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10 साल में एक पार्किंग स्थल नहीं विकसित कर पाया नगर निगम, पढ़िए MP के इस शहर की विडंबना

विडंबना: स्मार्ट सिटी का यातायात बे-पटरी, दिन में लगता जाम, जनता परेशान

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सतना

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Suresh Mishra

Oct 04, 2018

satna nagar nigam parking point in hindi

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सतना। स्मार्ट सिटी की यातायात व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। शहर की सड़कों पर दिनभर लगते जाम से लोगों का राह चलना मुश्किल हो गया है। जाम के चलते महज 10 किमी. एरिया में बसे शहर में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में लोगों को 20 मिनट की जगह आधा से एक घंटे का समय लगता है।
शहर की प्रमुख सड़कों पर, नो पार्किंग जोन में सजी दुकानें और खड़े वाहन यातायात व्यवस्था पर दाग बन चुके हैं। इसके बावजूद न तो निगम प्रशासन कोई कार्रवाई कर रहा और न ही यातायात पुलिस नो पार्किंग में खड़े वाहनों पर कोई कार्रवाई कर रही।

हर सड़क पर जाम का झाम
शहर की सड़कों पर यातायात का कोई भी नियम प्रभावी नजर नहीं आ रहा। शहर की एक-दो नहीं, एेसी कोई सड़क नहीं बची जिसमें दिन में जाम का झाम न फंसे। रीवा रोड हो या स्टेशन रोड, बिरला रोड हो या कृष्णनगर रोड, इन सड़कों के किनारे निगम प्रशासन द्वारा चिह्नित किए गए नो पार्किंग जोन में फुटपाथी दुकानदारों ने अपनी दुकानें सजा ली हैं। वाहन चालक भीड़-भाड़ वाली सड़कों पर सड़क किनारे नो पाॢकंग जोन में चार पहिया वाहन खड़ाकर बेखौफ होकर खरीददारी करते हैं। इससे सड़क का यातायात अवरुद्ध होता है और लोग घंटों जाम में फंसे निकलने की जद्दोजहद में पसीना बहाते रहते हैं। इसके बावजूद शहर के यातायात को पटरी पर लाने प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही।

सड़कों पर खड़ा कर रहे वाहन
रीवा रोड पर सेमरिया चौक से सर्किट हाउस के बीच जितने भी व्यावसायिक भवन है सभी में भू-तल में वाहन पार्किंग की व्यवस्था है। इसके बाद भी वाहन सड़क पर पार्क हो रहे हैं। व्यापारिक भवनों में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण लोग आधी सड़क तक वाहन खड़ा कर खरीददारी करने निकल जाते हैं। इससे दिनभर रीवा रोड पर जाम की स्थिति बनती है। जब शहर के मध्य से गुजरा हाइवे वाहन पार्किंग स्थल में तब्दील हो चुका है तो शहर की दूसरी सड़कों की क्या स्थिति होगी? इसका अनुमान सहजता से लगाया जा सकता है।

कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति
शहर के यातायात को पटरी पर लाने के लिए तत्कालीन कलेक्टर नरेश पाल के समय संयुक्त टीम बनाई गई थी। उसने शहर के अंदर वाहन पार्किंग जोन चिह्नित कर उन्हें विकसित करने की योजना बनाई थी। शहर के सभी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स एवं व्यापारिक भवनों के ग्राउंड फ्लोर से अतिक्रमण हटाकर उसे पार्किंग के लिए आरक्षित करने की मुहिम शुरू की थी। इससे जनता को लगा था कि अब कम से कम रीवा रोड पर सड़क तक वाहन पार्क नहीं होंगे। जाम से मुक्ति मिलेगी पर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की निगम एवं प्रशासन की कार्ययोजना कुछ ही दिनों में अप्रभावी हो गई।