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स्मार्ट सिटी की जनता से दोहरा टैक्स वसूल रहा नगर निगम

विंध्य चेम्बर ने संपत्तिकर की विसंगतियों पर निगमायुक्त से की चर्चा

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 Birth-death or ration card, marriage registration also have to be done, then old tax has to be deposited first, 5 crore is to be charged for recovery

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सतना. जिले की सबसे बड़ी व्यापारिक संस्था विंध्य चेम्बर ने नगर निगम द्वारा प्रस्तावित संपत्तिकर वृद्धि का विरोध करते हुए इसकी विसंगतियों को दूर करने नगर निगम प्रशासन को सुझाव दिया है। शुक्रवार को संपत्तिकर में जनता को राहत देने चेम्बर पदाधिकारियों ने निगमायुक्त अमनवीर सिंह से फोन पर चर्चा की। चेम्बर ने कहा कि नगर निगम वर्षों से शहर की जनता से दोहरा कर वसूल रहा है। इसके बावजूद संपत्तिकर में और वृद्धि करना उचित नहीं है।

चेम्बर ने कहा कि नगर निगम संपत्तिकर के साथ समेकित कर एवं जलकर भी वसूलता है, फिर लोगों से हर माह 150 रुपए अलग से क्यों लिए जाते हैं? जब समेकित कर के साथ स्वच्छता एवं अग्निशमक कर पहले से लिया जा रहा है, फिर कचरा उठाने के नाम पर 360 रुपए अलग से क्यों रोपित किए गए हैं? चेेम्बर ने कहा कि नगर निगम प्रशासन संपत्तिकर के साथ दोहरा कर वसूलना बंद करें, जिससे जतना को टैक्स जमा करने में राहत मिल सके।

ये सुझाव दिए गए

- व्यावसायिक भवनों में प्रथम तल का संपत्तिकर भूतल से 20 प्रतिशत कम होता है। इसे आवासीय भवनों पर भी लागू किया जाए।
- एेसे व्यावसायिक भवन जिनका अंशभाग ही व्यावसाय के रूप में उपयोग होता है, उन्हें संपत्तिकर में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाए।

- संपत्तिकर वार्षिक भाड़ा 25000 तक टैक्स मुक्त रखा जाए। इसके बाद क्रमश.6, 8 एवं 10 प्रतिशत टैक्स लिया जाए।
- संपत्तिकर के साथ दो प्रतिशत जल उपभोक्ता उपकर लिया जाता है, इसे बंद किया जाए।

- नगर निगम की संपत्तिकर की दरें बहुत अधिक हैं, इन्हें कम किया जाए।
- संपत्तिकर की गणना पूर्व की तरह गैलरी, आंगन एवं सीढ़ी को छोड़ कर की जाए।