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आर्थिक तंगी से जूझ रहे अभिभावकों से निजी स्कूल मांग रहे फीस

स्कूल संचालक फीस जमा करने भेज रहे मैसेज पेरेंट्स लगा रहे राहत की गुहार

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HC said, private schools will not be take fees other than tuition fees

सतना. कोरोना वायरस एवं लाकडाउन ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। उद्योग धंधे बंद हो चुके हैं। लोगों को दो वाक्त का राशन जुटाना मुश्किल हो रहा है। एेसे में बच्चों की फीस जमा करने स्कूलों से आ रहे मैसेज अभिभावकों की टेंशन बढ़ा रहे हैं। निजी विद्यालय इनमें सीबीएसई माध्यक से पढ़ाई कराने वाले स्कूल सबसे आगे हैं। लाकडाउन के दौरान आनलाइन क्लास चालू करने के नाम पर अभिभावकों से फीस की पहली किस्त जमा करने को कह रहे हैं। वहीं आर्थिक तंगी से गुजर रहे अभिभावक सरकार से तीन माह की स्कूल फीस माफ करने की मांग कर रहे हैं।
जून तक फीस वसूली पर रोक
लाकडाउन के चलते 20 मार्च से स्कूल बंद हैं। एेसे में आर्थिक तंगी से जूझ रहे अभिभावकों को राहत देते हुए स्कू ल शिक्षा विभाग ने 30 जून तक निजी स्कूलों द्वारा किसी भी प्रकार की फीस वसूली पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं स्कू ल खुलने पर कमजोर वर्ग के अभिभावकों से चार किस्तों में फीस वसूलने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। लेकिन शहर के कुछ स्कूल संचालक अभिभावकों को मैसेज कर 30 मई तक स्कूल की पहली किस्त जमा करने को कह रहे हैं।

अभिभावक बोले
हमारे दो बच्चों प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं। उनके फीस की पहली किस्त 12हजार होती है। दो माह से बेरोजगार हूं। परिवार चलना मुश्किल हो रहा है। एेसे में फीस कहा से जमा करेगे। स्कू ल प्रबंधन एवं सरकार को अभिभावकों की मदद करते हुए छह माह की फीस माफ करनी चाहिए।
सितेश तिवारी, नईबस्ती

कोरोना नामक महामारी की बजह से देश की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है नौकरी औऱ व्यापार में बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का रोजगार छिन गया है परिवार का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है,इसलिए हर स्कूल संचालक को फीस माफ कर अभिभावकों की हर संभव मदद करनी चाहिए।
एके सिंह बघेल, धवारी

कोरोना महामारी क़े चलती दो माह से धंधा चौपट हैं। हर दुकानदार की आर्थिक स्थिति दयनीय है। दुकान संचालक दुकान का किराया और बैंक की किस्त नहीं दे पा रहे हैं तो बच्चों की फीस कैसे जमा करेगे। अभी तो स्कू ल भी बंद हैं। इसलिए तीन माह की फीस माफ होनी चाहिए।
प्रवीण सिंह, सिद्धार्थ नगर

इस लॉकडाउन में हम जैसे प्राइवेट सेक्टर में जॉब करने वाले अभिभावकों को खासकर माध्यम वर्गीय परिवार के लोगो आर्थिक रूप से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है बच्चों की फीस भरना बहुत ही परेशानी व तनाव का कारण बनेगा और स्कूल के लोग फीस माफ करने से इनकार कर रहे हैं ऐसे में फीस माफ होनी चाहिए ताकि लोगो को राहत मिल सके।
पुष्पराज मिश्रा, निवासी कुआं