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मंडी में नकद भुगतान पर १०० रु. क्विंटल कमीशन!

एक माह में दो दर्जन शिकायतें, कृषि उपज मंडी सतना में डाक नीलामी से लेकर भुगतान तक हर जगह व्यापारियों का मनमानी राज कायम है।

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मंडी में नकद भुगतान पर १०० रु. क्विंटल कमीशन!

मंडी में नकद भुगतान पर १०० रु. क्विंटल कमीशन!

सतना। विंध्य की सबसे बड़ी कृषि उपज मंडी लूट-खसोट का अड्डा बनकर रह गई है। यहां अनाज खरीदी के नाम पर गल्ला व्यापारियों द्वारा किसानों को दोनों हाथों से लूटा जा रहा है। कृषि उपज मंडी सतना में डाक नीलामी से लेकर भुगतान तक हर जगह व्यापारियों का मनमानी राज कायम है। एक ओर जहां व्यापारी आपस में मिलकर अनाज की डाक बोलते हैं इससे किसानों को उनकी उपज का उचित भाव नहीं मिल पाता, वहीं शाम को नकद भुगतान के नाम पर किसानों से प्रति क्विंटल ५० से १०० रुपए कमीशन काटा जा रहा है। इसका खुलासा किसानों द्वारा बीते एक माह में मंडी प्रशासन से की गई दो दर्जन से अधिक लिखित शिकायतों से हुआ है।

पीडि़त किसानों ने शिकायत में आरोप लगाया है कि व्यापारियों ने मिलकर कम भाव बोले। इससे उन्हें प्रति क्विंटल एक हजार का नुकसान उठाना पड़ा। कुछ ने नकद भुगतान के नाम पर व्यापारी द्वारा कमीशन लेने की शिकायतें भी की। मंडी प्रशासन ने शिकायतों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की। शिकायतों को अनसुना करने से व्यापारियों के हौसले बुलंद हैं।

शिकायत के बाद काटा चेक
मंडी प्रशासन की मेहरबानी से व्यापारी किसानों को खुलेआम लूट रहे हैं। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण मंगलवार की रात लगभग आठ बजे शिकायत के रूप में उस समय समने आया, जब व्यापारी द्वारा भुगतान के बदले कमीशन काटने की शिकयत एक किसान ने मंडी गेट में की। जिला पन्ना अमानगंज निवासी कृषक मंडी में अरहर लेकर आया था। उसकी २५ क्विंटल अरहर आनंद ट्रेडिंग कंपनी ने खरीदी। शाम को जब किसान व्यापारी की गद्दी पर अनाज का भुगतान लेने पहुंचा तो व्यापारी ने १०० रुपए क्विंटल कमीशन काटकर किसान को नकद भुगतान कर दिया। किसान ने कम भुगतान लेने से मना करते हुए व्यापारी से चेक मांगा।

लेकिन व्यापारी ने यह कहते हुए चेक देने से मना कर दिया कि पहले बैंक की पासबुक लेकर आओ तभी चेक दूंगा। पीडि़त किसान ने कहा कि चेक देने में पासबुक नहीं लगती। जब रात ९ बजे तक व्यापारी ने किसान को चेक नहीं दिया तो उसने मामले की शिकायत मंडी गेट में की। इसके बाद व्यापारी ने किसान को चेक काट कर दिया।

मंडी की साख को लग रहा बट्टा
मंडी में व्यापारियों की मनमानी के चलते साख को बट्टा लग रहा है। व्यापारियों द्वारा की जा रही लूट और मंडी में किसानों की सुनवाई न होने से मायूस किसान यहां अनाज लाने से कतराने लगे हैं। इसका परिणाम यह है कि मंडी में अनाज की आवक दिन प्रतिदिन घटती जा रही है। इसकी जानकारी होने के बावजूद न तो मंडी समिति व्यापारियों की मनमानी पर लगाम लगा पा रही और न मंडी प्रशासन शिकायतों को गंभीरता से ले रहा है। आलम यह है कि किसानों की मंडी में अन्नदाता के साथ लूट मची है और मंडी समिति को दिखाई नहीं दे रहा।

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