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ये है दो वर्षीय नीलेश की कहानी: गंभीर कुपोषित को मिला पोषाहार तो मुस्कुरा उठा बचपन

बच्चे को एनआरसी रामपुर में कराया गया था दाखिल, पत्रिका ने मासूम को दिलाई खुशहाल जिंदगी

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सतना

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Suresh Mishra

Sep 05, 2019

Satna kuposhan Childhood smile from nutrition to severely malnourished

Satna kuposhan Childhood smile from nutrition to severely malnourished

सतना/ गंभीर कुपोषित ( Severely Malnutrition ) मासूम को पोषाहार ( Satna kuposhan ) और उपचार मिला तो उसका बचपन मुस्कुरा उठा। जो कुपोषित बच्चा ठीक से खड़ा भी नहीं हो पाता था, वह आज दौडऩे लगा है। कलेजे के टुकड़े की खुशहाली को देखकर मां भी पत्रिका का धन्यवाद कहने से नहीं थकती। हम बात कर रहे हैं रामपुर बाघेलान के चोरमारी गांव निवासी दो वर्षीय मासूम नीलेश की।

पत्रिका ने उठाया मामला
शरीर में पोषक तत्वों की कमी के चलते नीलेश ठीक से खड़ा भी नहीं हो पाता था। लीवर सहित अन्य अंग प्रभावित हो रहेथे। चिकित्सकों ने इलाज से हाथ खड़े कर दिए थे। कलेजे के टुकड़े की यह दशा देखकर मां की आंखों में आंसू भर आते थे। पत्रिका ने 27 मई को मासूम की तकलीफ और मां के दर्द को महकमे के सामने लाया। खबर प्रकाशन के बाद स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग के जिम्मेदार नींद से जागे और एनआरसी में दाखिल नीलेश को बेहतर चिकित्सा दी। निर्धारित समय पर चार फॉलोअप उपचार दिया गया। चिकित्सकों की लगन का नतीजा है कि नीलेश पूरी तरह स्वस्थ है।

आवाज तक नहीं निकल पाती थी
जब गंभीर कुपोषण के शिकार नीलेश को एनआरसी रामपुर में दाखिल कराया गया था तब प्रोटीन, विटामिन सहित अन्य पोषकतत्वों की कमी की वजह से उसे अनेक बीमारियों ने भी घेर लिया था। कमजोरी के चलते रोने पर भी अच्छे से आवाज नहीं निकल पाती थी। इकलौते बेटे की ऐसी हालत देख मां रेखा की आंखों में आंसू भर आते थे। वह चाहकर भी बेटे की तकलीफ नहीं दूर कर सकती थी।

गांव से लेकर सतना तक दिखाया
पिता राजू ने बताया, नीलेश जब पैदा हुआ तब तंदुरुस्त था। लेकिन, समय के साथ उसने खाना-पीना छोड़ दिया। बेटे की यह दशा देख गांव से लेकर सतना तक दिखाया पर आराम नहीं मिला। धीरे-धीरे वह गंभीर कुपोषण का शिकार होता गया। इसकी वजह से शरीर कमजोर हो गया था। चलना-फिरना तो दूर ठीक से खड़ा भी नहीं हो पाता था। बेटे के इलाज के लिए यथासंभव खर्च भी किए पर कहीं से आराम नहीं मिल पा रहा था। अखबार में खबर आने के बाद डॉक्टर इलाज में ध्यान देने लगे और आज नीलेश पूरी तरहसे स्वस्थ्य है।