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4 दिन की झमाझम बारिश से जमीन तरबतर, एक घंटे में पानी-पानी हुआ शहर

4 दिन की झमाझम बारिश से जमीन तरबतर, एक घंटे में पानी-पानी हुआ शहर

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satna weather in hindi

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सतना। एक माह की देरी से विंध्य में सक्रिय हुआ मानसून जमकर बरस रहा है। गत चार दिन से जिले में रुक-रुककर बारिश का दौरा जारी है। शनिवार सुबह धूप दिखने के बाद शाम को फिर आसमान में बादल घिर आए और शहर सहित जिलेभर में एक घंटे तक झमाझम बारिश कर दी। जिससे धरती तरबतर हो गई। जुलाई में बारिश की झड़ी देख किसानों के चेहरे खिल उठे। हालांकि, शहरवासी जलभराव से परेशान हैं। शनिवार को एक घंटे हुई तेज बारिश से बाजार क्षेत्र में पानी भर गया। शहर की सड़कें नाले में तब्दील हो गईं। घुटनों तक भरे पानी से लोग गुजरते रहे। कई वाहन नाला बनी सड़कों पर उतराते नजर आए।

दो दिन झमाझम के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल ने अगले दो दिन तक पूर्व मप्र में बादल छाने व बारिश का क्रम जारी रहने की संभावना व्यक्त की है। इस दौरान अगले 48 घंटे में सतना सहित संभाग के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतवानी भी जारी की गई है। इस दौरान लोगों को घरों में रहने तथा उफनाते नदी नालों को पार न करने की सलाह दी गई है।

धंस गया 20 लाख का नाला
नगर निगम में कमीशनखोरी बंद होने की कसम खा रहे ठेकेदारों ने शहर में जो निर्माण कराए हैं, उनकी गुणवत्ता की पोल पहली ही बारिश खुलने लगी। शनिवार को एक घंटे हुई बारिश ने जल निकासी के प्रबंध व ठेकेदारों द्वारा कराए गए निर्माण नाले में बहते नजर आए। राजेंद्र नगर में लाखों की लागत से निर्मित सीसी नाला पहली बारिश में धसक गया। इससे दुकानों में कैद स्थानीय व्यवसाइयों ने बताया कि इस नाले का निर्माण एक माह पूर्व ही कराया गया था। बीते सप्ताह के शुरुआत में हुई बारिश में इसका कुछ हिस्सा धंस गया था। जो बचा वह शनिवार की बारिश में धरासाई हो गया। 20 लाख की लागत से बने इस नाले के बारिश में बहने से निगम प्रशासन के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रहवासियों ने निगमायुक्त से इसकी जांच कराते हुए दोषी ठेकेदार व इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

एक घंटे में 31 मिमी वर्षा दर्ज
शहर में शनिवार की शाम सीजन की पहली जोरदार बारिश दर्ज की गई। सिविल लाइन स्थित मौसम केन्द्र में एक घंटे में कुल 31.2 मिमी बरिश दर्ज की गई, जो चालू सीजन में अब तक सर्वाधिक है। झमाझम बारिश से उत्साहित शहरवासियों की खुशी कुछ ही समय में तक काफूर हो गई जब नालियों का पानी सड़क फिर देहरी की दहलीज पार कर घर व दुकान में घुसने लगा। एक घंटे की बारिश में बाजार, बसस्टैंड शहित आधे शहर में बाढ़ के हालात निर्मित हो गए। कालोनियों में भरा पानी निकालने लोग डंडा लेकर नालियों का कचरा साफ करने में जुटे रहे। वहीं शिकायत के बाद भी निगर निगम का सफाई अमला लोगों की मदद के लिए कालोनियों में नहीं पहुंचा।

बारिश के साथ गुल हो गई बिजली
जैसे ही बारिश शुरू हुई, शहर के कई क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई। धवारी, जवाहर नगर, खुंथी, पतेरी सहित अन्य मोहल्लों में चार घंटे से ज्यादा बिजली गुल रही। मुख्त्यारगंज, पौराणिक टोला, मारुति नगर में भी यही स्थिति रही। बगहा में रात 11 बजे तक बिजली सप्लाई बाधित रही। डिलौरा में भी रात 10 बजे के बाद बिजली सप्लाई शुरू हुई। वहीं दो दिन के अंदर 500 से ज्यादा शिकायतें ऐसी हैं, जिनका निराकरण बिजली विभाग नहीं कर पाया।