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MP: सतना के रत्नेश ने ईरान की सबसे ऊंची चोटी में फहराया तिरंगा, 18000 फिट तय की दूरी

सतना स्मार्ट सिटी के ब्रांड एम्बेस्डर ने ऐसे किया प्रमोशन, यूएआईआई और आईआर ईरान माउंटेनियरिंग फेडरेशन के अभियान के तहत ईरान की सबसे ऊंची पर्वत चोटी दामावंद और सबालान की चढ़ाई की।

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Suresh Kumar Mishra

Oct 16, 2016

Satna ratnesh Pandey-1

Satna ratnesh Pandey-1


सतना।
दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत को फतह कर पहली बार वहां राष्ट्रगान करने वाले पेशेवर पर्वतारोही सतना के रत्नेश पाण्डेय ने अब विश्व की सबसे दुरुह और ईरान की सबसे ऊंची पर्वत श्रृंखला सबालान में फतह हासिल की है। सतना स्मार्ट सिटी के ब्रांड एम्बेस्डर रत्नेश ने इस चोटी पर सतना स्मार्ट सिटी का भी प्रमोशन किया।


अंतरराष्ट्रीय अभियान और युवा शिविर के द्वारा आयोजित यूएआईआई और आईआर ईरान माउंटेनियरिंग फेडरेशन के अभियान के तहत ईरान की सबसे ऊंची पर्वत चोटी दामावंद और सबालान की चढ़ाई की।


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झरने में खड़ी चढ़ाई

यह पर्वत लगभग 18000 फीट ऊंचे हैं। विश्व में अपनी तरह की सबसे कठिन माने जाने वाली यहां की चढ़ाई इस लिये दुरूह मानी जाती है क्योंकि यहां जमे हुए झरने में खड़ी चढ़ाई करनी पड़ती है। रत्नेश ने बताया कि उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान, मेक इन इंडिया और सतना स्मार्ट सिटी को बढ़ावा देने के लिए ईरान की सबसे ऊँची चोटियों की चढ़ाई की।


80 पर्वतारोहियों ने लिया भाग

इस अभियान में 8 अलग-अलग देशों के लगभग 80 पर्वतारोहियों ने भाग लिया। जिसमें उनके साथ 14 लोगों से सीधी कठिन चढ़ाई वाले हिस्से से माउंटेनिंग पूरी की। रत्नेश के इस अभियान का लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने फ्लैग ऑफ किया था और फ्लैग इन सतना की महापौर ममता पांडेय ने किया।


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Satna ratnesh Pandey-2

भारत से दो लोगों को मिला प्रतिनिधित्व

भारतीय पर्वतारोहण संस्थान के प्रोफेशनल माउंटेनियर रत्नेश बताते है, एवरेस्ट अभियान पूर्ण होने के बाद यह बहुत कठिन और रोचक अभियान था। जिसमें भारत की ओर से दो लोगों को ही प्रतिनिधित्व मिला। कहा, दूसरे देश में जाकर भी हमें अपनेपन का एहसास हुआ। ईरानी काफी सपोर्टिव थे। 25 दिनों का यह आभियान रोंगटे खड़े करने वाला रहा।


सतना से एडवेंचर स्पोट्र्स की शुरुआत

रत्नेश ने बताया कि प्रदेश के खेल मंत्री जल्द ही एडवेंचर स्पोट्र्स प्रमोशन अभियान शुरू करने वाले हैं और इसकी जिम्मेदारी मुझे दे रहे हैं। सतना स्मार्ट सिटी का ब्रांड एम्बेस्डर होने के कारण कोशिश होगी की इस अभियान की शुरुआत सतना जिले से हो। उन्होंने कहा कि जल्द ही लोगों को इस स्पोट्र्स के प्रति रुझान बढ़ाने यहां एडवेंचर कैम्प आयोजित किये जाएंगे जिसमें छोटे छोटे एडवेंचर स्पोट्र्स के सहारे लोगों को पर्वतारोहण और बाइकिंग की बारीकियां समझाई जाएंगी।


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नागरिक कर्तव्य प्राथमिक

रत्नेश मानते है कि स्मार्ट सिटी सतना को लेकर जो सपने देखे गये हैं उनमें अपेक्षित तेजी नहीं आ पाई है और इसके लिये प्राथमिक जिम्मेदारी नागरिक कर्तव्यों को देते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थाएं तो अपना काम करती है लेकिन नागरिकों को इसमें आगे आना होगा और पूरी सहभागिता निभानी होगी। फिर चाहे वह स्वच्छता का मामला हो या फिर विकास को गति देने का। इसके बाद संस्थागत जिम्मेदारी होगी कि वे नागरिकों की इच्छाओं और सपनों को जमीन पर तेजी से उतारे।


एक कसक ...

रत्नेश को यह भी कसक है कि उन्हें सतना स्मार्ट सिटी का ब्रांड एम्बेस्डर तो बना दिया गया लेकिन उनका वह उपयोग नहीं किया गया जो इस अभियान को प्रमोशन दे सके। उन्होंने कहा कि वे देश विदेश तमाम स्थानों पर जाते हैं लेकिन उन्हें आज तक सतना स्मार्ट सिटी के लोगो डिजाइन करके ड्रेस तक नहीं दी गई जिसे पहन कर वे स्मार्ट सिटी सतना को देश विदेश में प्रमोट कर सके। उनका मानना है कि यदि प्लान वे में प्रमोशन अभियान उन्हें लेकर चलाया जाए तो वातावरण निर्माण में काफी सहयोग मिलेगा।

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