भारतीय पर्वतारोहण संस्थान के प्रोफेशनल माउंटेनियर रत्नेश बताते है, एवरेस्ट अभियान पूर्ण होने के बाद यह बहुत कठिन और रोचक अभियान था। जिसमें भारत की ओर से दो लोगों को ही प्रतिनिधित्व मिला। कहा, दूसरे देश में जाकर भी हमें अपनेपन का एहसास हुआ। ईरानी काफी सपोर्टिव थे। 25 दिनों का यह आभियान रोंगटे खड़े करने वाला रहा।