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सच्चिदानंद गुरुदेव की झलक पाने उमड़ा जनसैलाब, धारकुंडी में श्रद्धालुओं का रेला

सतना. गुरुपूर्णिमा पूरे जिले में उत्साह उमंग के साथ मनाई गई। सतना शहर के अलावा मैहर, चित्रकूट व धारकुंडी में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। जहां वे अपने गुरु के चरणों में शीष नवांकर आशीर्वाद लिए। मंदिर, मठ, आश्रम व गुरुद्वारे में विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई। जहां भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह से लोग अपने गुरु के आश्रम पहुंच गए। जहां पूजन में भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया। चित्रकूट में देशभर से आस्थावानों को जमघट लगा रहा। तीर्थ क्षेत्र के सभी प्रमुख मठ मंदिरों में विधि विधान से गुरु की पूजा अर्चना की गई। लोगों ने पवित्र मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाकर दान पुण्य किया। कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा कर कामतानाथ के दर्शन किए। इस मौके पर जगह-जगह भंडारे भी आयोजित किए गए। सुबह से धारकुंडी पहुंचे शिष्यपरमहंस आश्रम धारकुंडी में सुबह से ही भक्तों की भीड़ पहुंचना शुरू हो गई। जंगल के बीच बने आश्रम में भक्तों का रैला देखने को मिला। हजारों की तदाद में लोग पूरे आश्रम पहुंचे। जहां अनुशासन के साथ संत सच्चिदानंद जी महराज के दर्शन करने आए। यहां पूरे दिन भंडारा चला। जयकारों से पहाड़ पूरे दिन गूंजता रहा।

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सतना

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Sajal Gupta

Jul 27, 2018

सच्चिदानंद गुरुदेव की झलक पाने उमाड़ा जनसैलाब, धारकुंड़ी में श्रद्धालुओं का रेला

सतना. गुरुपूर्णिमा पूरे जिले में उत्साह उमंग के साथ मनाई गई। सतना शहर के अलावा मैहर, चित्रकूट व धारकुंडी में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। जहां वे अपने गुरु के चरणों में शीष नवांकर आशीर्वाद लिए। मंदिर, मठ, आश्रम व गुरुद्वारे में विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई। जहां भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह से लोग अपने गुरु के आश्रम पहुंच गए। जहां पूजन में भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया। चित्रकूट में देशभर से आस्थावानों को जमघट लगा रहा। तीर्थ क्षेत्र के सभी प्रमुख मठ मंदिरों में विधि विधान से गुरु की पूजा अर्चना की गई। लोगों ने पवित्र मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाकर दान पुण्य किया। कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा कर कामतानाथ के दर्शन किए। इस मौके पर जगह-जगह भंडारे भी आयोजित किए गए। सुबह से धारकुंडी पहुंचे शिष्य परमहंस आश्रम धारकुंडी में सुबह से ही भक्तों की भीड़ पहुंचना शुरू हो गई। जंगल के बीच बने आश्रम में भक्तों का रैला देखने को मिला। हजारों की तदाद में लोग पूरे आश्रम पहुंचे। जहां अनुशासन के साथ संत सच्चिदानंद जी महराज के दर्शन करने आए। यहां पूरे दिन भंडारा चला। जयकारों से पहाड़ पूरे दिन गूंजता रहा।

सच्चिदानंद गुरुदेव की झलक पाने उमाड़ा जनसैलाब, धारकुंड़ी में श्रद्धालुओं का रेला

सतना. गुरुपूर्णिमा पूरे जिले में उत्साह उमंग के साथ मनाई गई। सतना शहर के अलावा मैहर, चित्रकूट व धारकुंडी में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। जहां वे अपने गुरु के चरणों में शीष नवांकर आशीर्वाद लिए। मंदिर, मठ, आश्रम व गुरुद्वारे में विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई। जहां भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह से लोग अपने गुरु के आश्रम पहुंच गए। जहां पूजन में भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया। चित्रकूट में देशभर से आस्थावानों को जमघट लगा रहा। तीर्थ क्षेत्र के सभी प्रमुख मठ मंदिरों में विधि विधान से गुरु की पूजा अर्चना की गई। लोगों ने पवित्र मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाकर दान पुण्य किया। कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा कर कामतानाथ के दर्शन किए। इस मौके पर जगह-जगह भंडारे भी आयोजित किए गए। सुबह से धारकुंडी पहुंचे शिष्य परमहंस आश्रम धारकुंडी में सुबह से ही भक्तों की भीड़ पहुंचना शुरू हो गई। जंगल के बीच बने आश्रम में भक्तों का रैला देखने को मिला। हजारों की तदाद में लोग पूरे आश्रम पहुंचे। जहां अनुशासन के साथ संत सच्चिदानंद जी महराज के दर्शन करने आए। यहां पूरे दिन भंडारा चला। जयकारों से पहाड़ पूरे दिन गूंजता रहा।

