रीवा। विंध्य क्षेत्र के गोविंदगढ़ का सुंदरजा आम अपने नाम की ही तरह गुणों को लेकर भी जाना जाता है। यह न केवल देखने में सुंदर है बल्कि इसका स्वाद और खुशबू भी अन्य आमों से अलग है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये आम शुगर के मरीजों को नुकसान नहीं पहुंचाता है। सामान्य तौर पर शुगर के मरीजों को चिकित्सक पके आम नहीं खाने की सलाह देते है लेकिन सुंदरजा आम खाने के बाद कराए गए। कई जांचों में इसका कोई नुकसान नहीं देखा गया है।
यही वजह है कि हर कोई इस आम को खाने के लिए ललाइत रहता है। इसकी मांग केवल विंध्य तक सीमित नहीं है। बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से भारी मात्रा में इसकी डिमांड है। कुछ तो ऐसे भी सुंदरजा आम को चाहने वाले है जो सात समंदर पार देशों में रह रहे है वे भी एक बड़ी लागत लगा कर सुंदरजा आम मगाते है।