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सेमरी दुबे में बच्चे नहीं बता पाए सीएम का नाम

एसडीएम उचेहरा के निरीक्षण में खुली पोल

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सतना

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Sajal Gupta

Feb 01, 2019

सेमरी दुबे में बच्चे नहीं बता पाए सीएम का नाम

सेमरी दुबे में बच्चे नहीं बता पाए सीएम का नाम

सतना. कक्षा चौथी के बच्चों को अभी भी मुख्यमंत्री का नाम शिवराज सिंह ही पता है। सभी को यह जानकारी भी है कि प्रधानमंत्री मोदी हैं। यह तथ्य तब सामने आया जब एसडीएम उचेहरा साधना परस्ते ने विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। यहां बच्चों की क्लास ली। एक विद्यालय में बच्चों से मध्याह्न भोजन की जानकारी लेने पर सामने आया कि उनसे थाली जबरन धुलवाई जाती है। अच्छे से साफ नहीं होती है तो रसोइया उन्हें डांटती है। इस पर एसडीएम ने रसोइया को हटाने एवं समूह का अनुबंध निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। लगरगवां की आंगनबाड़ी में बच्चों की कम उपस्थिति पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को शोकॉज जारी करने के निर्देश दिए गए।
एसडीएम उचेहरा साधना परस्ते ने गुरुवार को ग्राम पंचायत तिघरा, सेमरी दुबे मनटोला और लगरगवां के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। विद्यालयों में पहुंच कर न केवल साफ सफाई और शैक्षणिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया बल्कि बच्चों की क्लास भी लीं। उन्होंने बच्चों से सामान्य गुणा भाग और सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछे। सेमरी दुबे मनटोला में उन्होंने सामान्य ज्ञान में बच्चों से मुख्यमंत्री का नाम पूछा तो ज्यादातर ने शिवराज सिंह बताया। इस पर शिक्षक को इस तरह की सामान्य ज्ञान की जानकारी बच्चों को देने की हिदायत दी। जब प्रधानमंत्री का नाम पूछा तो सभी बच्चों ने मोदी का नाम बता दिया। ज्यादातर बच्चों को उनके जिले के कलेक्टर का नाम नहीं मालूम था। यह जानकारी भी बच्चों को एसडीएम ने दी। इस दौरान बच्चों से नर्मदा नदी का उद्गम, प्रदेश में जिलों की संख्या, राज्य की राजधानी जैसे सरल सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछे। बच्चों से साधारण गुणा भाग भी करवाया जिसे बच्चों ने कर लिया। यहां दर्ज ४० बच्चों में ३० बच्चे उपस्थित मिले।
आंगनबाड़ी की व्यवस्था देख भड़कीं
एसडीएम ने सेमरी दुबे मनटोला की आंगनबाड़ी का भी निरीक्षण किया। यहां दर्ज ४५ बच्चों में से महज ५ बच्चे ही मिले। विद्यालय में बच्चों से मध्याह्न भोजन की जानकारी ली तो बताया गया कि रोज दाल चावल ही दिया जाता है। मीनू के अनुसार भोजन नहीं बनना पाया। बच्चों ने इस दौरान चौंकाने वाला खुलासा किया कि यहां के रसोइया द्वारा बच्चों से जबरन थाली धुलवाई जाती है। अगर थाली बहुत अच्छे से साफ नहीं होती तो रसोइया बच्चों को डांटकर दोबारा थाली धोने कहती है। इस पर कहा कि अगली अनुश्रवण समिति की बैठक में समूह का अनुबंध निरस्त किया जाएगा साथ ही रसोइया को पृथक करने की कार्रवाई की जाएगी।
लगरगवां में साफ सफाई का अभाव
एसडीएम परस्ते को लगरगवां विद्यालय परिसर में साफ सफाई का अभाव मिला। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए विद्यालय प्रबंधन को साफ-सफाई के निर्देश दिए गए। यहां भी बच्चों को मीनू के अनुसार भोजन देना नहीं पाया गया। इस पर समूह को नोटिस जारी करने का निर्णय लिया। आंगनबाड़ी के निरीक्षण में पाया कि यहां बच्चों की उपस्थिति काफी कम है। ५ अतिकम वजन के बच्चे भी मिले। पूछताछ में पता चला कि कार्यकर्ता और सहायिका द्वारा बच्चों के माता पिता से गृह भेंट नहीं की जा रही है। जिस पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को एससीएन जारी करने के निर्देश दिए गए। यहां मीजल्स और रूबेला टीकाकरण के लिए एएनएम उपस्थित मिली।
तिघरा आंगनबाड़ी में मिले एक्सीलेंट बच्चे
एसडीएम ने तिघरा आंगनबाड़ी का भी जायजा लिया। कार्यकर्ता अनुपस्थित थी। यहां मिले १० बच्चों से एसडीएम ने जब सवाल किए तो सभी ने एबीसीडी पूरी बता दी। हिन्दी और अंग्रेजी में पहाड़ा भी सुना दिया। इतना ही नहीं बच्चे बेहतरीन पेंटिंग भी बना रहे थे।
पंचायत भवन का भी निरीक्षण
लगरगवां में पंचायत भवन का भी निरीक्षण किया गया। यहां पाया गया कि ११७ किसानों में से १०७ के फार्म भरे जा चुके थे। सूची चस्पा थी। कुछ लोगों द्वारा ऋण माफी का लाभ लेने से इंकार कर दिया गया। जिस पर उनसे लिखित में लेने के निर्देश दिए गए। सचिव को आज ही सभी फार्म भरने के निर्देश दिए गए।