सच्चिदानंद गुरुदेव की झलक पाने उमाड़ा जनसैलाब, धारकुंड़ी में श्रद्धालुओं का रेला

सतना. गुरुपूर्णिमा पूरे जिले में उत्साह उमंग के साथ मनाई गई। सतना शहर के अलावा मैहर, चित्रकूट व धारकुंडी में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। जहां वे अपने गुरु के चरणों में शीष नवांकर आशीर्वाद लिए। मंदिर, मठ, आश्रम व गुरुद्वारे में विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई। जहां भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह से लोग अपने गुरु के आश्रम पहुंच गए। जहां पूजन में भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया। चित्रकूट में देशभर से आस्थावानों को जमघट लगा रहा। तीर्थ क्षेत्र के सभी प्रमुख मठ मंदिरों में विधि विधान से गुरु की पूजा अर्चना की गई। लोगों ने पवित्र मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाकर दान पुण्य किया। कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा कर कामतानाथ के दर्शन किए। इस मौके पर जगह-जगह भंडारे भी आयोजित किए गए। सुबह से धारकुंडी पहुंचे शिष्य परमहंस आश्रम धारकुंडी में सुबह से ही भक्तों की भीड़ पहुंचना शुरू हो गई। जंगल के बीच बने आश्रम में भक्तों का रैला देखने को मिला। हजारों की तदाद में लोग पूरे आश्रम पहुंचे। जहां अनुशासन के साथ संत सच्चिदानंद जी महराज के दर्शन करने आए। यहां पूरे दिन भंडारा चला। जयकारों से पहाड़ पूरे दिन गूंजता रहा।

सच्चिदानंद गुरुदेव की झलक पाने उमाड़ा जनसैलाब, धारकुंड़ी में श्रद्धालुओं का रेला

सतना. गुरुपूर्णिमा पूरे जिले में उत्साह उमंग के साथ मनाई गई। सतना शहर के अलावा मैहर, चित्रकूट व धारकुंडी में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। जहां वे अपने गुरु के चरणों में शीष नवांकर आशीर्वाद लिए। मंदिर, मठ, आश्रम व गुरुद्वारे में विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई। जहां भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह से लोग अपने गुरु के आश्रम पहुंच गए। जहां पूजन में भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया। चित्रकूट में देशभर से आस्थावानों को जमघट लगा रहा। तीर्थ क्षेत्र के सभी प्रमुख मठ मंदिरों में विधि विधान से गुरु की पूजा अर्चना की गई। लोगों ने पवित्र मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाकर दान पुण्य किया। कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा कर कामतानाथ के दर्शन किए। इस मौके पर जगह-जगह भंडारे भी आयोजित किए गए। सुबह से धारकुंडी पहुंचे शिष्य परमहंस आश्रम धारकुंडी में सुबह से ही भक्तों की भीड़ पहुंचना शुरू हो गई। जंगल के बीच बने आश्रम में भक्तों का रैला देखने को मिला। हजारों की तदाद में लोग पूरे आश्रम पहुंचे। जहां अनुशासन के साथ संत सच्चिदानंद जी महराज के दर्शन करने आए। यहां पूरे दिन भंडारा चला। जयकारों से पहाड़ पूरे दिन गूंजता रहा।

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सतना. गुरुपूर्णिमा पूरे जिले में उत्साह उमंग के साथ मनाई गई। सतना शहर के अलावा मैहर, चित्रकूट व धारकुंडी में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। जहां वे अपने गुरु के चरणों में शीष नवांकर आशीर्वाद लिए। मंदिर, मठ, आश्रम व गुरुद्वारे में विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई। जहां भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह से लोग अपने गुरु के आश्रम पहुंच गए। जहां पूजन में भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया। चित्रकूट में देशभर से आस्थावानों को जमघट लगा रहा। तीर्थ क्षेत्र के सभी प्रमुख मठ मंदिरों में विधि विधान से गुरु की पूजा अर्चना की गई। लोगों ने पवित्र मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाकर दान पुण्य किया। कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा कर कामतानाथ के दर्शन किए। इस मौके पर जगह-जगह भंडारे भी आयोजित किए गए। सुबह से धारकुंडी पहुंचे शिष्य परमहंस आश्रम धारकुंडी में सुबह से ही भक्तों की भीड़ पहुंचना शुरू हो गई। जंगल के बीच बने आश्रम में भक्तों का रैला देखने को मिला। हजारों की तदाद में लोग पूरे आश्रम पहुंचे। जहां अनुशासन के साथ संत सच्चिदानंद जी महराज के दर्शन करने आए। यहां पूरे दिन भंडारा चला। जयकारों से पहाड़ पूरे दिन गूंजता रहा।

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सच्चिदानंद गुरुदेव की झलक पाने उमाड़ा जनसैलाब, धारकुंड़ी में श्रद्धालुओं का रेला

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