
Satna Prosecution officer submitted memorandum to Chief Minister
सतना/ अभियोजन अधिकारियों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के नाम कलेक्टर को लोक अभियोजक और अपर लोक अभियोजक के पद नियमित संवर्ग के लिए आरक्षित करने सहित 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। अभियोजन अधिकारियों ने कहा कि सेशन स्तर के न्यायालयों में लोक अभियोजक और अतिरिक्त लोक अभियोजकों के पद दिए जाएं, जिससे गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को सजा दिलाई जा सके। उत्कृष्ट प्रदर्शन से जुड़े होने के बाद भी नियमिति सेवा के इस संवर्ग अभियोजन अधिकारियों की उपेक्षा की जाती रही है।
योग्यता और अनुभव को दरकिनार कर निचली अदालतों में कार्य का अवसर दिया जाता है। बिना योग्यता के गैर नियमित संवर्ग को अस्थायी रूप से गृह जिले के भीतर ही स्थानीय स्तर पर लोक अभियोजक, अपर लोक अभियोजक के रूप में नियुक्ति दी जाती है। गैर संवर्ग के अभियोजकों पर शासन का कोई नियंत्रण नहीं होता। सिविल कंडक्ट रुल भी लागू नहीं होता। ऐसी स्थिति में पीडि़त पक्ष को नुकसान उठाना पड़ता है और सजा का प्रतिशत भी गिरता है।
11 सूत्रीय मांगों में ये भी
11 सूत्रीय मांगों में सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी का वेतनमान छठवें वेतन आयोग में ग्रेड पे तय किया जाए, लोक अभियोजक और अपर लोक अभियोजक के पद नियमित संवर्ग के लिए आरक्षित किए जाएं, संवर्ग के अधिकारियों का लंबित समयमान स्वीकृत किया जाए, जिला स्तर पर अभियोजन कार्यालय के लिए एक वाहन का बजट स्वीकृत किया जाए, स्टेशनरी-लाइबे्ररी एलाउंस प्रत्येक अभियोजन अधिकारी के लिए स्वीकृत किया जाए, संचालनालय-जिला व तहसील लोक अभियोजन कार्यालय भवन के लिए राशि स्वीकृत की जाए, ड्रेस एलाउंस 8 हजार रुपए दिए जाएं, सभी जिलों में उप संचालक स्तर के विशेष लोक अभियोजक के पद स्वीकृत किए जाएं, प्रशासनिक नियंत्रण के लिए संयुक्त संचालक और जिला स्तर पर पर्याप्त एडीपीओ पदस्थ किए जाएं, चार स्तरीय समयमान और काडर रिव्यु कर पदोन्नति डीपीओ, डीडीपी की संख्या फीडर काडर के 50 प्रतिशत करने सहित अन्य मांग शामिल हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में डीपीओ रामपाल सिंह, एडीपीओ फखरुद्दीन, हरिकृष्ण त्रिपाठी, धर्मेद्र सिंह, एडिशनल डीपीओ ज्योति जैन, एडीपीओ बृजेन्द्र नाथ शर्मा, भीष्म प्रताप सिंह, मुकेश अभिनन्दन,चेतन शाक्यवार, कमल सिंह जाटव, हुकुम चन्द्र निरंजन मौजूद थे।
अभियोजन अधिकारी संघ के खिलाफ करेंगे वैधानिक कार्रवाई...
इधर, लोक अभियोजक शासकीय अभिभाषक रमेश मिश्र ने लोक अभियोजन अधिकारी संघ सतना इकाई द्वारा कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में लगाए आरोपों पर आपत्ति जताई है। कहा कि जीपी, एजीपी की नियुक्ति पर प्रश्नचिह्न लगाना जिला एवं सत्र न्यायाधीश व जिला दंडाधिकारी के कार्यव्यवहार को प्रश्नगत करने के साथ ही अपमानित करने वाला कृत्य है। वर्ष 2005 से 2017 तक विशेष न्यायालय में भ्रष्टाचार के मामलों की मैंने खुद पैरवी की है। इस दौरान कोई आरोपी बरी नहीं हुआ। अभियोजन अधिकारी संघ के आरोप अपमानजनक हैं, संबंधितों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
28 Dec 2019 03:19 pm
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