
santushti yojana kya hai jansankhya sthirata kosh in hindi
सतना। बेतहाशा जनसंख्या वृद्धि पर लगाम लगाने के लिए प्रारंभ केन्द्र सरकार के जनसंख्या स्थिरता कोष द्वारा निजी क्षेत्र की भागीदारी से संचालित संतुष्टि योजना को बंद किया जाएगा। इस संबंध में शासन स्तर पर निर्णय लिया जा चुका है। इसके लिए कट ऑफ डेट 2 जनवरी तय कर दी गई है। इसके बाद निजी संस्थाओं और चिकित्सकों द्वारा किए जाने वाले नसबंदी आपरेशन की प्रतिपूर्ति शासन स्तर से नहीं होगी।
देश के अधिक जनसंख्या वाले राज्य जिसमें मध्यप्रदेश भी शामिल हैं में जनसंख्या नियंत्रण के लिये जनसंख्या स्थिरता कोष की संतुष्टि योजना चल रही है। योजना में निजी क्षेत्र के गायनकोलॉजिस्ट और वासेक्टोमी सर्जन को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत आमंत्रित किया जाता है। साथ ही इस योजना में निजी क्षेत्र के मान्यता प्राप्त नर्सिंग होम्स और अस्पताल भी शामिल हो सकते हैं।
इनके द्वारा अगर एक माह में 10 या अधिक ऑपरेशन किये जाते हैं तो उन्हें प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने अब यह निर्णय लिया है कि जनसंख्या स्थिरता कोष के माध्यम से संचालित हो रही संतुष्टि योजना को बंद किया जाएगा। इस संबंध में सभी सीएमएचओ सहित सभी क्षेत्रीय संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि अपने क्षेत्राधिकारी में आने वाले ऐसे चिकित्सकों और स्वास्थ्य संस्थाओं को इस निर्णय से अवगत कराया जाए।
कट ऑफ डेट के बाद नहीं मिलेगा भुगतान
बताया गया कि संतुष्टि योजना को समाप्त करने की कट आफ डेट 2 जनवरी 2019 तय की गई है। इस तिथि के बाद किए गए आपरेशन की प्रतिपूर्ति राशि शासन स्वीकार नहीं करेगा। साथ ही यह भी कहा गया है कि जितने भी इस योजना से संबंधी लंबित बिल हैं उनके भुगतान और प्रतिपूर्ति के लिये 15 जनवरी तक ही स्वीकार किया जाएगा। इसके बाद कोई बिल भेजे जाते हैं तो वे स्वीकार नहीं होंगे।
Published on:
08 Dec 2018 01:27 pm
बड़ी खबरें
View Allसतना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
