
Kalpna varma
सतना. रैगांव के रण में कांग्रेस ने महिला शक्ति को उतार दिया है। मंगलवार की शाम कांग्रेस आलाकमान ने कल्पना वर्मा को रैगांव विधानसभा उप चुनाव के लिए अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। कल्पना लगातार दूसरी बार रैगांव से पार्टी प्रत्याशी चुनी गई हंै। इससे पहले 2018 के विधानसभा चुनाव में भी वह कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ चुकी हैं। इसमें उन्हें भाजपा प्रत्याशी जुगुल किशोर बागरी ने 17 हजार से अधिक वोटों से मात दी थी। बसपा के उदय के बाद यह पहला मौका था जब अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रैगांव में कांग्रेस दूसरे स्थान पर आई थी। हालांकि पिछली हार को नजरअंदाज करते हुए एक बार फिर कांग्रेस ने कल्पना पर भरोसा जताते हुए उन्हें मैदान में उतार दिया है। उधर, भाजपा सहानुभूति को भुनाने के लिए बागरी के परिवार से उम्मीदवार बनाने पर विचार कर रही है, लेकिन उसकी पहली प्राथमिकता परिवार के अंतद्र्वंद को खत्म कराने की है।
ऊषा भी थीं दावेदार
कांग्रेस से पूर्व विधायक ऊषा चौधरी भी दावेदार थीं। वे 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बसपा छोड़कर कांग्रेस में आईं थीं। लेकिन, 2018 के चुनाव का प्रदर्शन कल्पना वर्मा के पक्ष में गया। इसी चुनाव में बसपा से उतरीं ऊषा चौधरी तीसरे स्थान पर खिसक गईं थीं। कल्पना को 48489 वोट मिले थे, जबकि बसपा की ऊषा चौधरी को 16677 मत मिले थे। जिला पंचायत सतना के वार्ड नंबर 2 से जिला पंचायत सदस्य कल्पना वर्मा मैथमेटिक्स से एमएससी हैं।
चौधरी वोट पर कांग्रेस की नजर
रैगांव विधानसभा क्षेत्र में लगभग 45 हजार एसटी मतदाता हैं। इसे ध्यान रखते हुए कांग्रेस ने एक बार फिर चौधरी समाज से आने वाली कल्पना वर्मा पर दांव लगाया है। कांग्रेस पार्टी का यह दांव कितना सही रहा, यह तो चुनाव परिणाम आने के बाद ही तय होगा।
2018 में दी थी कड़ी टक्कर
वर्ष 2018 के चुनाव में पहली बार मैदान में उतरीं कल्पना वर्मा ने चार बार क्षेत्र से विधायक व प्रदेश सरकार में मंत्री रहे जुगुल किशोर बागरी को अच्छी टक्कर देते हुए दूसरे स्थान पर रहीं। अब जुगुल किशोर बागरी की मृत्यु के कारण हो रहे उप चुनाव में क्षेत्र का समीकरण बदलता नजर आ रहा है। एक ओर जहां बागरी परिवार के अंदर टिकट के लोकर खींचतान मची है, तो वहीं कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है।
परिचय
नाम- कल्पना वर्मा
पति- आनंद कुमार वर्मा
जन्मतिथि 19/10/1989
शिक्षा- स्नातकोत्तर (एमएससी गणित)
निवास- ग्राम कपुरी तहसील नागौद जिला सतना
व्यवसाय- खेती
आपराधिक प्रकरण- कोई नहीं
2018 चुनाव में यह थी स्थिति
प्रत्याशी का नाम पार्टी प्राप्त मत
जुगुल किशोर बागरी भाजपा 65910
कल्पना वर्मा कांग्रेस 48481
ऊषा चौधरी बसपा 16
एक परिवार, कई दावेदार
भाजपा के निर्णय में देरी की वजह बागरी परिवार में दावेदारों की संख्या अधिक होना भी है। दरअसल, 2013 में जुगुल किशोर बागरी का जब टिकट काटा गया था तब उनके बेटे पुष्पराज बागरी को प्रत्याशी बनाया गया था। उस चुनाव में वे बसपा की ऊषा चौधरी से हार गए थे। लेकिन जुगुल किशोर के नहीं रहने के बाद परिवार के हालात बदल गए हैं। उनके दूसरे बेटे देवराज बागरी और बहू वंदना बागरी भी दावेदारी कर रही हैं।
Published on:
06 Oct 2021 12:27 am
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