
Satna Nagar Nigam Ward No. 6 news in hindi
सतना। कहने को शहर विकास की जिम्मेदारी निगम के पास है। आम व्यक्ति की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने के लिए लगातार काम करता है। लेकिन, निगम कार्यालय जिस वार्ड में है उसी वार्ड की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। उखड़ी सड़कें, बेतरतीब नाली व अंधेरे में डूबी कॉलोनियां विकास को चिढ़ा रही हैं। दरअसल, वार्ड ६ को सरोजनी नायडू वार्ड के रूप में जाना जाता है। यहां नगर निगम कार्यालय सहित सत्ताधारी दल का जिला कार्यालय है।
इसके अलावा शहर की पॉश कालोनी व घनी आबादी क्षेत्र भी इस वार्ड में है। लेकिन, बेतरतीब विकास से स्थानीय रहवासी परेशान है। उनकी मानें तो निगम योजनाबद्ध ढंग से काम नहीं करता है। लिहाजा, विकास की जगह समस्या पैदा हो जाती है। जनता उदाहरण के रूप में मुख्त्यारंगज मुख्य मार्ग को रखती है। उनकी मानें तो इस सड़क के निर्माण में करोड़ों रुपए खर्च किए गए, लेकिन आज भी सड़क चलने लायक नहीं है।
धूल का गुब्बार रहवासियों के लिए अलग से मुसीबत है। निगम बनने के बाद तीस वर्ष गुजर चुके हैं, लेकिन इस वार्ड में एक भी ठोस काम नहीं हो सके हैं। ऐसा भी नहीं है कि क्षेत्रीयजनों की मांगों के मद्देनजर पार्षद ने प्रस्ताव नहीं दिए। बल्कि उन्होंने लगातार प्रयास किया, उसके बावजूद निगम अपनी मनमानी करता रहा। लिहाजा, पैसे की बर्बादी के अलावा कुछ नहीं हुआ। जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए जंग लड़ रही है।
श्मशान भूमि पर दो मत
वार्ड में एमपी नगर स्थित श्मशान भूमि के उपयोग को लेकर स्थानीय रहवासी दो मत हैं। कुछ का कहना है कि उक्त शासकीय जमीन पर पार्क बना दिया जाए। कुछ लोगों का कहना है कि श्मशाम भूमि है, मुक्तिधाम बनाया जाए ताकि स्थानीय रहवासियों की भावनाओं को ठेस न लगे। पार्षद ममता सोनी का मानना है कि श्मशान भूमि अतिक्रमण का शिकार हो रही है। श्मशान भूमि को चार डिसमिल जवाहर लाल पिता परगम दास ने वार्ड की समस्या को देखते हुए दान में दिया था। इसे सुरक्षित करना चुनौती है।
अतिक्रमण हटाना बेमानी
शहर के प्रमुख भरहुत नगर से नजीरबाद नाले के बीच वास्तविक नाला कहां पर है यह अब तक साफ तौर पर स्पष्ट नहीं है। कारण है कि नाला का बड़ा हिस्सा अतिक्रमण की चपेट में है। अतिक्रमणकारी अपनी सुविधा अनुसार नाले की दिशा तक बदल दिए हैं। इससे नाले का मूल स्वरूप तक बदल चुका है। इसको लेकर दो बार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी शुरू हुई। लेकिन, सभी कवायद बेमानी साबित हुई। भरहुत नगर से लेकर बांस नाका नाले तक कि पैमाइश में 75 की तादाद अतिक्रमणकारी चिह्नित किए गए थे।
दीपक तले अंधेरा
अमृत योजना के तहत वार्ड में पेयजल टंकी का निर्माण हो चुका है। पाइप लाइन बिछ चुकी है। लेकिन, पानी वार्ड के लोगों को नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते परिवहन के माध्यम से पेयजल की सप्लाई कराई जा रही है। इस बात से यह कहावत चरितार्थ होती है कि दीपक तले अंधेरा जैसी स्थिति है।
सरकारी नाला लील गए
इस वार्ड से भरहुत नगर नाला का बड़ा हिस्सा गुजरता है। अधिकतर क्षेत्र पर अतिक्रमण है। सीधे तौर पर कहा जाए तो अतिक्रमण के चलते नाला खत्म होने की कगार पर है। नाले के ऊपर बड़े-बड़े मकान बन गए हैं। जिन्हें चिह्नित भी किया गया, किन्तु कार्रवाई के सवाल पर निगम दिखावा करता है।
