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आठ जनवरी को चित्रकूट आएंगे राष्ट्रपति, करेंगे ऐसा जो पहले नहीं हुआ

रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रपति शिरकत

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सतना

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Rajiv Jain

Jan 04, 2018

First Visit of President of india

First Visit of President of india

सतना. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का चित्रकूट दौरा फाइनल हो गया है। राष्ट्रपति उत्तरप्रदेश के हिस्से वाले चित्रकूट में बने जगदगुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। संभवतय: यह पहला मौका होगा जब राष्ट्रपति यहां बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। मध्यप्रदेश और यूपी की सीमा पर उनके आगमन को देखते हुए मध्यप्रदेश शासन ने उनके कार्यक्रम को अंतिम रूप देते हुए जिला प्रशासन को सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने कहा है। दौरे के मद्देनजर सुरक्षा इंतजाम, मौसम की स्थिति सहित अन्य व्यवस्थाएं पूरी गंभीरता से पूरी करने सतना कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया है।
यात्रा से पहले चित्रकूट के मप्र व उप्र के हिस्से में तैयारियों से संबंधित कई कार्य किए जाने हैं। उनकी भव्य आगवानी को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। जहां सतना कलेक्टर मुकेश कुमार शुक्ला दो दिन पहले चित्रकूट का दौरा कर चुके हैं। वहीं कर्वी कलेक्टर ने बैठक लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दोनो ओर के जिला प्रशासन की कोशिश है कि राष्ट्रपति की यात्रा में किसी प्रकार की कमी नहीं रह जाए। उल्लेखनीय है कि 8 जनवरी को जगदगुुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रपति शिरकत करने वाले हैं। इसके अलावा उप्र के राज्यपाल सहित अन्य शीर्ष राजनेता भी आने वाले हैं।

यह है मिनट टू मिनट कार्यक्रम
राष्ट्रपति के कार्यक्रम के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार वे आठ जनवरी को 12 बजे आरोग्यधाम पहुंचेंगे। 12.05 बजे तक आरोग्यधाम का भ्रमण करने के बाद 12.25 तक आरोग्यधाम में नानाजी देशमुख प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसी दौरान प्रदर्शनी के माध्यम से संस्थान के प्रकल्पों का भी जायजा लेंगे। 12.30से 12.50 तक रामदर्शन का भ्रमण करेंगे। 12.57 तक रामदर्शन में काफी टेबल बुक का लोकार्पण करेंगे।

जानिए विकलांग विवि के बारे में
जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय (जराविवि) चित्रकूट धाम में स्थापित विश्वविद्यालय है। यह भारत ही नहीं दुनिया में विकलांगों के लिए पहला विशिष्ट विश्वविद्यालय है। इसकी स्थापना वर्ष 2001 में जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा हुई और इसे जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग शिक्षण संस्थान नामक एक संस्थान द्वारा संचालित किया जाता है। विश्वविद्यालय का सृजन उत्तर प्रदेश सरकार के एक अध्यादेश द्वारा किया गया था, जो पश्चात् उत्तर प्रदेश विधायिका द्वारा उत्तर प्रदेश राज्यअधिनियम 32 (2001) के रूप में पारित किया गया। अधिनियम के अनुरूप जगद्गुरु रामभद्राचार्य को विश्वविद्यालय के जीवनपर्यन्त कुलपति के रूप में नियुक्त किया गया।

IMAGE CREDIT: patrika

कौन है रामभद्राचार्य
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने अपनी योग्यता के बल पर विकलांगता को मात दी है। देश के हजारों विकलांगों का उद्धार करने वाला विकलांग विश्वविद्यालय अद्वितीय है। इसमें समाज के सबसे जरूरतमंद अक्षम बालकों को सक्षम बनाने का प्रयास हो रहा है। देश में लगभग चार करोड़ विकलांग हैं। जिसमें डेढ़ करोड़ अस्थि विकलांग, एक करोड़ दृष्टिहीन, 60 लाख मूक बधिर, सवा करोड़ मानसिक विकलांगों की संख्या है। जिन्हें शिक्षा, प्रशिक्षण, पुर्नवास की आवश्यकता है। विवि के कुलाधिपति जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज का मानना है कि जब तक देश के समस्त विकलांग अपने पैरों में खड़े नहीं हो जाते, वह विश्राम नहीं लेंगे।

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इन कामों को पूरा करने के आदेश
चित्रकूट इंटर कालेज में एक हैलीपैड बना है, दूसरा हैलीपैड बनाना है। पहले वाले हैलीपैड में मरम्मत करने के निर्देश हैं।
निरीक्षण गृह की पुताई होगी।
निर्मोही अखाड़ा से विकलांग विश्वविद्यालय तक सडक़ ठीक करायी जानी है।
चित्रकूट इंटर कालेज प्रांगण से गेट तक रोड बनवायी जानी है।
विकलांग विश्वविद्यालय में बने मंच की मरम्मत के निर्देश।
पहले से सर्वे कर वैरियर स्थापित के लिए स्थान चिन्हित करना और लिस्ट तैयार करना।
लूज तार व टेढ़े मेढे खंभों को ठीक कराया जाएगा, ताकि बिजली व्यवस्था प्रभावित न हो।
राष्ट्रीय रामायण मेला और मंदाकिनी गेस्ट हाउस में टैंकर की व्यवस्था।
वीवीआईपी भ्रमण के दौरान एम्बुलेंस व कुशल चिकित्सकों की ड्यूटी रहेगी।
पुलिस विभाग फ्लीट के लिए कारों की व्यवस्था करेगा।
हैलीपैड एवं कार्यक्रम स्थलों पर मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी होगी।