
80 किमी लंबाई की नहर निर्माण का तीन खंडों में भूमि पूजन
सतना. 10 साल से स्लीमनाबाद टनल में फंसा सतना के हिस्से का नर्मदा जल विस चुनाव 2023 से पहले सतना की धरती पर पहुंच सकता है। अगले विधानसभा में बरगी का पानी चुनावी मुद्दा न बने इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने अक्टूबर 2023 में बरगी बांध का पानी सतना लाने का लक्ष्य रखा है। बुधवार को नागौद शाखा नहर की 575 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 80 किलोमीटर लंबाई की नहर निर्माण का तीन खंडों में श्यामनगर, रहिकवारा और आमा ग्राम पंचायत में भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्यअतिथि पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री रामखेलावन पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की दृढ़ इच्छा और संकल्प के अनुसार उनकी निरंतर निगरानी में बरगी दायीं तट नहर का नर्मदा जल सतना जिले की धरती पर लाने का कार्य बहुत तेज गति से चल रहा है। सतना जिले के खेतों में बरगी दायीं तट नहर से नर्मदा का पानी अक्टूबर 2023 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद सतना गणेश सिंह ने की। इन कार्यक्रमों में क्षेत्रीय विधायक नागौद नागेंद्र सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गगनेंद्र प्रताप सिंह,पुष्पराज बागरी, कांमाक्षा कुमारी सिंह, मनीष प्रताप सिंह सुरदहा, सुभाष चंद्र बुनकर, ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू , मुख्य अभियंता अपर नर्मदा जोन नर्मदा घाटी विकास आरएम शर्मा, सहायक अभियंता अजय सिंह परिहार, एसडीएम उचेहरा एचके धुर्वे, नागौद धीरेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे।
तीन किमी टनल का निर्माण बाकी
सांसद गणेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बरगी नहर के पानी को सतना पहुंचाने के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर टनल और नहरों के निर्माण को गति दी है। किसानों के मन में अब नई आशा का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि नहर निर्माण में टनल की खुदाई सबसे बड़ी बाधा रही है, अब यह बाधा दूर कर ली गई है। सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रयासों से स्लीमनाबाद की टनल अप स्ट्रीम में 3.689 किलोमीटर और डाउनस्ट्रीम में 5.230 किलोमीटर सुरंग 10 मीटर के डाया में तैयार की जा चुकी है। लगभग 12 किलोमीटर लंबाई की टनल में दोनों सिरों पर मशीन लगाकर 9 किलोमीटर लंबाई की टनल तैयार है। अब केवल 3 किलोमीटर टनल और बनानी है।
अब नगर निर्माण में कोई बाधा नहीं
विधायक नागेंद्र सिंह ने कहा कि बरगी दायीं तट की नहर से नर्मदा का जल सतना जिले के खेतों में लाने की परिकल्पना 1982 में की गई। लेकिन इसे वर्ष 2007-08 में नहर का निर्माण प्रारंभ कर मूर्त रूप देने का काम शुरू हुआ। सरकार के प्रयासों में कोई कमी नहीं रही, लेकिन टनल और नहर निर्माण के कार्य में अनेक दिक्कत और अड़चनों के कारण कार्य पूर्ण होने में विलंब हुआ है। लेकिन बरगी दायीं तट के नहर निर्माण में अब कोई बाधा नहीं है। सतना जिले में शीघ्र सिंचाई के लिये नर्मदा जल प्राप्त होगा।
Published on:
03 Dec 2022 01:53 am
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