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सतना जिले की 7 सीटों का हाल: दो पर कांग्रेस और पांच भाजपा, बसपा का पत्ता साफ

मतगणना स्थल से लाइव: सुबह से शाम तक उहापोह की स्थिति के बीच परिणामों का आकलन करते रहे समर्थक

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satna district 7 assembly Madhya Pradesh election results 2018

satna district 7 assembly Madhya Pradesh election results 2018

सतना। इस विधानसभा चुनाव के परिणाम चौंकाने वाले रहे। जिले की सात सीटों में से दो सीट चित्रकूट और सतना पर कांग्रेस का कब्जा रहा। जबकि, नागौद, मैहर, अमरपाटन, रामपुर बाघेलान, रैगांव पर भाजपा का दबदबा रहा। कांग्रेस के दिग्गज नेता राजेंद्र कुमार सिंह और यादवेंद्र सिंह को हार का सामना करना। रैगांव की सीट बसपा से छिन गई। नागौद और रामपुर बाघेलान के प्रत्याशियों ने अचानक से बढ़त लेकर अपनी हार को जीत में बदला दिया।

रामपुर विधानसभा के 10वें चक्र तक बसपा 27456 मतों के साथ सबसे आगे चल रही थी। कांग्रेस 19366 मतों से तीसरे और भाजपा 25797 मतों के साथ दूसरे स्थान पर थी। हालात यह थे कि बसपा लगातार बढ़त बनाए हुए थी। लेकिन जैसे ही 11वें राउण्ड के परिणाम सामने आए पूरा पासा ही पलट गया। भाजपा प्रत्याशी विक्रम सिंह ने 5904 मत पाकर 31401 के आंकड़े पर पहुंच गए और बसपा 28991 तक पहुंच कर भाजपा से पीछे चली गई।

इसके बाद फिर विक्रम सिंह बढ़त बनाए रहे। नागौद के भाजपा प्रत्याशी नागेंद्र सिंह 18वें राउण्ड तक कांग्रेस से लगातार पीछे चलते रहे। 18वें राउण्ड में भाजपा को 46177, कांग्रेस को 47945 मत मिले थे। लेकिन जैसे ही 19वें राउण्ड का परिणाम आया तो नागेन्द्र सिंह ने 4518 वोट पाकर बाजी पलट दी।

नागौद में डाकमत पत्रों की दोबारा हुई गिनती, सीआरसी से हुआ विलंब
नागौद विधानसभा की परिणामों की घोषणा सबसे विलंब में हुई। इसके परिणामों की आधिकारिक घोषणा 12 बजे के बाद की जा सकी। स्थिति यह रही कि यहां के दो मतदान केन्द्र 261 उचेहरा और 216 तुषगवां के पीठासीन अधिकारियों ने माकपोल के मतों को क्लियर किए बिना ईवीएम में आगे का मतदान करवा दिया था। लिहाजा यहां आयोग के नियमानुसार इन केन्द्रों के मतों की गिनती वीवीपैट की पर्चियों से की गई। जिसमें काफी विलंब हो गया। इधर इन केन्द्रों की गिनती के बाद भाजपा प्रत्याशी नागेन्द्र सिंह की जीत का अंतर 1235 रहा। लेकिन यहां पड़े डाक मतपत्रों की संख्या 1410 रही। इस जीत के अन्तर को देखते हुए आयोग के निर्देशानुसार यहां डाक मतपत्रों की गिनती पुन: की गई। जिसमें विलंब हुआ। हालांकि इस विलंब को देखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी सहित पुलिस अधीक्षक अंतिम समय में खुद मतगणना कक्ष पहुंच कर स्थिति देखी। हालांकि इस दौरान तक काफी देर तक प्रत्याशी परिणामों की घोषणा और प्रमाण पत्र के इंतजार में बैठे रहे।

वीवीपैट से मतगणना
मतदान केंद्रों में पीठासीन अधिकारियों ने मॉक पोल के बाद पड़े मत क्लियर नहीं किये थे और इसके आगे मतगणना की शुरुआत कर दी थी उन केंद्रों में वीवीपैट से मतगणना हुई। इनमें रैगांव के केन्द्र क्रमांक 9 ररा और 109 मझवोगवां शामिल रहे। सतना विधानसभा के केन्द्र क्रमांक 81 धवारी सतना, 146 चौकबाजार सतना, नागौद विधानसभा में 261 उचेहरा, मैहर विधानसभा में 88 करइया बिजुरिया, 266 बदेरा, 281 बंधी, विधानसभा अमरपाटन में 132 सिघौल, 170 गोविन्दपुर, 126 झिन्ना तथा रामपुर बाघेलान विधानसभा में 57 मैनपुरा, 201 चकदही, 243 खेरिया कोठार की मतगणना वीवीपैट की पर्चियों से की गई।

रैगांव के तीन मतदान केंद्रों की नहीं हुई गिनती
इस बार की मतगणना के दौरान रैगांव विधानसभा के तीन मतदान केन्द्रों के वोटों की गिनती नहीं हुई। लिहाजा इन मतदान केन्द्रों में मतदाताओं के डाले गए वोट व्यर्थ चले गए। तकनीकि कारणों से इन मतदान केन्द्रों की गिनती का मामला निर्वाचन आयोग के पास भेजा गया। लेकिन प्रत्याशी की जीत का अंतर ज्यादा होने के कारण इन केन्द्रों की गिनती करने की अनुमति आयोग ने नहीं दी। मिली जानकारी के अनुसार रैगांव विधानसभा के मतदान केन्द्र क्रमांक 185 दिदौंध की कंट्रोल यूनिट जब मतगणना के लिये मतगणना कक्ष में लाई गई तो इस मशीन का डिस्प्ले नहीं हो रहा था। इस पर ईवीएम इंजीनियर को बुलाया गया तो उनके प्रयास भी काम नहीं आए और उन्होंने घोषित किया कि इस मशीन को सुधारा नहीं जा सकता है। लिहाजा इस केन्द्र का मामला चुनाव आयोग के पास भेजा गया। मतदान केन्द्र क्रमांक 98 की कंट्रोल यूनिट जब मतगणना के लिये खोली गई तो पाया गया कि इस मशीन का क्लोज बटन नहीं दबा है। इसके बाद इस मशीन का टोटल बटन दबाकर कंट्रोल यूनिट और प्रारूप 17 ग से मिलान किया गया। जिसमें एक वोट का अंतर सामने आया। इस पर इसकी रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजी गई। मतदान केन्द्र क्रमांक 126 बराकला में दो कंट्रोल यूनिट इस्तेमाल की गई थी। इसमें एक कंट्रोल यूनिट का क्लोज बटन नहीं दबा था। इसपर इस मशीन का टोटल बटन दबाकर दोनों मशीनों का योग किया गया और प्रारूप 17 ग से मिलान किया गया। इसमें भी एक वोट का अंतर पाया गया। नियमानुसार इस केन्द्र का भी मामला चुनाव आयोग को भेजा गया।

आयोग ने गिनती से किया इंकार
इधर आयोग ने जब रैगांव के परिणामों की स्थिति देखी और पाया कि जीते हुए प्रत्याशी की जीत का अंतर काफी ज्यादा है और इसकी गिनती से मतगणना में कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस पर आयोग ने इन तीनों मतदान केन्द्रों की मतों की गिनती नहीं करने का निर्णय सुनाया। इसके बाद इन केन्द्रों की गिनती के बिना ही परिणामों को अंतिम रूप देते हुए घोषणा की गई।