसी कफ सीरप के साथ आरोपी अभयराज सिंह पटेल को पकड़ा।
- सिटी कोतवाली पुलिस ने 15 मार्च को 159 सीसी कफ सीरप के साथ आरोपी अजय अग्रवाल उर्फ बंटा को पकड़ा।
- कोलगवां थाना पुलिस ने 20 मार्च को 52 सीसी कफ सीरप के साथ आरोपी अमित साकेत को पकड़ा।
- कोलगवां थाना पुलिस ने ही 30 मार्च को 35 सीसी कफ सीरप के साथ आरोपी नागेन्द्र त्रिपाठी को पकड़ा।
- सभापुर थाना पुलिस ने 18 अप्रेल को 500 सीसी कफ सीरप के साथ आरोपी निरंजन पाण्डेय को पकड़ा।
- रामपुर बाघेलान थाना पुलिस ने 24 अप्रेल को 51 सीसी कफ सीरप के साथ आरोपी रिंकू पटेल को पकड़ा।
- कोलगवां थाना पुलिस ने 10 जून को 144 सीसी कफ सीरप के साथ आरोपी मो. अजीज को पकड़ा।
- रामपुर बाघेलान थाना पुलिस ने 11 जून को 110 सीसी कफ सीरप के साथ आरोपी ब्रजेश सिंह को पकड़ा।
- सीएसपी ने दबिश देकर 10 जुलाई को बांस नाका के पास बने एक गोदाम से 419 पेटी कफ सीरप जब्त कराते हुए आरोपी संजय ताम्रकार पुत्र संत शरण ताम्रकार (44) निवासी रामपुर बाघेलान को पकड़ा।
- 10 जुलाई को सतना में कार्रवाई के बाद आरोपी संजय ताम्रकार के रीवा स्थित घर से 38 पेटी कफ सीरप व भारी मात्रा में नशा करने वाली गोलियां मिली थीं। यहां से रीवा पुलिस ने आरोपी प्रसून तिवारी व अमन सोनी को पकड़ा था।
" नशीले सीरप की जांच के लिए पुलिस की एक टीम दिल्ली भेजने के निर्देश हैं। जल्द ही पुलिस टीम कंपनी से सीरप सप्लाई का ब्योरा जुटाकर अगली कार्रवाई करेगी।"
-विजय प्रताप सिंह परिहार, सीएसपी
Published on:
02 Aug 2019 01:24 pm
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