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मोती माला फर्जीवाड़ा करने वालों की तलाश

आरोपियों का नहीं लगा सुराग, सिविल लाइन थाना पुलिस कर रही मामले की जांच, आर्टिफिशियल गैलरी के नाम से सामने आया फर्जीवाड़ा
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सतना

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Dheerendra Kumar Gupta

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Updated: 10 Jan 2020, 10:45 PM IST

Searching for those who fabricated Moti Mala

Searching for those who fabricated Moti Mala

सतना. आर्टिफिशियल गैलरी के नाम से मोती की माला बनाने के कारोबार में सैकड़ों लोगों की बड़ी रकम लेकर फर्जीवाड़ा करने वालों का अब तक पता नहीं चल सका। गुरुवार को यह मामला पुलिस के पास पहुंचा था। जिसके बाद मामले से जुड़े कई लोगों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही पुलिस पीडि़तों की शिकायत के आधार पर एफआइआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर देगी। इस मामले को लेकर शुक्रवार को युवक कांग्रेस भी आगे आई है। युकां ने जिला प्रशासन से कड़ी कार्रवाही की मांग की है।
यह है मामला
सिविल लाइन थाना क्षेत्र की मंदाकिनी विहार कॉलोनी गढय़िा टोला में दलजीत सिंह के मकान एमआइजी 25 में आर्टिफिशियल गैलरी नाम की कंपनी का ऑफिस था। जब दफ्तर में ताला लगा मिला और यहां कारोबार करने वाले भी अपने घरों में नहीं मिले तो लोगों को संदेह हुआ कि कंपनी सबका पैसा लेकर भाग गई है और तब मामला थाने पहुंचा। यह कंपनी लोगों से पैसा लेती थी और उसके बदले उन्हें माला बनाने के लिए मोती देती थी। सौ मोतियों से एक माला तैयार होती थी। इस एक माला पर 10 रुपए बनवाई दी जाती थी। एक रुपए प्रति मोती के हिसाब से मोती दिया जाता था। यानी एक हजार रुपए में एक हजार मोती मिलते थे। एक हजार मोतियों से 10 मालाएं तैयार होती थी। 10 मालाओं पर 10 रुपए प्रत्येक की दर से सौ रुपए की आमदनी होती थी। इस फार्मूले पर काम करते हुए सबसे पहले कंपनी ने आम आवाम के बीच अपना विश्वास जमाया। जब कंपनी से लोग जुडऩे लगे तब कंपनी ने एक दूसरे को जोडऩे वाला फंडा इस्तेमाल किया। नेटवर्क मार्केटिंग की तर्ज पर कंपनी ने अपने ग्राहकों और निवेशकों की लंबी चैन तैयार कर ली। निवेशकों ने न्यूनतम एक हजार रुपए से लेकर एक लाख रुपए और इससे अधिक तक की रकम जमा की थी।
मालिक के साथ सब गायब
आर्टिफिशियल गैलरी नाम की कंपनी के खिलाफ ठगी की शिकायत लेकर सिविल लाइन थाने पहुंची भीड़ ने बताया था कि यहां ऑफिस में महिला पुरुष मिलाकर लगभग डेढ़ दर्जन कर्मचारी काम करते थे। निधि और काजल मैडम सहित कई अन्य कर्मचारी यहां काम करते थे। इन कर्मचारियों के मुखिया का नाम राजेश तिवारी था। अब राजेश समेत यहां काम करने वाले किसी भी व्यक्ति का पता नहीं है कि वह सब कहां चले गए।
आगे आई युवक कांग्रेस
लाखों का फर्जीवाड़ा करने के मामले में अब आरोपियों पर कार्रवाही के लिए पीडि़तों के पक्ष में युवक कांग्रेस आगे आई है। आर्टिफिशियल गैलरी चलाने वाले राजेश तिवारी के खिलाफ युवक कांग्रेस ने जिला प्रसाशन को ज्ञापन देते हुए जल्द से जल्द कार्रवाही की मांग की है। युकां के प्रदेश सचिव अरुण पांडेय, संदीप गौतम, अध्यक्ष आनंद पांडे, महासचिव मौसम सिंह परिहार समेत अन्य ने पीडि़तों के साथ जिला संयुक्त कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसडीएम पीएस त्रिपाठी को ज्ञापन दिया।