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स्वच्छता की मुहिम दिखावा: MP के इस स्टेशन पर नहीं विकलांगों के लिए टॉयलेट

वेटिंग रूम बनाने सालभर पहले तोड़ा था
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सतना

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Suresh Mishra

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Updated: 27 Aug 2018, 12:29 PM IST

Satna railway station No toilet for disabled

Satna railway station No toilet for disabled

सतना। जबलपुर मंडल के ए ग्रेड सतना स्टेशन पर विकलांगों के लिए एक अदद टॉयलेट तक नहीं है। विकलांगों को मजबूरी में सामान्य शौचालय की ओर रुख करना पड़ता है। इससे उनकी परेशानी बढ़ जाती है। जबकि यात्रियों को दी जानी वाली सुविधाओं की सूची में विकलांग टॉयलेट होना जरूरी बताया जा रहा है। स्टेशन पर साल डेढ़ साल पहले तक प्लेटफॉर्म एक पर वेटिंग हाल के बगल में एक विकलांग टॉयलेट हुआ करता था। जिस जगह टॉयलेट था वहां एक एसी वेटिंग हाल व लेडीज वेटिंग हाल का निर्माण प्रस्तावित हुआ। उक्त भवनों का निर्माण शुरू होने पर विकलांग टॉयलेट को तोड़कर साफ कर दिया गया।

रेलवे द्वारा विकलांग टॉयलेट तोडऩे के बाद प्लेटफॉर्म पर दूसरी जगह नया शौचालय नहीं बनाया गया। इसके चलते विकलांग यात्रियों की फजीहत हो रही है। रेलवे के अधिकारियों का कहना है, दोनों वेटिंग हाल का निर्माण पूरा करने के बाद नया विकलांग टॉयलेट बनाया जाएगा। बताया गया कि दोनों वेटिंग हाल का निर्माण कार्य तय समय से आठ माह पीछे चल रहा है। एेसे में विकलांग टॉयलेट कब बनेगा, इसकी सही जानकारी रेल अधिकारियों को भी नहीं है।

जीएम के निर्देश के बाद भी नहीं खुला ताला
स्टेशन पर विकलांग शौचालय तो बनाया नहीं गया, पहले से मौजूद महिला-पुरुष शौचालयों में भी ताला जड़ा है। हैरानी की बात यह है कि रेलवे के जीएम के निर्देश के एक माह बाद भी दो शौचालयों को यात्रियों के लिए नहीं खोला गया है। स्टेशन के प्लेटफॉर्म 2-3 पर मौजूद महिला व पुरुष शौचालय में बीते कई माह से ताला जड़ा हुआ है। प्लेटफॉर्म के जबलपुर छोर पर बने इस शौचालय को रेलवे प्रबंधन द्वारा बंद किए जाने की वजह चौंकाने वाली है।

शौचालय को ही बंद कर दिया
बताया गया कि असामाजिकतत्वों के खौफ से शौचालय में कई माह पहले ताला बंद कर दिया गया। असामाजिकतत्वों से निपटने की बजाय रेलवे प्रशासन द्वारा शौचालय को ही बंद कर दिया गया। महिला-पुरुष शौचालय बंद किए जाने से दो प्लेटफॉर्म के यात्रियों के लिए दूसरा कोई टॉयलेट नहीं है। इन दो प्लेटफॉर्म के लिए इलाहाबाद छोर में सिर्फ महिला-पुरुष यूरिनल बना हुआ है। शौच करने यात्रियों को प्लेटफॉर्म एक तक जाना पड़ता है। जबकि बीते माह रेलवे जीएम ने स्टेशन के अधिकारियों को बुलाकर किसी भी स्थिति में शौचालय बंद नहीं करने के निर्देश दिए थे।

2 अक्टूबर तक सभी स्टेशनों पर दिव्यांग टॉयलेट!
स्टेशन पर पहले से बना विकलांग टॉयलेट दोबारा नहीं बना पाने में नाकाम रेलवे अब इसी साल २ अक्टूबर तक सभी स्टेशनों पर दिव्यांग टॉयलेट बनाने के दावे कर रहा है। यह दावा बीते माह सतना स्टेशन के निरीक्षण में आए रेलवे के जीएम सुनील सिंह सोइन ने किया था। स्टेशनों पर अभी इस दिशा में कार्य शुरू नहीं हुआ है।

डीलक्स शौचालय खुलने में लगेगा समय
स्टेशन पर अंदर से बाहर तक शौचालय के लिए यात्री परेशान हो रहे हैं। एक ओर जहां प्लेटफॉर्म 2-3 के दो शौचालयों में ताले लगे हैं वहीं सर्कुलेटिंग एरिया में बना डीलक्स शौचालय भी एक माह से बंद है।

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