8 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

MP कांग्रेस में बड़ा फेरबदल: राजेंद्र मिश्रा को सतना जिलाध्यक्ष ग्रामीण का जिम्मा, इनको मिला ये पद

सईद बने प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदेश कमेटी में सतना के नेताओं को मिला स्थान

2 min read
Google source verification

सतना

image

Suresh Mishra

Jul 08, 2018

Rajendra Mishra Congress District President in Satna

Rajendra Mishra Congress District President in Satna

सतना। विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने प्रदेश कमेटी में परिवर्तन किए हैं। इसका असर सतना में भी देखने को मिला। जिले के आधा दर्जन नेताओं को कमेटी में स्थान मिला है। पूर्व मंत्री सईद अहमद को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। जिलाध्यक्ष ग्रामीण के पद पर भी बदलाव हुआ है। दिलीप मिश्रा की जगह राजेंद्र मिश्रा गोलहटा को अध्यक्ष बनाया गया है।

सिद्धार्थ कुशवाहा को प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि मनीष पटेल, अजीत पटेल व विक्रमादित्य सिंह को प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। बताया गया कि विस चुनाव मद्देनजर बदलाव प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ की इच्छानुसार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने किया है। शनिवार को बदलाव की सूची भी जारी कर दी गई है। इसके अनसुार 19 उपाध्यक्ष, 25 महासचिव व 40 सचिव की नियुक्ति की गई है।

लंबे समय तक रहे दिलीप
दिलीप मिश्रा की जिम्मेदारी राजेंद्र मिश्रा को दी गई है। इसको लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू है। लेकिन, एक तथ्य यह भी है कि दिलीप मिश्रा विगत 2011 से जिला अध्यक्ष ग्रामीण की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इस तरह वे विगत 7 साल से अध्यक्ष थे। उनको लेकर पहले ही तय था कि बदलाव होगा। इसे अप्रत्याशित रूप में नहीं देखा जा सकता है।

मजबूत होंगे राजेंद्र सिंह
माना जा रहा कि विस उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह का कद पार्टी के अंदर बढ़ेगा। विस चुनाव में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। इस परिवर्तन में भी उनकी भूमिका को लेकर पहले से बातें की जा रही थीं। लेकिन, कोई खुलकर सामने नहीं आ रहा था। लंबे समय बाद हुए बदलाव को देखते हुए स्पष्ट हो गया कि नेता प्रतिपक्ष की सतना में भूमिका कमजोर होगी और विस उपाध्यक्ष का कद बढ़ेगा।

बदलाव के मायने
बदलाव को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के समर्थकों को हासिए पर डाला गया है। कमलनाथ व ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों को आगे बढ़ाया जा रहा है। जिलाध्यक्ष की नियुक्ति से लेकर प्रदेश कमेटी में परिवर्तन को इसी तरह देखा जा रहा है। जिले से जिन्हें भी जिम्मेदारी दी गई है उनकी गिनती नेता प्रतिपक्ष के समर्थकों में नहीं होती है।