वार्ड की मुख्य समस्या जर्जर सड़कें हैं। लगभग 2 वर्ष से वार्ड में जलावर्धन-अमृत योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। अब तक पूर्ण नही हो पाया है।
समर सिंह बघेल
हमारे इलाके में नालियों की सफाई कम होती है। जब भी नाली सफाई की शिकायत लेकर जाते हैं तो कहा जाता है कि कर्मचारी कम हैं। वार्ड में काम नहीं हो रहे हैं।
संजू मिश्रा
वार्ड में पानी, सफाई, लाइट प्रमुख समस्या है। मूलभूत सुविधा के लिए कई बार पार्षद के माध्यम से कहा गया है, पार्षद निर्दलीय हैं, जिस कारण काम नहीं हो पा रहे हैं।
पंकज सिंह
वार्ड में दो पार्क हैं। दोनो पार्कों को संवारने की जरूरत है। नेहरू पार्क मेरे घर के पास है। उसे हम लोग अपने स्तर पर ठीक करने का प्रयास करते हैं।
रावेन्द्र सिंह उर्फ मिथलेश, पूर्व वार्ड पार्षद
वार्ड में स्थित नेहरू पार्क में दिन में गंजेडिय़ों व शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। कई बार आसपास के लोगों ने भगाया। पार्क में बाऊंड्री की अति आवश्यकता है।
अम्बुज नैन सिंह
गलियों में पानी भरता है। नालियों की मरम्मत की अति आवश्यकता है। नालियों का पानी सड़कों पर आता है। इसकी शिकायत किए जाने के बाद भी आज तक कुछ नहीं हुआ है।
जेपी श्रीवास्तव
नालियों से कचरा प्रतिदिन नहीं निकाला जाता है। कभी कचरा निकाला जाता है, तो उसे उठाया नहीं जाता है जिस कारण वह कचरा पुन: नाली में चला जाता है।
बृजेन्द्र सोनी
वार्ड के प्रमुख नाले को निगम ने अभी तक सही नहीं किया है। कई बार भरहुत नगर बरसात में डूब चुका है, आज तक भरहुत नाले की सही व्यवस्था नहीं की गई है।
अंजनी त्रिपाठी
भरहुत नगर के नाले में हुए अतिक्रमण के कारण वार्ड की जनता को बरसात में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। बावजूद आज तक कोई व्यवस्था नहीं की गई ।
आलोक शर्मा
वार्ड में कुछ भी व्यवस्थित नहीं है। यहां प्रमुख सड़क तक भी अतिक्रमण है। नेतागिरी के चलते इस वार्ड के प्रमख नाले में अतिक्रमण हो चुका है, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
नीरज पाण्डेय
वार्ड के मध्य से शहर का प्रमुख नाला गया है। उस नाले की दिशा वार्ड मे रहने वाले बासिदों ने अपने सुविधा को देखते मोड़ दिया है। खामियाजा भुगतने के लिए वार्ड की जनता तैयार है।
प्रदीप सोनी
इस वार्ड की गंदगी को बाहर फेंकने के लिए नाले की व्यवस्था नहीं है। वार्ड में बड़ी-बड़ी बिल्डिंग तो है लेकिन उन बिल्डिंग के पानी निकासी की सही व्यवस्था नहीं है।
कमलेश तिवारी
वार्ड में पानी की पाइप लाइन बिछाई गई है। उसे व्यवस्थित नहीं किया गया है। कहा गया था कि बिना मोटर के पानी आएगी लेकिन वह दिख नहीं रहा है। कई इलाकों में पेयजल समस्या है।
बलराम गुप्ता
वार्ड में प्रमुख समस्या पानी, बिजली एवं सड़क की है। राजनीति के चलते वार्ड में विकास के कोई काम नहीं हो रहे हैं। वार्ड के दो प्रमुख पार्कों मे एक में भाजपा का दूसरे में गंजेडिय़ों का कब्जा है।
कुंजबिहारी अग्रवाल
इस वार्ड में नाले को लेकर सभी परेशान हैं। अभी तक नाले की समस्या का हल नहीं हुआ है। बरसात में पुन: वार्ड की जनता पानी में डूबेगी। नाले की सफाई अति आवश्यक है।
श्यामलाल गुप्ता
निर्दलीय पार्षद हूं। इस कारण राजनीतिक और प्रशासनिक उपेक्षा की जा रही है। जनता हमारे साथ है। किन्हीं परिस्थितियों के कारण फिलहाल आंदोलन से बच रहे हैं, किन्तु स्थिति यही रही तो सड़क पर उतरना मजबूरी होगी।
ममता सोनी, पार्षद
Published on:
07 May 2018 06:01 pm

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